कसीस गोदन्ती भस्म के फायदे,औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव

कासीस गोदन्ती भस्म या कसीस गोदन्ती भस्म Kasis Godanti Bhasma Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi, हो हरे कासीस और शुद्ध गोदंती से बनाया जाता है।

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यह लाल रंग की भस्म है जिसे आमदोष की अधिकता से होने वाले बुखार, नए बुखार, मलेरिया, विषम ज्वर, बार बार नए वाले बुखार, विषाक्त पदार्थों से आने वाले बुखार आदि में दिया जाता है। कासीस गोदंती भस्म को औरतों की सफ़ेद पानी की समस्या में भी देते हैं। साथ ही इसे प्रसूता स्त्रियों को भी दिया जाता है। यह दवा शरीर में आम दोष की वृद्धि को नष्ट करती है।

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कासीस गोदन्ती भस्म के सेवन से विषम ज्वर जैसे मलेरिया के बुखार में लाभ होता है। मलेरिया के बुखार में, बुखार आने के चार घंटा पहले एक खुराक लेने से और दूसरी खुराक दो घंटा पहले लेने से बुखार का आना रुकता है।

  • संदर्भ: रस तरंगिनी
  • दवा का नाम: कसीस गोदन्ती भस्म Kasis Godanti Bhasma, Kasisa Godanti Bhasma, Kasisa godanti Bhasma
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: मिनरल आयुर्वेदिक दवा
  • मुख्य उपयोग: बुखार
  • मुख्य गुण: ज्वरनाशक
  • गर्भावस्था में प्रयोग: बिना डॉक्टर की सलाह नहीं करें
  • डायबिटीज में प्रयोग: कर सकते है।
  • उच्च रक्तचाप में प्रयोग: कर सकते हैं।

कसीस गोदन्ती भस्म के घटक Ingredients of Kasis Godanti Bhasma

  • कासीस
  • गोदन्ती

कसीस गोदन्ती भस्म के औषधीय उपयोग, फायदे Benefits of Kasis Godanti Bhasma

बुखार में फायदेमंद

कसीस गोदन्ती भस्म ज्वर में लाभप्रद है। यह ज्वरनाशक है। जिन लोगों की कोमल प्रकृति है, पित्त प्रकृति है, बच्चे हैं, प्रसूता स्त्रियाँ हैं, जिन्हें मलेरिया के बुखार में तेज दवाएं नहीं दे सकते, उन्हें भी यह दवा दी जा सकती है। इस दवा के सेवन से शरीर में विषाक्त पदार्थ कम होते हैं और गर्मी भी कम होती है। इसे किसी भी कारण से आने वाले बुखार में प्रयोग कर सकते हैं। इससे बुखार का वेग कम होता है।

तेज दवाओं के असर को कम करना

विषम ज्वर में तेज दवाएं देनी पड़ती हैं जिससे लीवर, तिल्ली और किडनी पर असर होता है। रक्त का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में कासीस गोदंती भस्म का सेवन रोग के विष और दवाओं के हार्मफुल असर को कम करता है।

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रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाना

यह एंटीमलेरियल, एंटीपाएरेटिक, एंटी-वायरल है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमती को बढ़ा देता है और आम जीवाणु संक्रमण के खिलाफ शरीर की रक्षा करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट है और संक्रमण को दुबारा होने से रोकता है।

बुखार से प्लीहा बढने में लाभप्रद

बहुत दिनों के बुखार से तिल्ली बढ़ जाती है साथ ही हल्का बुखार बना रहता है। थोडा सा भी ऊपर नीचे होते ही बुखार फिर से तेज हो सकता है। ऐसे में इस दवा को अमृतारिष्ट के साथ देना चाहिए। ऐसा करने से प्लीहा के कीटाणु और विष नष्ट होते हैं।

भूख और पाचन सुधारना

इसके सेवन से भूख और पाचन में सुधार होता है।

कसीस गोदन्ती भस्म का बायोमेडिकल एक्शन

  • एंटासिड: पित्त कम करना
  • ज्वरघ्न: बुखार कम करना
  • वातहर: वात दोष को दूर करना
  • शोथहर: सूजन कम करना
  • एंटीमलेरियल: मलेरिया बुखार में उपयोगी।
  • एंटीस्पामोडिक: ऐंठन कम करना।
  • हेमेटिनिक, टॉनिक

कसीस गोदन्ती भस्म के चिकित्सीय उपयोग Uses of Kasis Godanti Bhasma

  • चिकित्सीय रूप से आप कसीस गोदन्ती भस्म को निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में प्रयोग कर सकते हैं:
  • अपच और भूख न लगना
  • जिगर और तिल्ली की वृद्धि
  • ठण्ड के साथ आने  वाले बुखार
  • नया बुखार
  • पुराना बुखार
  • बुखार से सिर दर्द, मन्दाग्नि, अजीर्ण, कास, पांडु
  • मलेरिया Malaria
  • मौसमी संक्रामक ज्वर
  • लीवर के रोग Diseases of liver, jaundice

कसीस गोदन्ती भस्म की औषधीय मात्रा Dosage of Kasis Godanti Bhasma

  • वयस्क इसको निम्न मात्रा में ले सकते हैं:
  • 1-3 रत्ती (125 मिलीग्राम से 375 मिलीग्राम)
  • दवा की अधिकतम संभावित खुराक 1।5 ग्राम, है। इससे ज्यादा नहीं लें।

कसीस गोदन्ती भस्म को कैसे लें (सेवन विधि)?

  • इसे भोजन करने से पहले लें।
  • इसे दिन में 2 बार BD लें, सुबह और शाम।

कसीस गोदन्ती भस्म का अनुपान क्या हो?

  • इसे शहद, दूध, के साथ लें।
  • विषम ज्वर में इसे अदरख के जूस और शहद के साथ दें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

कसीस गोदन्ती भस्म कितने दिनों तक लें?

रोग और रोगी की स्थिति के अनुसार ही दवा का ट्रीटमेंट कोर्स होता है। अतः डॉक्टर की राय लें।

कसीस गोदन्ती भस्म के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इसका भावना द्रव्य एलो वेरा है ।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • कैल्शियम की शरीर में अधिकता होने पर इसे इस्तेमाल नहीं करें।

कसीस गोदन्ती भस्म का गर्भावस्था में प्रयोग

वैसे तो इसे कोमल प्रकृति के लोग, प्रेग्नंट महिला ले सकती है लेकिन फिर भी बिना डॉक्टर की सलाह के प्रेगनेंसी में इसका इस्तेमाल नहीं करें।

कसीस गोदन्ती भस्म के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • गोदंती भस्म को अधिक समय तक लेने पर या लम्बे समय तक लेने से इससे लीवर प्रभावित हो सकता है।
  • कुछ लोगों में इससे जी मिचलाना, उलटी आदि लक्षण हो सकते हैं।

कसीस गोदन्ती भस्म को कब प्रयोग न करें Contraindications

इस दवा के लिए कोई ज्ञात मतभेद नहीं है।

कसीस गोदन्ती भस्म का ड्रग इंटरेक्शन Drug Interaction

इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए डॉक्टर की राय प्राप्त करें।

कसीस गोदन्ती भस्म का वात-पित्त या कफ प्रभाव

  • वात कम करना।
  • पित्त कम करना।
  • कफ कम करना।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

Kasis Godanti Bhasma (Classical medicine) is mineral based Ayurvedic medicine. It is indicated in treatment of fever, leucorrhoea, spleen enlargement, malarial fever etc. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

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