लूझ (लूज़ सिरप) उपयोग, साइड-इफेक्ट्स और कब नहीं लें

लूझ (लूज़ सिरप) को जीर्ण या बार बार होने वाली कब्ज, हेपेटिक एन्सेफेलोपैथी, जिगर की विफलता की वजह से असामान्य मस्तिष्क कार्य और अन्य स्थितियों के उपचार के में प्रयोग किया जाता है। लूज़ सिरप में लैक्टुलोज है जो एक

प्रवाल पिष्टी तथा प्रवाल भस्म के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

प्रवाल पिष्टी तथा प्रवाल भस्म को मूंगे (अंग्रेजी में कोरल) से तैयार किया जाता है और दोनों में ही एक जैसे गुण पाए जाते हैं। पिष्टी को बनाने में आग का प्रयोग नहीं होता जबकि भस्म आग के इस्तेमाल से

एल्यूमीनियम के बर्तन में खाना क्यों नहीं पकाएं

समय के साथ नए प्रकार के बर्तनों ने भी किचन में जगह ले ली है। आजकल बहुत से लोग खाना पकाने के लिए एल्यूमीनियम या हिंडलियम (एल्यूमीनियम मैग्नीशियम, मैंगनीज, क्रोमियम और सिलिकॉन इत्यादि के मिश्र धातु) से बने पैन, कढाही

जानिये ताम्र भस्म के नुकसान

आयुर्वेद में धातुओं की भस्म का अत्यधिक महत्व है और आयुर्वेदिक फोर्मुलों में इनका काफी प्रयोग किया जाता है। तांबे के पाउडर, छोटे टुकड़े, या बहुत पतली चादरों के रूप में कॉपर, ताम्र भस्म बनाने की प्रारंभिक सामग्री है। कई

ताम्र भस्म के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

ताम्र भस्म को तांबे जिसे इंग्लिश में कॉपर कहते हैं, से तैयार एक आयुर्वेदिक दवा है जिसे जलोदर, लिवर रोग, अस्थमा, खून की कमी, पुराने श्वशन के रोग, लिवर स्प्लीन बढ़ जाना, पीलिया, खून की कमी, कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा स्तर,

चन्दनासव के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

चन्दनासव, शुक्रमेह, पेशाब में जलन, हृदय रोग, ताकत की कमी, इम्युनिटी की कमी, वज़न गिरना, पाचन की कमजोरी आदि में दी जाने वाली आयुर्वेदिक दवा है। चंदनासव एक स्वास्थ्य टॉनिक है। इस दवा तासीर में ठंडी है और शरीर में

सहदेवी का पौधा की जानकारी और लाभ

सहदेवी के पौधे के आयुर्वेदिक औषधीय गुण, फायदे, नुकसान और प्रयोग की जानकारी। पारम्परिक रूप से इसे जख्म उपचार, अस्थमा, डाइसेंटरी, दस्त आदि में दिया जाता है।

महावात विध्वंसन रस का उपयोग

महावत विध्वंसन रस एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवाई है जिसे गंभीर और कठिनाई से ठीक होने वाले वात विकारों जैसे कि असामान्य तंत्रिकादर्द, मिर्गी, पक्षाघात, गठिया, रूमेटोइड गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, आदि में दिया जाता है। यह बहुत ज़रूरी हैं कि

लिंग की शिथिलता का आयुर्वेदिक उपचार

लिंग की शिथिलता या इरेक्शन होने में असफलता (ईडी) वह समस्या है जिसमें पुरुष सेक्स के दौरान इन्द्रिय में कड़ापन नहीं बनाए रख पाता। यह एक आम समस्या है, खासकर 40 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में। ईडी के