शिवलिंगी बीज Patanjali Shivlingi Beej Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi

शिवलिंगी बीज Patanjali Shivlingi Beej in Hindi, एक पौधे से प्राप्त होते हैं जिसका वानस्पतिक नाम ब्रायनोप्सिस लैसिनीसा (डिप्लोसिक्लोस पाल्माटस) Bryonopsis laciniosa (Syn Diplocyclos palmatus) है और इन्हें पीस कर पाउडर बना कर मुख्य रूप से स्त्रियों में बाँझपन के उपचार में प्रयोग करते हैं।

आयुर्वेद में शिवलिंगी को कई अन्य नामों जैसे लिंगिनी, लिंगिका, ईशलिंगी, शिवलिंगी और शिवलिंगी के रूप में जाना जाता है और औषधीय रूप से प्रयोग किया जाता है। शिवलिंगी बीज को मुख्य रूप से स्त्रियों की प्रजनन क्षमता और गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाता हैं। गर्भधारण के लिए यह बहुत मूल्यवान दवा है।  शिवलिंगी बीजों का मुख्य संकेत महिलाओं की प्रजनन संबंधी विकारों के लिए है।

जिन महिलाओं के बच्चा नहीं हो पा रहा, उन्हें पुत्रजीवक बीज और शिवलिंगी बीज, दोनों को पीस लेना चाहिए और रख लेना चाहिए। दोनों पाउडर को रोजाना एक ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के सुबह कुछ भी खाने से पहले लेना चाहिए। इसके साथ ही फल घृत, एक चम्मच की मात्रा में लेना चाहिए। कुछ महिलाओं को इनके साथ ही दिव्य रसायन वटी की दो गोली और चन्द्रप्रभा वटी की दो गोली दिन में दो बार लेने की सलाह भी दी जाती है। साथ ही प्राणायाम और व्यायाम भी किया जाना चाहिए।

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यह पेज शिवलिंगी बीज के बारे में हिंदी में जानकारी देता है जैसे कि दवा का कम्पोज़िशन, उपयोग, लाभ/बेनेफिट्स/फायदे, कीमत, खुराक/ डोज/लेने का तरीका, दुष्प्रभाव/नुकसान/खतरे/साइड इफेक्ट्स/ और अन्य महत्वपूर्ण ज़रूरी जानकारी।

  • शिवलिंगी बीज में मौजूद सामग्री क्या हैं?
  • शिवलिंगी बीज के उपयोग upyog क्या हैं?
  • शिवलिंगी बीज के फायदे faide क्या हैं?
  • शिवलिंगी बीज के दुष्प्रभाव या नुकसान nuksan क्या हैं?
  • शिवलिंगी बीज को कब नहीं लेते हैं?
  • शिवलिंगी बीज के संभावित दवा interaction क्या हैं?
  • शिवलिंगी बीज से जुड़ी चेतावनियां और सुझाव क्या हैं?

Shivlingi Beej is Herbal Ayurvedic medicine containing Shivlingi Seeds. These seeds are obtained from a plant and used for improving chances of conception.

Shivlingi Beej is indicated in treatment of infertility. For increasing chances of conception, promoting fertility in wome, give 1 gram powder of Shivlingi beej + 1 gram powder of Putrajivak giri with milk of mulching cow having a calf daily early morning before eating anything. Also take 1 spoon Phala Ghrita. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

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  • दवा का नाम: शिवलिंगी बीज Patanjali Shivlingi Beej
  • निर्माता: पतंजलि
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल
  • मुख्य उपयोग: बच्चा ठहरने में लाभप्रद
  • मुख्य गुण: गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूत करना
  • दोष पर प्रभाव: कफ कम करना, पित्त बढ़ाना
  • अंग पर प्रभाव: गर्भाशय, अंडाशय, और वृषण
  • मुख्य संकेत: बांझपन

मूल्य MRP:

DIVYA SHIVLINGI BEEJ 100 gram @ Rs 180

शिवलिंगी बीज के घटक Ingredients of Patanjali Shivlingi Beej

शिवलिंगी बीज, वानस्पतिक नाम ब्रायनोप्सिस लैसिनीसा (डिप्लोसिक्लोस पाल्माटस) Bryonopsis laciniosa (Syn। Diplocyclos palmatus)

शिवलिंगी बीज के लाभ/फ़ायदे Benefits of Patanjali Shivlingi Beej

  • इसका सेवन सूजन दूर करता है।
  • इसके सेवन से कब्ज़ की समस्या में भी लाभ होता है। इसमें वाटर सोलुब्ल फाइबर होता है जो आँतों से स्टूल को आसानी से आगे बढ़ने में सहयोग करता है। ।
  • इसके सेवन से टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है।
  • इसके सेवन से पीरियड ठीक तरीके से आते हैं।
  • इसके सेवन से पीरियड्स से जुड़ी प्रॉब्लम दूर होती है।
  • इसमें रोगाणुरोधी और एंटीफंगल गुण है।
  • इसमें वाजीकारक गुण है।
  • पुरुषों द्वारा इसका सेवन करने पर, यह प्रजनन अंगों के सही काम करने मे मदद करता है।
  • यह ओवरी से अंडाणु के निकलने की संभावना को बढ़ाता है।
  • यह कफ दोष को कम करता है।
  • यह खून में लिपिड के लेवल को कम करता है।
  • यह गर्भाशय को साफ़ करता है, सूजन दूर करता है, कफ को कम करता है, डिम्बग्रंथि कार्यों में सुधार और हार्मोन असंतुलन सुधारता है, और इन गुणों के कारण यह बच्चा ठहरने की संभावना को बढ़ाता है।
  • यह गर्भाशय टॉनिक है।
  • यह बुखार में शरीर के तापमान को करने में मदद करता है।
  • यह यौन ऊर्जा को बढ़ाता है।
  • यह शरीर में मर्दाना ताकत बढ़ाता है।
  • यह स्पर्म काउंट को बढ़ाता है।
  • शिवलिंगी के बीजों के सेवन से प्रजनन क्षमता बढ़ती है।

आयुर्वेदिक गुण

  • रस (taste on tongue): कटु/तीखा, तिक्त/कड़वा
  • गुण (Pharmacological Action): लघु/हल्का, रुक्ष/सुखाने वाला, तीक्ष्ण
  • वीर्य (Potency): उष्ण / गर्मी बढ़ाने वाला
  • विपाक (transformed state after digestion): कटु/तीखा

शिवलिंगी बीज के चिकित्सीय उपयोग Uses of Patanjali Shivlingi Beej

शिवलिंगी बीज को दर्दनाक मासिक धर्म, डिसमोनोरिया, मासिक धर्म की अवधि के दौरान, अंडाशय में दर्द, गर्भाशय की सूजन, गर्भाशय टॉनिक की तरह प्रयोग किया जाता है। बीजों का मुख्य संकेत महिलाओं की प्रजनन संबंधी विकारों और गर्भपात को रोकने के लिए है। शिवलिंगी बीज में सूजन कम करने के, एंटी-फंगल, एंटीमाइक्रोबायल, एनाल्जेसिक, एंटीहाइपरलिपिडमिक, शुक्राणुजन्य/ स्पेर्मेटोजेनिक और गर्भाशय टॉनिक के गुण होते हैं।

  • प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने के रूप में fertility promoting medicine
  • बुखार Fever
  • महिला बांझपन infertility
  • वाजीकरण यौन टॉनिक
  • सूजन Inflammations
  • स्त्री रोग संबंधी समस्याएं (सफेद पानी, मासिक धर्म की समस्याएं, योनि की समस्याएं असामान्य रक्तस्राव, भारी रक्तस्राव, दर्दनाक पीरियड्स,बाँझपन) Gynecological problems (white discharge, menstruation problems, vaginal dysfunctions abnormal bleeding, heavy bleeding, painful periods, barrenness)
  • हाइपरग्लेसेमिया और मधुमेह
  • ओलिगोस्पर्मिया

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Patanjali Shivlingi Beej

  • पुत्रजीवक बीज और शिवलिंगी बीज, दोनों को पीस लें और रख लें।
  • दोनों पाउडर को रोजाना एक ग्राम की मात्रा में या एक चौथाई चम्मच की मात्रा में गाय के दूध के साथ सुबह खाली पेट लें।
  • पुत्रजीवक तासीर में ठंडा है और शिवलिंगी तासीर में गर्म है। पुत्रजीवक वात और पित्त कम करता है जबकि शिवलिंगी कफ कम करता है और पित्त बढ़ाता है। इसलिए, दोनों की मात्रा को व्यक्ति को अपनी वात-पित्त-कफ दोष की प्रकृति के अनुसार कम या ज्यादा करके देखना चाहिए।
  • इसके साथ ही फल घृत, एक चम्मच की मात्रा में लेना चाहिए।
  • कुछ महिलाओं को इनके साथ ही दिव्य रसायन वटी की दो गोली और चन्द्रप्रभा वटी की दो गोली दिन में दो बार लेने की सलाह भी दी जाती है।
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  • साथ ही प्राणायाम और व्यायाम भी किया जाना चाहिए।

शिवलिंगी बीज के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • यदि शिवलिंगी के बीज से पित्त की अधिकता के लक्षण हों, जैसे हाथ-पैर की जलन, ब्लीडिंग अधिक आना, एसिडिटी आदि तो इस पाउडर को या तो कम मात्रा में लें या नहीं लें। केवल पुत्रजीवक का पाउडर लें।
  • इसके सेवन के दौरान गर्म तासीर का भोजन, बाहर का भोजन, अधिक तेल, खटाई, मिर्च, मसाले, बाहर की चाट आदि का सेवन नहीं करें।
  • उचित खुराक उपयोगकर्ता की उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। उचित खुराक निर्धारित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी नहीं है।
  • इसका इस्तेमाल 6-7 महीने तक किया जा सकता है।
  • उम्र और ताकत पर विचार करते हुए और किसी वैद्य की विशेषज्ञ सलाह के साथ, दवा का उचित अनुपात में उचित अनुपान के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • यह पित्त वर्धक है और कफ को कम करता है।
  • यदि इसे लेने पर पित्त अधिक बढ़ जाए तो इसकी की मात्रा को कम कर दें।
  • बांझपन के अंतर्निहित कारण का इलाज करें।

दवाओं का पारस्परिक प्रभाव

  • ज्ञात नहीं है।
  • शिवलिंगी बीज के साइड-इफेक्ट्स Side effects
  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • इसे लेने से शरीर में गर्मी बढ़ती है।
  • इसे लेने से कुछ महिलाओं में पीरियड्स की ब्लीडिंग अधिक हो सकती है।

शिवलिंगी बीज को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसके लिए कोई ज्ञात contraindications नहीं है।
  • गर्भ ठहर जाए तो इसे नहीं लें।
  • यदि पीरियड लम्बे समय तक चलते हैं, तो इसे नहीं लें।
  • यदि इसके सेवन से पीरियड्स में ब्लीडिंग बढ़ जाए तो इसकी मात्रा को कम कर दें।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

दवा के बारे में पूछे जाने वाले कुछ सवाल

क्या इस दवा को एलोपैथिक दवाओं के साथ ले सकते हैं?

हाँ, ले सकते हैं। लेकिन दवाओं के सेवन में कुछ घंटों का गैप रखें।

क्या शिवलिंगी बीज को होम्योपैथिक दवा के साथ ले सकते हैं?

ले तो सकते हैं। लेकिन इस से हो सकता है कि दोनों ही दवाएं काम नहीं करें। इसलिए, दवा के असर को देखना ज़रूरी है।

क्या दवा की अधिकता नुकसान कर सकती है?

दवाओं को सही मात्रा में लिया जाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में दवा का सेवन साइड इफेक्ट्स कर सकता है।

क्या शिवलिंगी बीज सुरक्षित है?

हां, सिफारिश की खुराक में लेने के लिए सुरक्षित है।

शिवलिंगी बीज का मुख्य संकेत क्या है?

इनफर्टिलिटी।

क्या इसमें गैर-हर्बल सामग्री शामिल है?

नहीं।

मैं यह दवा कब तक ले सकता हूँ?

आप इसे 6-7 महीने या जब तक ज़रूरत लगे, के लिए ले सकते हैं।

शिवलिंगी बीज लेने का सबसे अच्छा समय क्या है?

इसे भोजन के पहले या खाली पेट लिया जाना चाहिए एक ही समय में दैनिक रूप में लेने की कोशिश करें।

क्या शिवलिंगी बीज एक आदत बनाने वाली दवा है?

नहीं।

क्या यह दिमाग की अलर्टनेस पर असर डालती है?

नहीं।

क्या शिवलिंगी बीज लेने के दौरान ड्राइव करने के लिए सुरक्षित है?

हाँ।

क्या मैं इसे पीरियड्स के दौरान ले सकती हूँ?

इसे लिया जा सकता है, अगर पीरियड कि ब्लीडिंग पर असर नहीं होता।

क्या एक मधुमेह व्यक्ति इसे ले सकता है?

हाँ।

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