Gokhru(गोखरू) Information, Benefits and Uses in Hindi

गोखरू को बहुत से नामों से जाना जाता है। इसे गोक्षुर, त्रिकंटक, क्षुरक, स्वादुकंटक, गोखरू काटा आदि भी कहते हैं। इसके फलों पर कांटे के समान रचना होती है जिस कारण से इसे त्रिकंटक कहते है। इसकी जड़, दशमूल dashmool समूह की एक घटक है। औषधीय प्रयोग के लिए इसके सूखे बीजों और जड़ का प्रयोग होता है। English Version of Gokharoo

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गोखरू के बीज ठंडक देने वाले, मूत्रवर्धक, मुत्रशोधक, टॉनिक, शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक और कामोद्दीपक aphrodisiac होते है और इसका प्रयोग विविध रोगों के उपचार में किया जाता है जैसे की सांस की बिमारी, वात रोग, बवासीर आदि।

gokhru

Gokhru is used in Ayurveda for treatment of urinary disorders, kidney diseases, diseases of the genito-urinary system, stones and impotence. It is used for regulation of heart functions, reduction of inflammation, indigestion, chronic cough and urinary problems. It improves vitality and vigor. Classical formulations containing Gokshur are: Gokshuradi churan, Gokshuradyavleha, Gokshuradi gugglu, and Gokshuradi kwath.

Botanical Name: Tribulus terrestris ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस

Family: Zygophyllaceae ज़ाइगोफाइलिई

Parts used: Fruit, Roots & whole plant

Vernacular Names

  • SANSKRIT : गोक्षुरा, गोक्षुराका, क्षुद्रा(लघु) गोखरू, श्वदंष्ट्रा, स्वादु-कंटका, त्रिकंटका
  • ASSAMESE : Gokhurkata, Gokshura
  • BENGALI : Gokhri, Gokshura गोखरी, गोक्शूरा
  • ENGLISH : Caltrops fruit कैलट्रोप्स
  • GUJRATI : Bethagokharu, Mithagokhru, Nanagokharu बेतागोखारू, ननगोखारू
  • HINDI : Gokhru गोखरू Chota Gokhru गोखरू या गोक्षुर
  • KANNADA : Neggilamullu, Neggilu, Sannaneggilu नेगगिलमुल्लू, नेगगिलु, सन्नानेगगिलु
  • KASHMIRI : Pakhda, Michikand पखड़ा, मिचिकंड
  • MALAYALAM : Nerinjil
  • MARATHI : Gokharu, Sarate गोखारू, सराते
  • ORIYA : Gokhyura, Gukhura गोखयूरा, गुखुरा
  • PUNJABI : Bhakhra, Gokhru भखरा, गोखरू
  • TAMIL : Nerinjil, Nerunjil नेरींजील, नेरूंजील
  • TELUGU : Palleru Kaya पल्लेरु काया
  • URDU : Khar-e-Khasak Khurd खार-ए-ख़ासक खुर्द

Plant Description

A small creeping herb, all parts are clothed with hairs. Leaves pinnate compound opposite leaflets 4-7 points oblique and hairy flowers small axillary of yellow colour. Fruit stalked, light or greenish yellow, five ribbed or angled, more or less spherical in structure and covered with short stiff or pubescent hairs, 1 cm in diameter with five pairs, of prominent short stiff spines, pointed downwards, about 0.5 cm in length, tips of spines almost meet in pairs whole together forming pentagonal framework around fruit, ripe fruit separates into five segment, of each cocci and each appears as single-fruit, each coccus semi-lunar or plano-convex in structure one chambered, armed with a pair of spines, starting from its middle, containing four or more seeds, taste, slightly astringent.

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गोखरू पौधा एक खरपतवार की तरह सड़क के किनारे, छोड़े हुए मैदानों में, अन्य अपशिष्ट स्थानों मुख्यत गर्म, शुष्क और रेतीले क्षेत्रों में पाया जाता है। यह स्वं उगने वाली वनस्पति है। इसके पौधे के पत्ते चने की पौधे के पत्ते जैसे होते हैं। इसका तना कोमल और सफेद रोमों युक्त होता है। इसकी जड़े पतली, और करीब ५ इंच लम्बी होती हैं। गोखरू के फूल पीले रंग के पाच पंखुड़ी वाले कांटो युक्त होते हैं। इसके फल छोटे और पाचदल वाले काँटों से घिरे होते हैं। इसके सूखे बीजों में सुगन्धित तेल होता है।

गोखरू की दो जातियां होती हैं बड़ा गोखरू और छोटा गोखरू। औषधि के रूप में छोटा गोखरू प्रयोग होता है। औषधि के रूप में पौधे की जड़ और फल का प्रयोग होता है।

Constituents घटक

पोटाशियम नाइट्रेट, स्टेरोल्स, सपोजेनीन, पयरोकेटोने रिंग, गीटोजेनीन आंड हेकोजेनीन

आयुर्वेदिक गुण Ayurvedic Properties

  • रस (स्वाद): मधुर
  • गुण (विशेषताएँ): गुरु/भारी, स्निग्ध/चिकना
  • वीर्य (शक्ति): शीत/ठंडा
  • विपाक (पाचन के बाद प्रभाव): मधुर

आयुर्वेद में गोक्षुरु को अर्श, श्वास, कमजोरी, हृदय रोग, कास, मूत्र कृच्छ, पथरी, और प्रमेह के इलाज में प्रयोग किया जाता है।

Dosage of Gokhru Powder

गोखरू के चूर्ण की सेवन मात्रा ३-५ ग्राम है।

चिकित्सीय प्रयोग Therapeutic Uses Gokhru

गोखरू बीज रसायन, मुत्रजनक, स्निग्ध और वृष्य होता है। इसके बीज का क्वाथ मूत्रकृच्छु painful micturition में किया जाता है। यह मुत्रवर्धन कर दर्द दूर करता है।

Gokhru is cooling, diuretic, tonic, and aphrodisiac. It is beneficial in both male and female, urinary system and reproductive system ailments like for impotence, venereal diseases, sexual debility, low sperm count, dysuria (painful micturition).

गोखरू मूत्रकृच्छु, सूजाक, एवं मूत्रदोषवाली बिमारियों में इस्तेमाल किया जाता है।

इसके सेवन से मूत्रवेग धारण शक्ति, स्वप्न दोष, पुरुष जनेंद्रियों से सम्बंधित रोगों में फायदा होता है।

गोखरू घातु विकारों को दूर कर कामशक्ति को बढाता है। धातुस्राव, प्रमेह, और यौन विकारों में इसके बीजों का चूर्ण अत्यंत प्रभावकारी है। इसी कारण इसका प्रयोग ताकत और सेक्सपवारवर्धक दवाइयों में किया जाता है। गोखरू चूर्ण के सेवन से सेक्स कमज़ोरी दूर होती है। इसके प्रयोग से वीर्य गाढ़ा होता है और कामोत्तेजना में वृध्दि होती है।

Gokhru has stimulating effect on spermatogenesis by increase in the amount of Luteinizing Hormone (LH) produced by Pituitary gland, which stimulate e the secretion of male hormone ‘Testosterone’, resulting in significant improvement in quality and quantity of sperm.

Medicinal Uses of Gokhru

  • नपुंसकता impotence arising from bad practice में, बराबर मात्रा में गोखरू के बीज का चूर्ण और तिल के बीज sesame seeds powder के चूर्ण, को बकरी के दूध और शहद के साथ दिया जाता है।
  • धातु की कमजोरी में इसके ताजे फल का रस 7-14 मिलीलीटर या 14-28 मिलीलीटर सूखे फल के काढ़े, को दिन में दो बार दूध के साथ लें।
  • धातुस्राव, स्वप्नदोष nocturnal fall, प्रमेह, कमजोरी weakness, और यौन विकारों sexual disorders में 5 ग्राम गोखरू चूर्ण को बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें।
  • यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए, गोखरू, शतावर, नागबला, खिरैटी, असगंध, को बराबर मात्रा में कूट कर, कपड़चन कर लें और रोज़ १ छोटा चम्मच दूध के साथ ले। इसको ४० दिन तक लगातार लें।
  • Gokhru aphrodisiac action due to the presence of Saponinn.
  • सुजाक sujak में, गोखरू पौधे के हरे पत्ते (१० ग्राम), ककड़ी के बीज (६ ग्राम), और २-३ काली मिर्च को पीस कर अच्छी तरह घोंट ले और पानी के साथ पीना चाहिए।
  • अश्मरी urinary stones में 5 ग्राम गोखरू चूर्ण (फल का पाउडर) शहद के साथ दिन में दो बार, पीछे से गाय का दूध लें।
  • मूत्रकृच्छ painful urination में 5g गोखरू चूर्ण को दूध में उब्बल कर पीने से आराम मिलता है। यह मूत्र की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है और सूजन कम करता है।
  • मूत्रघात urinary retention में 3-6 ग्राम फल का पाउडर, पानी के साथ दिन में दो बार लें।
  • रक्तपित्त में गोखरू के फल को 100-200 मिलीलीटर दूध में उबाल कर दिन में दो बार लें।
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22 thoughts on “Gokhru(गोखरू) Information, Benefits and Uses in Hindi

  1. Tribulus use for bodybuilding and testosterone buster also use in muscle gain. if true so how can use Himalaya tribulus tablet. please must reply . I thank full to u

  2. Agar mein iska savn shilajit aur ashwagandha k sath Karu to iska you side effect to nai hai aur kya yeah testosterone boost Karen ka bhi kam karta hai

    • कृपया जांच कराएं. प्रोस्ट्रेट के बढ़ जाने पर / मूत्र मार्ग में किसी तरह की रुकावट अथवा मूत्र मार्ग के अन्य रोग के कारण से ऐसा हो सकता है. पेशाब में जलन का मतलब है, पेशाब ब्लैडर में काफी देर रुका रहता है. जांच अवश्य करा लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पियें. मूत्रल दवा के प्रयोग से लक्षणों में आराम हो जाएगा पर सही कारण को जानने की कोशिश करे.

  3. I started taking Gokhru powder (2 gms) daily in the morning with plain water. After a month my hairfall has increased. Is it because of Gokhru?.

  4. Kya yeah body building ke liya liya jata hai. Agar liya jata hai toh kaise aur kab aur kitna liya jata hai please details main batye

    Thanks

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