कॉपर-टी Information about Copper T in Hindi

गर्भ निरोधन के उपायों में कॉपर टी का नाम काफी सुना जाता है। यह महिलायों के लिए है और एक अन्तः गर्भाशयी युक्ति अथवा इंट्रा-यूट्रीन डिवाइस (IUD आईयूडी) है। यह काफी प्रभावशाली और बहुत सी महिलायों द्वारा प्रयोग की जाती है। इस पेज पर कॉपर टी से सम्बंधित जानकारी दी जा रही है।

The Copper T, IUD is one of the most effective, long acting reversible contraceptives available for women. It consists of a flexible polyethylene T-shaped body with a copper collar on each of its transverse arms and copper wire coiled around its vertical shaft. A monofilament polyethylene thread is tied through the bulb at the tip of the T, resulting in two threads to aid in detection and removal of the device.

Copper T prevents fertilization by reducing the number and viability of sperm reaching the egg, and by impeding the number and movement of eggs into the uterus. It is believed that the continuous release of copper from the coils and sleeves of the Copper T into the uterine cavity enhances the contraceptive effect of the IUD.

The effectiveness of the Copper IUD is found to be related to age, with pregnancy rates decreasing for older women.

कॉपर-टी क्या है?

यह एक अन्तः गर्भाशयी युक्ति अथवा इंट्रा-यूट्रीन डिवाइस है जो की योनि मार्ग के द्वारा गर्भाशय के अन्दर अनुभवी डॉक्टर अथवा नर्स द्वारा लगाई जाती है। इसे लगवाने के लिए अस्पताल, डिस्पेंसरी अथवा क्लिनिक पर जाना होता है।

भारत में सबसे प्रचलित आईयूडी, अंग्रेजी के T अक्षर जैसा होता है और इसमें कॉपर होता है, इसलिए इसे कॉपर टी कहा जाता है।

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यह प्लास्टिक का बना होता है जिस पर तांबे / कॉपर का पतला तार लिपटा होता है। इसे महिला के गर्भाशय में फिट कर दिया जाता है जिससे गर्भ न ठहरे। कॉपर-टी बिना हॉर्मोन या हॉर्मोन युक्त levonorgestrel होती है।

कॉपर-टी से एक तार जुड़ा होता है जो की गर्भाशय ग्रीवा से योनि तक लटकता है इसे कॉपर टी को निकालने में प्रयोग किया जाता है।

कॉपर टी काम कैसे करती है?

कॉपर से निकलने वाले कॉपर आयन सर्वाइकल म्यूकस को गाढ़ा और चिपचिपा बना देते हैं, जिससे स्पर्म्स आगे न बढ़ पायें। इसके अतिरिक्त यह स्पर्म को नष्ट करते हैं और उनकी गतिशीलता घटाते हैं। निषेचित अंडाणु / भ्रूण गर्भाशय में कॉपर टी लगे होने पर आरोपित नहीं हो पाता।

कॉपर टी का फायदा क्या है?

यह गर्भ रोकने में 98 प्रतिशत तक कारगर है। इसकों लगाने पर लगभग तीन साल या उससे अधिक समय तक गर्भ को होने से रोका जा सकता है। इस डिवाइस के कारण परिवार नियोजन का उपाय महिला के हाथ में होता है।

महिला यदि दुबारा बच्चा चाहती है तो कॉपर टी को डॉक्टर के पास जा कर निकलवा सकती है और कुछ सप्ताह बाद बच्चे के लिए प्रयास कर सकती है।

कॉपर टी का नुकसान क्या है?

कॉपर टी एक इंट्रा-यूट्रीन डिवाइस है जो की गर्भाशय के अन्दर फिट की जाती है। इसलिए इसे लगवाने और निकलवाने के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। क्योंकि यह योनि के माध्यम से लगाई जाती है इसलिए डॉक्टर स्पेकुलम द्वारा योनि को फैलाते हैं। निश्चित रूप से किसी भी स्त्री के लिए यह अच्छा एक्सपीरियंस तो नहीं कहा जा सकता।

कॉपर टी लगाए जाते समय स्ट्रोंग क्रंप / दर्द-मरोड़, का अनुभव होता है। इसे लगाते समय लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है और लगाने से एक घंटे पहले आईब्रुफेन लेने को कहा जाता है।

इसको लगवाने के बाद महिला को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है:

  1. माहवारी की अनियमितता
  2. माहवारी के बीच में खून जाना
  3. माहवारी में ज्यादा खून जाना
  4. कमर में दर्द होना
  5. मितली, उलटी आना
  6. कमर में दर्द होना
  7. अपने आप निकल जाना
  8. कुछ मामलों में गर्भाशय में चोट लग जाना
  9. कॉपर टी लगवाने के बाद कुछ महीने तक पीरियड के दौरान अधिक खून जाता है इसलिए आयरन की गोलियों का सेवन किया जाना चाहिए, ताकि खून की कमी न हो।

इसको लगवाने के एक – डेढ़ महीने बाद डॉक्टर को फिर से दिखाया जाता है जिससे यह स्थान पर है की नहीं, जाना जा सके। इसके बाद साल में एक बार दिखा लेने की भी सलाह दी जाती है।

इसके लगे होने से STD से बचाव नहीं होता।

कॉपर टी लगवाते समय क्या ब्लीडिंग होती है?

  1. कॉपर टी लगवाते समय क्या ब्लीडिंग होती है और ज़रूरत पड़े तो पैड का प्रयोग करना चाहिए।
  2. ब्लीडिंग कुछ दिन से लेकर कुछ सप्ताह तक जारी रह सकती है।

कॉपर टी का क्या सेक्स के दौरान महसूस होती है?

  1. लगवाने के कुछ दिनों के बाद और कभी-कभी सेक्स के दौरान महिला को दर्द हो सकता है। 5 प्रतिशत महिलाओं के अनुसार उन्हें
  2. कॉपर टी से जुडी स्ट्रिंग महसूस होती है। यदि यह स्ट्रिंग वजाईना से ज्यादा निकली हो तो इसे छोटा किया जाना चाहिए।
  3. यदि लगवाने के बाद कभी भी यह स्ट्रिंग ज्यादा लम्बी लगने लगे तो इसका मतलब है,  कॉपर टी अपनी जगह से निकल गई है।

कॉपर टी किनके लिए उपयुक्त है?

कॉपर टी उन महिलायों के लिए अधिक उपयुक्त है जो की बच्चों में लम्बे समय का अंतर रखना चाहती है।

कॉपर टी उन महिलायों द्वारा भी लगवाई जा सकती है जो की कभी माँ नहीं बनी है लेकिन उनमें गर्भाशय छोटा होता है इसलिए यह बाहर निकल सकती है। While a woman who has no children can use the

Copper T, this method should not be a first choice. Women who have had no children generally have higher expulsion rates and more bleeding and pain than do other IUD users.

कॉपर टी बच्चा होने के कितने दिन बाद लगवाई जा सकती है?

करीब 6 सप्ताह के बाद।

कॉपर टी लगवाने के बाद किन लक्षणों को ध्यान में रखें?

यदि बुखार आये, तेज दर्द हो या बदबू दार डिस्चार्ज हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। यह इन्फेक्शन के लक्षण हो सकते हैं जिनका उपचार किया जाना चाहिए।

कॉपर टी लगवाने के बाद गर्भावस्था हो जाए तो?

पता लगते ही डॉक्टर से संपर्क करें। वे अल्ट्रासाउंड द्वारा यह जांच करेंगे की प्रेगनेंसी गर्भाशय में ही है। कई मामलों में एक्टोपिक या अस्थानिक प्रेगनेंसी भी हो सकती है।

कॉपर टी क्या इमरजेंसी कॉण्ट्राकसेप्टिव की तरह प्रयोग हो सकती है?

हाँ, इसे असुरक्षित सेक्स के बाद 5-8 दिनों के भीतर लगवा लिया जाना चाहिए।

कॉपर टी किसे नहीं लगवानी चाहिए?

कॉपर टी इन महिलाओं में नहीं लगाई जाती:

  1. जो प्रेग्नेंट हो
  2. जिसमें गर्भाशय में रोग हो
  3. योनि से आसामान्य खून जाता हो
  4. एसटीडी हो
  5. पेल्विस में सूजन हो
  6. पीरियड में दर्द होता हो
  7. खून की कमी हो
  8. एक्टोपिक प्रेगनेंसी हुई हो आदि।
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