वृद्धिवाधिका वटी Vridhivadhika Vati Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi

वृद्धिवाधिका वटी Vridhivadhika Vati in Hindi गुटिका, एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे मुख्य रूप से शरीर में एबनॉर्मल ग्रोथ के लिए प्रयोग किया जाता है। यह थाइरोइड, हर्निया और हाइड्रोसील में दी जाती है। वृद्धिवाधिका वटी में कज्जली, लौह भस्म ,ताम्र भस्म, कांस्य भस्म, शंख भस्म, कपर्दक भस्म, सेंधा नमक ,काला नमक, विद लवण, समुद्र लवण, त्रिकटु , त्रिफला, इलायची के बीज, देवदारु आदि होते हैं।

इस दवा का नाम है, वृद्धि बाधिका वटी और इस नाम से ही पता चलता है यह शरीर की सेल्स की आसामान्य वृद्धि होने में बाधिका है और ऐसी ग्रोथ को रोकती है। इसलिए इसे ट्यूमर में भी दिया जाता है।  हाइड्रोसील की केवल शुरूआती स्थिति में ही इसे लेने से लाभ होता है। इसके सेवन के साथ साथ अंडकोष की और वृद्धि नहीं हो, कदम्ब अथवा अरंड के पत्ते पर घी लगाकर और सेंक करके अंडकोष पर लपेटना चाहिए।

वृद्धि बधिका वटी को अन्य दवाओं के साथ लेने से रोगों में अधिक फायदा होता है।  हाइड्रोसील में इसे चन्द्रप्रभा वटी के साथ दे सकते हैं। थाइरोइड की समस्या में इसे कांचनार गुगुल्लु के साथ लेते हैं। हर्निया में इसे आरोग्यवर्धिनी वती के साथ दिया जाता है। लेकिन ध्यान रहे, एक रस औषधि होने से इस दवा की मात्रा, फ्रीक्वेंसी और लेने की अवधि पर विशेष ध्यान देना ज़रूरी है। इसमें धातुएं है, मिनरल हैं जिनका अधिकता में सेवन शरीर के अंगों पर बुरा असर दिखा सकता है। इसलिए इस दवा को तभी लें, जब डॉक्टर ने निर्देशित किया हो।

यह पेज वृद्धिवाधिका वटी के बारे में हिंदी में जानकारी देता है जैसे कि दवा का कम्पोज़िशन, उपयोग, लाभ/बेनेफिट्स/फायदे, कीमत, खुराक/ डोज/लेने का तरीका, दुष्प्रभाव/नुकसान/खतरे/साइड इफेक्ट्स/ और अन्य महत्वपूर्ण ज़रूरी जानकारी।

  • वृद्धिवाधिका वटी में मौजूद सामग्री क्या हैं?
  • वृद्धिवाधिका वटी के उपयोग क्या हैं?
  • वृद्धिवाधिका वटी के दुष्प्रभाव क्या हैं?
  • वृद्धिवाधिका वटी को कब नहीं लेते हैं?
  • वृद्धिवाधिका वटी के संभावित दवा interatcion क्या हैं?
  • वृद्धिवाधिका वटी से जुड़ी चेतावनियां और सुझाव क्या हैं?

Vridhivadhika Vati is Herbomineral Ayurvedic medicine. It is indicated in treatment of hydrocele, hernia, thyroid and diseases due to abnormal growth of cells. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: वृद्धिवाधिका वटी Vridhivadhika Vati, Vriddhi Vadhika Vati, Vriddhi Badhika Vati
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्ब और शुद्ध पारद-शुद्ध गंधक युक्त
  • मुख्य उपयोग: सेल्स की असामान्य ग्रोथ
  • मुख्य गुण: सेल्स की असामान्य वृद्धि होने से रोकना
  • दवा का अनुपान: ताज़ा जल अथवा हरीतकी का काढ़ा
  • दवा को लेने का समय: दिन में दो बार, प्रातः और सायं
  • दवा को लेने की अवधि: डॉक्टर के निर्देशानुसार

वृद्धिवाधिका वटी के घटक Ingredients of Vridhivadhika Vati

  • Shuddha Parad 1 part
  • Shuddha Gandhak 1 part
  • Loh Bhasm 1 part
  • Tamra Bhasm 1 part
  • Kansya Bhasm 1 part
  • Vang Bhasm 1 part
  • Shuddha Hartal 1 part
  • Shuddha Tuttiya 1 part
  • Shankha Bhasm 1 part
  • Kaudi Kapardika Bhasm 1 part
  • Sonth 1 part
  • Kali Mirch 1 part
  • Pippli 1 part
  • Haritaki 1 part
  • Vibhitaki 1 part
  • Amalki 1 part
  • Chavya 1 part
  • Vai Vidang 1 part
  • Vidhara Mula 1 part
  • Kachoor 1 part
  • Pippla Mula 1 part
  • Patha 1 part
  • Hapusha 1 part
  • Vacha 1 part
  • Elachi ka bej 1 part
  • Devdaro 1 part
  • Kala Namak 1 part
  • Vid Namak 1 part
  • Samudra lavan 1 part
  • Sambhar lavan 1 part

वृद्धिवाधिका वटी के लाभ/फ़ायदे Benefits of Vridhivadhika Vati

  • इसके सेवन से पाचन बेहतर होता है।
  • इससे पोषक तत्वों का अच्छे से अवशोषण होने में सहायता मिलती है।
  • इस दवा के सेवन से शरीर में मिनरल की कमी दूर होती है।
  • यह वात और कफ को कम करने वाली औषध है।
  • यह सेल्स की असमान्य वृद्धि को रोकने में सहायक है।

वृद्धिवाधिका वटी के चिकित्सीय उपयोग Uses of Vridhivadhika Vati

वृद्धिवाधिका वटी, हर्निया, हाइड्रोसील, थाइरोइड, ट्युमर और फ़ाइलेरिया आदि में दी जाती है।

loading...
  • अंडकोष में वायु भरना
  • अंडकोष में रक्त और पानी भरना
  • हर्निया के सभी प्रकार
  • ट्यूमर
  • थायराइड नोड्यूल या थायराइड ग्रंथि की असामान्य वृद्धि ,थाइरोइड प्रॉब्लम (कांचनार गुग्गुल के साथ)

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Vridhivadhika Vati

  • 1-3 रत्ती / 125mg-375 mg दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे  पानी हरीतकी के काढ़े के साथ लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

वृद्धिवाधिका वटी के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • यह तासीर में गर्म है। इसे ब्लीडिंग डिसऑर्डर में नहीं लें।
  • उचित खुराक उपयोगकर्ता की उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। उचित खुराक निर्धारित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी नहीं है।
  • ध्यान रखें कि प्राकृतिक उत्पाद हमेशा सुरक्षित हों ऐसा जरूरी नहीं हैं।
  • इसका इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए।
  • उम्र और ताकत पर विचार करते हुए और किसी वैद्य की विशेषज्ञ सलाह के साथ, दवा का उचित अनुपात में उचित अनुपान के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • इस औषधि को केवल विशिष्ट समय अवधि के लिए निर्धारित खुराक में लें।
  • इस दवा को डॉक्टर की देख-रेख में ही लें।
  • इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  • यह हमेशा ध्यान रखें की जिन दवाओं में पारद, गंधक, खनिज आदि होते हैं, उन दवाओं का सेवन लम्बे समय तक नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त इन्हें डॉक्टर के देख-रेख में बताई गई मात्रा और उपचार की अवधि तक ही लेना चाहिए।
  • यह पित्त को बढ़ाता है। इसलिए पित्त प्रकृति के लोग इसका सेवन सावधानी से करें।

वृद्धिवाधिका वटी के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • इससे कुछ लोगों में पेट में जलन हो सकती है।
  • इससे जी मिचलाना और उलटी हो सकती है।
  • इसे खाने से मुंह में मेटालिक टेस्ट आ सकता है।

वृद्धवाधिका वटी को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसे गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान न लें।
  • अल्सर, अल्सरेटिव कोलाइटिस, पेट में दर्द और गुदा में दरारें होने पर इसे नहीं लें।
  • इसमें नमक है, उच्च रक्तचाप में इसे नहीं लें।
  • नमक कम लेने की सलाह है, तो इसे नहीं लें।
  • घाव जल्दी ठीक नहीं होता तो इसे नहीं लें।
  • जिन्हें पेट में सूजन हो gastritis, वे इसका सेवन न करें।
  • शरीर में यदि पहले से पित्त बढ़ा है, रक्त बहने का विकार है bleeding disorder, हाथ-पैर में जलन है, अल्सर है, छाले हैं तो भी इसका सेवन न करें।
  • इसे बताई मात्रा से अधिकता में न लें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • डॉक्टर से परामर्श के बिना कोई आयुर्वेदिक दवाइयां नहीं लें।
  • समस्या अधिक है, तो डॉक्टर की राय प्राप्तकर सही उपचार कराएं जिससे रोग बिगड़े नहीं।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

उपलब्धता

  • इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।
  • बैद्यनाथ Baidyanath Vridhivadhika Bati
  • डाबर Dabur Vridhivadhika Vati
  • पतंजलि Patanjali Divya Pharmacy Vridhivadhika Vati
  • तथा अन्य बहुत सी फर्मसियाँ।

दवा के बारे में पूछे जाने वाले कुछ सवाल

क्या इस दवा को लेना सेफ है?

वृद्धिबाधिका वटी आयुर्वेदिक रस-औषधि है जिसमें रस, पारा है। पारे को ही आयुर्वेद में रस या पारद कहा जाता है और बहुत सी दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। रस औषधियों के निर्माण में शुद्ध पारे और शुद्ध गंधक को मिलाकर पहले कज्जली बनायी जाती है जो की काले रंग की होती है। रासायनिक रूप से कज्जली, ब्लैक सल्फाइड ऑफ़ मरक्युरी है। कज्जली को रसायन माना गया है जो की त्रिदोष को संतुलित करती है। यदि इसे अन्य उपयुक्त घटकों के साथ मिलाकर दवा बनाई जाती है तो यह लगभग हर रोग को दूर कर सकती है।

  • रस औषधियां शरीर पर शीघ्र प्रभाव डालती हैं। इन्हें डॉक्टर की देख-रेख में ही लेना सही रहता है।
  • इसे लेने की मात्रा, फ्रीक्वेंसी और अवधि डॉक्टर के निर्देशानुसार हो, तो इसे लेना सेफ है। अन्यथा अधिकता में सेवन नुकसान कर सकता है।
  • loading...

क्या इस दवा को एलोपैथिक दवाओं के साथ ले सकते हैं?

हाँ, ले सकते हैं। लेकिन दवाओं के सेवन में कुछ घंटों का गैप रखें।

क्या वृद्धिवाधिका वटी को होम्योपैथिक दवा के साथ ले सकते हैं?

ले तो सकते हैं। लेकिन इस से हो सकता है कि दोनों ही दवाएं काम नहीं करें। इसलिए, दवा के असर को देखना ज़रूरी है।

वृद्धिवाधिका वटी को कितनी बार लेना है?

  • इसे दिन में 2 बार बार लेना चाहिए।
  • इसे दिन के एक ही समय लेने की कोशिश करें।

क्या दवा की अधिकता नुकसान कर सकती है?

दवाओं को सही मात्रा में लिया जाना चाहिए। ज्यादा मात्रा में दवा का सेवन साइड इफेक्ट्स कर सकता है।

वृद्धिवाधिका वटी का मुख्य संकेत क्या है?

  • यह दवा अण्ड वृद्धि के रोग के लिए है। अंडकोष में वायु भर जाना, दर्द होना, रक्त  व जल भर जाना आदि सभी तरह के अंडकोष के विकारों में यह लाभप्रद है।
  • इसे आंत्र वृद्धि हर्निया में भी लेने से लाभ होता है।

वृद्धिवाधिका वटी का वात-पित्त या कफ पर क्या प्रभाव है?

  • वात कम करना।
  • पित्त वृद्धि करना।
  • कफ कम करना।

क्या इसमें गैर-हर्बल सामग्री शामिल है?

हाँ। इसमें आयुर्वेदिक दवा के तरीके से तैयार पारा, गंधक, लोहा, ताम्बा, कांसा, टिन, हरताल, नीला थोथा, कौड़ी, आदि हैं।

मैं यह दवा कब तक ले सकता हूँ?

आप इसे डॉक्टर के द्वारा निर्देशित समय तक ले सकते हैं।

वृद्धिवाधिका वटी लेने का सबसे अच्छा समय क्या है?

इसे भोजन के बाद लिया जाना चाहिए एक ही समय में दैनिक रूप में लेने की कोशिश करें।

क्या वृद्धिवाधिका वटी एक आदत बनाने वाली दवा है?

नहीं।

क्या यह दिमाग की अलर्टनेस पर असर डालती है?

नहीं।

क्या वृद्धिवाधिका वटी लेने के दौरान ड्राइव करने के लिए सुरक्षित है?

हाँ।

क्या मैं इसे पीरियड्स के दौरान ले सकती हूँ?

इसे लिया जा सकता है। पीरियड्स के दौरान नहीं लें, अगर आपको रक्तस्राव पैटर्न पर कोई प्रभाव महसूस होता है।

क्या मैं इसे गर्भावस्था के दौरान ले सकती हूँ?

नहीं।

क्या एक मधुमेह व्यक्ति इसे ले सकता है?

नहीं।

क्या इसे बच्चों को दे सकते हैं?

नहीं।

बैद्यनाथ वृद्धिवाधिका वटी का मूल्य क्या है?

  • 80 गोली Rs 179.00
  • 20 गोली Rs 62.00

दिव्य पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का मूल्य क्या है?

20 ग्राम Rs 40.00

डाबर  वृद्धिवाधिका वटी का मूल्य क्या है?

Dabur Vridhi Vadhika Vati 40 गोली @ Rs 92.00

Content Protection by DMCA.com
Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*