अर्श हिता के फायदे, नुकसान और प्रयोग
अर्श हिता टेबलेट अर्श में होने वाली ब्लीडिंग, खुजली, दर्द, सूजन आदि में राहत देता है। यह दवा पाचन और भूख को बेहतर बनाती है और अर्श में राहत देती है।
अर्श हिता टेबलेट अर्श में होने वाली ब्लीडिंग, खुजली, दर्द, सूजन आदि में राहत देता है। यह दवा पाचन और भूख को बेहतर बनाती है और अर्श में राहत देती है।
डोमस्टाल को यदि उलटी के लिए प्रयोग किया जा रहा हो तो इसे केवल एक सप्ताह तक ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
इस प्रकार चौंसठप्रहरी पीपल के निर्माण के लिए पिप्पली का इसके रस में करीब १९२ घंटे तक मर्दन किया जाता है और फिर सुखा कर पीस करके के सुरक्षित कर दिया जाता है।
पिप्पली चूर्ण पाचक पित्त को बढाता है और आँतों की सफाई में भी मदद करता है। यह शरीर के अधिक कफ को भी नष्ट करता है।
त्रिवंग भस्म को मधुमेह diabetes, प्रमेह, मूत्रपिंड, मूत्रवाहिनी के रोग, वीर्य का स्वतः ही स्राव हो जाना, गर्भ की कमजोरी, शारीरिक कमजोरी आदि के इलाज़ के लिए प्रयोग किया जाता है।
मधुमेहारी योग, श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार आयुर्वेदिक दवा है जिसका प्रयोग मधुमेह या डायबिटीज diabetes के उपचार में किया जाता है।
टाइप 2 मधुमेह अक्सर किसी कारणवश इन्सुलिन insulin के कम बनने से, सेल्स का इन्सुलिन के प्रति क्रियाशील न होने पर, मोटापे के कारण और उम्र बढ़ने के साथ हो सकता है। टाइप 2 डायबिटीज, टाइप 1 की तुलना में कहीं अधिक आम है।
आमवातारि रस का प्रयोग बहुत से वात-रोगों के उपचार में होता है। इसका सेवन जोड़ों की जकड़न, दर्द, सूजन आदि में आराम देता है। आमवात आयुर्वेद में रयूमेटोइड आर्थराइटिस को कहा जाता है और आमवातारि रस इसकी अच्छी औषधि है।
मधुमेह में अलग-अलग प्रकार के फल, सब्जियों और साबुत अनाज खाने चाहिए। वसा, चिकनाई, मीठे पदार्थों, चीनी, मिश्री, गुड, शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए।