Jirakadyarishta जीरकाद्यारिस्ट Details and Uses in Hindi

जीरकाद्यारिस्ट आयुर्वेदिक दवा है। यह एक OTC दवा है और ये बिना दोस्तो की प्रेस्क्रिप्शन के ली जा सकती है. इस दवा का मुख्या घटक जीरा या क्यूमिन सीड्स है. जीरा एक मसाला भी और आमतौर पर लगभग हर रसोई में मिलता है. जीरा पाचन और श्वसन विकारों में आम तौर पर इस्तेमाल होता है.

Medicinal Uses of Jamun tree जामुन in Hindi

Jamun medicinal Uses

जामुन एक फल होने के साथ-साथ एक दवा भी है. इसका प्रयोग मुख्यतः मधुमेह रोग में होता है. औषधीय रूप में इसके ताज़ा फल fresh fruits, गुठली का पाउडर seed powder, जामुन का सिरका jamun vinegar, छाल bark और इसके पत्तों leaves का प्रयोग होता है.

Balarishta बलारिष्ट Details and Uses in Hindi

बलारिष्ट एक औषधीय जड़ी-बूटियों से बनी आयुर्वेदिक दवा है जिसका उपयोग विविध बिमारियों के उपचार में बहुत पुराने समय से होता आया है।

Fennel सौंफ़ Details, Benefits and Medicinal Uses in Hindi

Saunf seeds

सौंफ़ पेट को आराम देती है और श्वसन तंत्र के स्राव/कफ में भी कमी करती है। सौंफ़ को शिशुओं में पेट की गैस, पेट फूलना, भूख न लगना, पेट का दर्द सहित विभिन्न पाचन समस्याओं के लिए प्रयोग colic in infants, intestinal gas, bloating, loss of appetite किया जाता है।

Ashwagandharishta अश्वगन्धारिष्ट in Hindi

ashwagandharishta

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है।

Guggul(गुग्गुल) Benefits, Uses, and More in Hindi

guggulu

सुश्रुत संहिता, में गुग्गुलु का प्रयोग मेद रोग के उपचार (उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, धमनियों का सख्त होना) के लिए निर्धारित किया गया है। यह वसा के स्तर को सामान्य रखने और शरीर में सूजन कम करने में लाभकारी है।

Panchatikta Ghrita(पंचतिक्त घृत) Details and Uses in Hindi

पंचतिक्त घृत एक आयुर्वेदिक दवा है। यह दवा, पांच तिक्त/कडवी वनस्पतियों, घी और त्रिफला से तैयार की जाती है। ये पांच कडवी वनस्पतियों हैं: नीम, पटोल, कंटकारी, वासा, और गिलोय। पंचतिक्त घृत वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है।

Gokhru(गोखरू) Information, Benefits and Uses in Hindi

gokhru

गोखरू के बीज ठंडक देने वाले, मूत्रवर्धक, मुत्रशोधक, टॉनिक, शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक और कामोद्दीपक aphrodisiac होते है और इसका प्रयोग विविध रोगों के उपचार में किया जाता है जैसे की सांस की बिमारी, वात रोग, बवासीर आदि।