कर्पूरासव के फायदे, नुक्सान, खुराक और अन्य जानकारी

जानिये आयुर्वेदिक दवा कर्पूरासव के दस्त और कफ रोगों में उपयोग और सेवन करने का तरीका।

कर्पूरासव Karpoorasava (Karpurasava) मुख्य रूप से विसूचिका और अतिसार की चिकित्सा की दवा है। इस दवा का प्रमुख घटक देसी कपूर है। कर्पूरासव को कुछ बूंदों की मात्रा में लेते है। इसकी 5 से 10 बूंदों को दस्त विसूचिका, असाइटिस और कफ रोगों में दिया जाता है।

कर्पूरासव बनाने के लिए अल्कोहल में औषधीय जड़ी बूटी के मिश्रण, को एक एयर टाइट कंटेनर में कुछ समय तक रखा जाता है। कुछ समय बाद इसे फ़िल्टर करते हैं।

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कर्पूरासव की खुराक | Dosage of Karpurasava in Hindi

कर्पूरासव को भोजन के बाद दिन में दो बार 5 -10 बूंदूं की मात्रा में लें। कोलेरा में, तीव्र लक्षण कम होने तक हर 30 से 60 मिनट के बाद खुराक दोहराया जाता है। गंभीर मामलों में, शुरुआत में 20 बूंदों तक खुराक बढ़ाया जा सकता है। जैसे ही रोगी को गंभीर लक्षणों से राहत मिलती है, खुराक कम की जाती है।

पीने के लिए उबला हुआ और ठंडा पानी लें। 5 साल से कम उम्र के बच्चे को नहीं दें और 5 साल की उम्र से ऊपर के बच्चों में प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

कर्पूरासव के फायदे | Benefits of Karpurasava in Hindi

कर्पूरासव पाचक, एंटीडाईरियल, एंटी कोलेरा, वमनरोधी, कार्डियक उत्तेजक और एनाल्जेसिक है। इसके सेवन से हैज़ा, दस्त, उल्टी और मन्दाग्नि में लाभ देखा जाता है।

हैजे में लाभ करे

कर्पूरासव, कोलेरा के बैक्टीरिया के खिलाफ कार्य करता है जिससे यह यह कोलेरा के शुरुआती मामलों में अधिक प्रभावी है।

दांत दर्द को करे कम

कर्पूरासव, को रूई में दाल कर दांत पर रखने से दांत का दर्द कम हो जाता है।

कर्पूरासव के साइड इफेक्ट्स | Karpurasava side effects in Hindi

कर्पूरासव से कुछ संभावित साइड इफ़ेक्ट नीचे दिए जा रहे हैं:

  • पेशाब में जलन
  • पेट में जलन
  • पेट में दर्द
  • चक्कर आना आदि।

कर्पूरासव के संकेत | Karpurasava medicinal uses in Hindi

कर्पूरासव कफ विकारों का प्रबंधन करती है।। यह विसूचिका गैस्ट्रो-एंटरटाइटिस कोलेरा और अपचन में फायदेमंद है। यह डायरिया में लाभप्रद है।

  • दस्त
  • गैस्ट्रो-एंटरटाइटिस
  • उदररोग
  • कफ-विकार

विपरीत संकेत

  • इसकी अधिक खुराक के परिणामस्वरूप गैस्ट्र्रिटिस और संबंधित अन्य शिकायतें हो सकती हैं।
  • गर्भावस्था और स्तनपान के दुरान नहीं लें।
  • इस दवा को केवल चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत लें ।

कर्पूरासव की मुख्य सामग्री

  • प्रसन्ना 4.800 लीटर
  • कपूर 384 ग्राम
  • एला 48 ग्राम
  • मोथा 48 ग्राम
  • सोंठ 48 ग्राम
  • यवनी 48 ग्राम
  • काली मिर्च 48 ग्राम
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