शीघ्रपतन Premature ejaculation Home Remedies, Medicines and Tips in Hindi

शीघ्रपतन shighrapatan वह मेडिकल कंडीशन है जिसमें सेक्स के दौरान वीर्य का स्खलन अचानक और बहुत जल्दी हो जाए और पुरुष रोकना चाहकर भी वीर्यपात रोक न सके। तो समय से पहले वीर्य का स्खलित हो जाना शीघ्रपतन है। इस कंडीशन को इंग्लिश में प्रीमेच्यूर एजाकुलेशन कहते हैं। यह केवल पुरुषों में होती है और सेक्स से सम्बंधित है।

शीघ्रपतन एक वीर्यरोग है। समागम से पूर्व अथवा तुरंत बाद वीर्य स्खलित होना शीघ्रपतन का लक्षण है। यह पुरुषों में पायी जाने वाली कॉमन प्रॉब्लम है और कोई बीमारी नहीं है। करीब हर तीन पुरुष में से एक, इस स्थिति से कभी न कभी प्रभावित होता है। यह बहुत अधिक एक्साइटमेंट अथवा अन्य किन्ही शारीरिक कारणों से हो सकता है।

Persistent or recurrent ejaculation with minimal sexual stimulation before, on, or shortly after penetration and before the person wishes causing bother or distress.

PE is defined as ‘the inability to delay ejaculation sufficiently to enjoy lovemaking, which is manifested by either an occurrence of ejaculation before or very soon after the beginning of intercourse (if a time limit is required: before or within 15 seconds of the beginning of intercourse) or ejaculation occurs in the absence of sufficient erection to make intercourse possible.

Premature ejaculation is a male sexual dysfunction characterised by ejaculation which always or nearly always occurs prior to or within about one minute of vaginal penetration; and inability to delay ejaculation on all or nearly all vaginal penetrations; and negative personal consequences, such as distress, bother, frustration and/or the avoidance of sexual intimacy.

पर्याय: शीघ्र शुक्र स्खलन, Premature ejaculation PE

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शीघ्रपतन के कारण

शीघ्रपतन होने के कारणों में शामिल है

  • इमोशनल फैक्टर्स
  • एंग्जायटी, स्ट्रेस
  • ब्रेन में कुछ केमिकल का कम होना
  • बहुत ज्यादा उत्तेजित होना
  • प्रोस्ट्रेट या पेशाब का कोई रोग
  • किसी अन्य रोग जैसे की डायबिटीज, प्रोस्ट्रेट में सूजन, उच्च रक्तचाप आदि का लक्षण
  • मादक पदार्थों का सेवन
  • संबंधों में समस्या

शीघ्रपतन का घरेलू उपचार Home Remedies for Premature Ejaculation

शीघ्र पतन में उपयोगी कुछ घरेलू उपचार नीचे दिए गए हैं:

  1. गोखरू, तालमखाना,केवांच के बीज, शतावर, अतिबला, नागबला की बराबर मात्रा ले लें। इन्हें बारीक पीस लें और कपड़े का प्रयोग करते हुए छान लें। इस बने हुए चूर्ण को एक डब्बे में रख लें। इस चूर्ण को दो से तीन ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम दूध में मिश्री मिलाकर लें। इसे भोजन करने के दो घंटे बाद लेना चाहिए। इसका सेवन दो-तीन महीने लगातार करने से उत्तम परिणाम मिलता है। यह कामोत्तेजक, नसों को ताकत देना वाला, बल की वृद्धि करने वाला और वीर्यवर्धक है। यह वीर्य को गाढ़ा करता है और शीघ्रपतन की समस्या को अपने बलवर्धक, वीर्यवर्धक और कामोत्तेजक गुण से जड़ से दूर करता है। इसमें पड़े सभी द्रव्य आयुर्वेद के जाने माने वाजीकारक हैं।
  • बादाम को रात में पानी में भिगो दें। सुबह इसका छिलका निकाल कर, पत्थर पर घिस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में 4-5 काली मिर्च, 2 ग्राम सोंठ और मिश्री का बारीक पेस्ट मिला दें। इसको चाट कर लें और फिर दूध पी लें। ऐसा २ महीने तक लगातार करें।
  • बरगद, जिसे वट वृक्ष भी कहते हैं के लाल और पूरे तरह से पके फलों को उसकी डालों से तोड़ लें। गिरे हुए फलों का प्रयोग न करें। उन्हें कपड़े पर बिछा कर छाया में सुखा लें। इनका चूर्ण बना लें और मिश्री को पीस कर बराबर मात्रा में मिला लें। इस चूर्ण को पांच ग्राम की मात्रा में प्रातः और सायं दूध के साथ लें।
  • तुलसी – ऑसीमम सैक्टम की जड़ औए मिश्री से बना चूर्ण दूध के साथ एक दो ग्राम की मात्रा में लेने से शीघ्रपतन की समस्या में आराम होता है।
  • बबूल के पत्ते, फूलों, छाल, फली और गोंद को सुखा कर बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह खाली पेट दो से दस ग्राम की मात्रा में पानी में लेना चाहिए।
  • बराबर मात्रा में अश्वगंधा, मुलेठी, तालमखाना, विधारा, और मिश्री को पीस कर, कपड़छन कर चूर्ण बनाकर रख लें। इसे पांच ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लें। मुलेठी का प्रयोह उच्च रक्तचाप और द्रव्य प्रतिधारण में नहीं करना चाहिए।
  • अश्वगंधा, बला और विदारी को पीस कर, कपड़छन कर चूर्ण बनाकर रख लें। इस चूर्ण को आधा टीस्पून की मात्रा में बकरी के दूध के साथ लें। बकरी का दूध न हो तो गाय के दूध के साथ लें।
  • जिन्सेंग चूर्ण Ginseng Powder को आधा टीस्पून की मात्रा में दोपहर और रात्रि भोजन के बाद दिन में दो बार लें।
  • दस बादाम रात में भिगो लें। सुबह इन्हें छील लें। ब्लेंडर में गाय के दूध के साथ इसे बारीक पीस लें। एक कप दूध में इसे मिलालें और सोंठ, इलाइची और केसर मिला कर सुबह पियें।
  • प्रोस्ट्रेट ग्लैंड में यदि परेशानी है prostatitis, तो इसकी कैस्टर आयल से मालिश करें।
  • बीस मिलीलीटर तिल के तेल में दस बूँद सरसों का तेल मिला कर रख लें। इस तेल का प्रयोग पेनिस की मालिश करने में करें। मालिश समागम से एक घंटे पहले करें और सेक्स से पहले पेनिस को धो लें।
  • स्टार्ट – स्टॉप मेथड The “stop and start” method अपनाएँ। इस तकनीक में पुरुष को उसकी पार्टनर सेक्सुअली स्टीमुलेट करती है। जैसे ही लगता है वह चरम पर पहुँचने वाला है स्टीमुलेशन को 30 सेकंड के लिए रोक देते हैं और फिर इसे फिर से शुरू करते हैं। इस स्टॉप-स्टार्ट को कई बार करते है जब तक की पुरुष अपनी इच्छा से चरम पर पहुँचाना चाहता हो।
  • स्क्वीज मेथड The “squeeze” method अपनाएँ। इस तकनीक में पुरुष जब सेक्सुअली स्टीमुलेट होता है और उसे जैसे ही लगता है वह चरम पर पहुँचने वाला है तो उसके पार्टनर को पेनिस (ग्लांस और शाफ़्ट के मिलने वाली जगह) को हल्के से कुछ सेकेण्ड दबाकर रखना चाहिए। थोड़ी देर में प्रक्रिया को फिर से करना चाहिए।
  • कंडोम को लगाकर सेक्स करने से भी एजाकुलेशन का समय बढ़ जाता है।
  • गहरी सांस लें और रुक जाएँ।

उपयोगी जड़ी-बूटियाँ

जड़ी-बूटियाँ जो शीघ्रपतन में उपयोगी हैं

  1. Gokhru(गोखरू) Information, Benefits and Uses
  2. Safed Musli सफ़ेद मुसली Details, Benefits and Medicinal Uses
  3. कौंच Kaunch (Mucuna pruriens)
  4. मेथी Methi (Fenugreek) Information, Uses and Cautions
  5. जायफल के औषधीय प्रयोग और दुष्प्रभाव Nutmeg
  6. अर्जुन वृक्ष जानकारी और प्रयोग Arjun Tree
  7. पिप्पली Pippali
  8. शिलाजीत Shilajit Details

आयुर्वेदिक दवाएं Ayurvedic Medicines for Premature Ejaculation

  1. अश्वगंधा चूर्ण Ashwagandha Churna
  2. अश्वगंधा पाक Ashwagandha Pak Detail and Uses
  3. कामदेव चूर्ण Kamdev Churna Detail and Uses
  4. कौंच पाक Kaunch Pak Detail and Uses
  5. गोक्षुरादि गूग्गुलु Gokshuradi Guggulu Details and Uses
  6. गोक्षुरादि चूर्ण Gokshuradi Churna
  7. Chandraprabha Vati चंद्रप्रभा वटी Details
  8. धातुपौष्टिक चूर्ण Dhatupaushtik Churna Detail and Uses
  9. निद्रोदय रस Nidrodaya Rasa
  10. मकरध्वज गुटिका Makardhwaj Gutika Detail and Uses
  11. मदन प्रकाश चूर्ण Madan Prakash Churna Detail and Uses
  12. मन्मथ रस Manmath Ras Detail and Uses
  13. मूसली चूर्ण Safed Musli Churna
  14. वानरी कल्प Vanari Kalpa Detail and Uses
  15. सांडू विमफिक्स शक्तिवर्धक और स्फूर्तिदायक Vimfix Detail and Uses
  16. सुपारी पाक Supari Pak
  17. बैद्यनाथ वीटा-एक्स गोल्ड स्वर्ण युक्त Baidyanath Vita-Ex Gold Capsules Detail and Uses
  18. हिमालया कॉन्फीडो Himalaya Confido
  19. Divya Shilajeet Rasayan Vati दिव्य शिलाजीत रसायन वटी
  20. दिव्य यौवनामृत वटी – Divya Yauvanamrit Vati
  21. ऊँझा मकरध्वज वटी Makardhwaj Vati
  22. चरक निओ Charak Neo Tablet
  23. शिलाप्रवंग Shilapravang Dhootapapeshwar

टोपिकल क्रीम

  1. मल्ल तैल Malla Taila (Oil) Detail and Uses
  2. श्रीगोपाल तैल Shri Gopal Taila (Oil) Detail and Uses
  3. मैनफोर्स स्टेलोंग जेल Manforce Staylong Gel Detail and Uses

यूनानी दवाएं

  1. Majun Ispand Sokhtani / Majun Aspand Sokhtani
  2. Majoon-e-Piyaaz
  3. Majoon-e-Supaari Paak
  4. Majoon-e-Falaksair
  5. Jawarish-e-Kundur
  6. Habb-e-Jadwaar

कुछ उपयोगी टिप्स

  1. आयुर्वेद में इसे वात का रोग तथा वीर्य में अधिक गर्मी का रोग बताया गया है। इसलिए वातदोष को संतुलित करें।
  2. बहुत अधिक ठंडी चीजों जैसे की आइसक्रीम, बर्फ, कोल्ड ड्रिंक्स आदि का सेवन न करें।
  3. चीनी का बहुत अधिक सेवन न करें।
  4. ठंडे वातावरण में न रहें।
  5. बहुत अधिक मात्रा में कच्चे भोजन और जूस का सेवन न करें।
  6. धुम्रपान, अल्कोहल, तथा कॉफ़ी, ठन्डे जमे खाने का सेवन न करें।
  7. लहसुन का सेवन न करें।
  8. संतरे का रस पियें।
  9. योग करें, गुस्सा न करें और प्राणायाम नियमित करें।
  10. व्यायाम करें।
  11. समागम के तुरंत बाद ठन्डे पानी का प्रयोग न करें।
  12. कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करें।
  13. शुगर लेवल / डायबिटीज को कण्ट्रोल करें।
  14. यदि लम्बे समय से PE है तो यह डिप्रेशन, डायबिटीज, हृदय रोग, एंग्जायटी आदि का लक्षण हो सकता है।
  15. सही कारण का पता लगाने की कोशिश करें जिससे सही उपचार हो सके।
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