धन्वंतरि स्वर्ण मधु Swarn Madhu Detail and Uses in Hindi

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स्वर्ण मधु, धन्वंतरि फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित दवाई है। यह एक टॉनिक हैं जिसके सेवन से शरीर और हृदय में नई ऊर्जा, उत्साह और शक्ति का आती है। यह मस्तिष्क की कमजोरी और मस्तिष्क सूखापन, शारीरिक और मानसिक कमजोरी, यौन दुर्बलता आदि में लाभप्रद है। यह दवाई मानसिक थकान, अंगों में संवेदना, दिल की कमजोरी, आँखों के आगे अचानक अँधेरा होना, बेहोशी, पागलपन, अनिद्रा, पुराने सिरदर्द, पीठ दर्द, शरीर का कांपना और वीर्य के अचानक स्रावित हो जाने आदि में सहायक हो सकती है।

दवा के बारे में इस पेज पर जो जानकारी दी गई है वह इसमें प्रयुक्त जड़ी-बूटियों के आधार पर है। हम इस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं कर रहे। यह दवा का प्रचार नहीं है। हमारा यह भी दावा नहीं है कि यह आपके रोग को एकदम ठीक कर देगी। यह आपके लिए फायदेमंद हो भी सकती हैं और नहीं भी। दवा के फोर्मुलेशन के आधार और यह मानते हुए की इसमें यह सभी द्रव्य उत्तम क्वालिटी के हैं, इसके लाभ बताये गए हैं। मार्किट में इसी तरह के फोर्मुले की अन्य फार्मसियों द्वारा निर्मित दवाएं उपलब्ध हैं। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें। हमारा उद्देश्य दवा के लेबल के अनुसार आपको जानकारी देना है।

Swarn Madhu (Dhanwantri Pharmaceutical) is Herbal Ayurvedic medicine. It is indicated in treatment of weakness and dryness of brain. It produces new energy, vigour and agility in the body and heart. It helps in mental fatigue, sensation in limbs, palpitation of heart, sudden black-outs, swoon, insanity, insomnia, chronic headache, backache, shivering of body etc. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: स्वर्ण मधु Swarn Madhu
  • निर्माता: धन्वंतरि फार्मास्यूटिकल
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल
  • मुख्य उपयोग: कमजोरी
  • मुख्य गुण: शारीरिक और मानसिक शक्तियां विकसित करना
  • गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं करें

स्वर्ण मधु के घटक Ingredients of Swarn Madhu

  • अश्वगंधा Withania Somnifera (Ashwagandha) 531.50 mg.
  • शतावरी Asparagus Ralemosus (Shatawar) 265.75 mg.
  • पुरेरिया ट्यूबरोसा Pureraria Tuberosa (Bidarikand) 531.50 mg.
  • मुकूना Mucuna Prurita (Kunch Seed) 265.75 mg.
  • मुसली Asparagus Adscendens (White Musali) 265.15 mg.
  • फीनिक्स सिलेवेस्ट्रीस Phoenix sylvestris (Chhuhara) 531.50 mg.
  • पेटरोस्पर्मम एसेरफ़ोलियम Pterospermum Acerifolium (Muchukand Fool) 265.75 mg.
  • अलहागी कैमलोनम Alhagi Camelonum (TurangBeen) 265.15 mg.
  • सोंठ Zingiber Officinale (Sounth) 265.15 mg
  • मालकांगनी Celastrus Panniculatus (Malkangni) 265.75 mg
  • ब्राह्मी Centella asiatica (Brahmi) 265.75 mg.
  • शंखपुष्पि Convolvulus Pluricaulis (Shankha Pushpi) 265.75 mg
  • Piper Longum (Piplamool) 265.75 mg.
  • टर्मिनलिया अर्जुन Terminalia Arjuna (Arjun) 265.75 mg.
  • तरबूज बीज Watermelon Seed (Meeng Tarbuz) 265.75 mg.
  • मिथाइल पैराबेन Methyl Paraben .15%
  • प्रोपाइल पैराबेन Propyl Paraben .05%
  • चीनी सिरप आधारित: क्यूएस Flavoured Sugar Syrup Based Q.S.

अश्वगंधा

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन ,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है। अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है। इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें को इंडियन जिन्सेंग के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है तथा यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है। अश्वगंधा आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है।

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कौंच

कौंच या केवांच बीज Mucuna pruriens की गिरी है। केवांच की गिरी बहुत ही प्रभावशाली हर्बल दवा है तथा इसे हजारों वर्षों से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। यह हाइपोथेलेमस पर काम करता है। इसके सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में भी उचित सुधार करने वाली नेचुरल दवा है। मानसिक तनाव, नसों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरोन के कम लेवल आदि में इसके सेवन से बहुत लाभ होता है।

शतावर

शतावर का वानस्पतिक नाम एस्पैरागस ऑफ़ीशिनैलिस Asparagus officinalis है। आयुर्वेद में इसकी जड़ों का प्रयोग दवा के रूप में किया जाता है।

शतावरी में अल्सर ठीक करने के, इम्युनिटी बढ़ाने के और टॉनिक गुण हैं। यह आँतों को साफ़ करती है और पेचिश को अपने संकोचक गुण से रोकती है। शतावर के सेवन से शरीर में अम्लपित्त की शिकायत दूर होती है। यह कामोत्तेजक भी है।

मुसली

मुसली को हर्बल वियाग्रा के रूप में जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन प्रणाली को दुरुस्त करती है। मुसली की जड़ों को पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह पुरुषों में यौन कमजोरी के लिए एक पोषक टॉनिक के रूप में कार्य करती है। मुसली का सेवन शरीर और मन को फिर से दुर्बलता को दूर करता है। इसके सेवन से कामेच्छा, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है और सामान्य दुर्बलता का इलाज होता है। यह एक शक्तिशाली पुरुष और महिला यौन उत्तेजक के रूप में काम करता है। यह रक्त और वीर्य वर्धक है।

विदारी

विदारी एक पौधे Pueraria tuberosa का कंद है। यह वातहर, पित्तहर, हृदय, पौष्टिक, शुक्रल, बल्य, कंठ के लिए उत्तम, वर्ण्य, रसायन और वाजीकारक है। इसके सेवन से रक्तपित्त, शुक्र क्षय, रक्त दोष, जलन, कफ, शूल, मूत्रकृच्छ, विसर्प और विषमज्वर आदि दूर होते हैं।

विदारी रस में मधुर और मधुर विपाक है। यह गुण में गुरु और स्निग्ध है। वीर्य में यह शीत है और शरीर को बल देने वाली रसायनी औषध है।

ब्राह्मी

सेन्टेला एशियाटिका Centella asiatica को संस्कृत में मन्डूकपर्णी, हिंदी में कुला कुड़ी, ब्राह्मी, और लैटिन में गोटूकोला या इंडियन पेनीवर्ट भी कहते हैं। इसके पत्ते मेंडक के जालीदार पैरों जैसे होते हैं इसलिए इसे मण्डूक पर्णी कहते हैं।

  • यह मेद्य को बढ़ाने वाली वनस्पति है।
  • रस: मधुर, तिक्त, काषाय
  • वीर्य: शीतल
  • विपाक: मधुर
  • गुण: लघु, रूक्ष
  • दोष पर प्रभाव: त्रिदोष संतुलित करना, मुख्य रूप से कफ-पित्त कम करना

गोटूकला, मेद्य रसायन, रक्तपित्तहर, रक्तशोधक, व्यास्थापना, और निद्राजनन है। यह बढ़े पित्त को कम करती है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को आराम देती है। इसके सेवन से एकाग्रता, स्मरणशक्ति, और बुद्धिमत्ता बढ़ती है।

गोटूकोला को गर्भावस्था में लेते समय बहुत सावधानी की आवश्यकता है। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नारकोटिक है और चक्कर लाता है। इसे चोलेस्त्र्ल और ब्लड शुगर कम करने वाली ददवाओं के साथ सावधानी से लेना चाहिए।

ब्राह्मी विशेष रूप से दिमाग के लिए फायदेमंद है। यह एक नर्वस टॉनिक, शामक, कायाकल्प, एंटीकनवेल्सेट और सूजन दूर करने वाली औषध है। आयुर्वेद में, ब्राह्मी को भावनात्मक तनाव, मानसिक थकान, स्मृति का नुकसान, और वात विकार को कम करने के लिए दिया जाता है। यह मस्तिष्क के कार्यों, स्मृति और सीखने को बढ़ावा देती है यह मिर्गी, दौरे, क्रोध, चिंता और उन्माद में लाभप्रद है।

शंखपुष्पि

आयुर्वेद में शंखपुष्पि Convolvulus pluricaulis दवा की तरह पूरे पौधे को प्रयोग करते हैं। शंखपुष्पि उन्माद, पागलपण और अनिद्रा को दूर करने वाली औषध है। यह स्ट्रेस, एंग्जायटी, मानसिक रोग और मानसिक कमजोरी को दूर करती है। शंखपुष्पि एक ब्रेन टॉनिक है।

  • रस: कटु, तिक्त, काषाय
  • वीर्य: शीतल
  • विपाक: कटु
  • गुण: सार
  • दोष पर प्रभाव: कफ-पित्त कम करना
  • शंखपुष्पि पित्तहर, कफहर, रसायन, मेद्य, बल्य, मोहनाशक और आयुष्य है। यह मानसरोगों और अपस्मार के इलाज में प्रयोग की जाने वाली वनस्पति है।

स्वर्ण मधु के कर्म Principle Action

  • अनुलोमन: द्रव्य जो मल व् दोषों को पाक करके, मल के बंधाव को ढीला कर दोष मल बाहर निकाल दे।
  • आयुष्य: जीवनीय
  • उन्मादहर: उन्माद / पागलपन को दूर करना।
  • कफहर: द्रव्य जो कफ को कम करे।
  • कुष्ठघ्न: द्रव्य जो त्वचा रोगों में लाभप्रद हो।
  • निद्राजनन: नींद लाने वाला। sedative
  • बल्य: ताकत देना।
  • बाजीकरण: द्रव्य जो रति शक्ति में वृद्धि करे।
  • मज्जाधातु रसायन: नसों के लिए लाभदायक।
  • मनोरोग्घ्न: मानसिक रोगों को दूर करना। Alleviates mental diseases
  • मेद्य: बुद्धिवर्धक intellect-promoting
  • रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।
  • वातहर: द्रव्य जो वातदोष निवारक हो।
  • वृष्य: द्रव्य जो बलकारक, वाजीकारक, वीर्य वर्धक हो।
  • शुक्रकर: द्रव्य जो शुक्र का पोषण करे।
  • शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे।
  • हृदय: द्रव्य जो हृदय के लिए लाभप्रद है।

स्वर्ण मधु के लाभ Benefits of Swarn Madhu

  • इसका प्रयोग शरीर में ठंडक देता है।
  • इसका सेवन शरीर में ताकत, उर्जा देता है।
  • इसमें केवांच, अश्वगंधा, विदारीकन्द, जैसे द्रव्य हैं जो की पुरुषों के विशेष रूप से उपयोगी माने गए हैं।
  • यह इम्पोटेंस में फायदेमंद है।
  • यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन आदि को दूर करती है।
  • यह एक सेक्सुअल टॉनिक है।
  • यह दवाई प्रजनन अंगों के सही प्रकार से काम करने में सहयोग करती है।
  • यह नसों को ताकत देती है।
  • यह नेत्रों के लिए हितकर है।
  • यह प्राकृतिक है और किसी के भी द्वारा इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित है।
  • यह बल और बुद्धि का विकास करता है।
  • यह बेहोशी, दौरे पड़ना, मसों की कमजोरी को दूर करने वाली दवा है।
  • यह मस्तिष्क की दुर्बलता और उष्णता में पूर्ण लाभ करता है।
  • यह मस्तिष्क के लिए टॉनिक है।
  • यह मानसिक थकावट को कम करती है।
  • यह याददाश्त को बढ़ाती है।
  • यह यौन दुर्बलता को दूर करने में सहायक है।
  • यह वात, पित्त, और कफ को संतुलित करती है और त्रिदोषनाशक है।
  • यह वीर्य / शुक्राणु की मात्रा को बढ़ाती spematogenic है।
  • यह शरीर और हृदय को शक्ति और स्फूर्ति देता है.
  • यह शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, अनैच्छिक शुक्रपात, स्वप्नदोष, यौन दुर्बलता में लाभप्रद है।
  • यह सिर की थकान, चक्कर आना,हृदय की निर्बलता,हाथ पैरों में जलन, अनियमित धड़कन,आखो के सामने अंधेरा होना, बेहोशी, उन्माद ,अनिंद्रा, पुराना सिर का दर्द ,स्त्री पुरषो में कमर के दर्द,सर्वांग कम्पन और प्रमेह में लाभकारी है।

स्वर्ण मधु के चिकित्सीय उपयोग Uses of Swarn Madhu

  • अंगों में सनसनी Sensation in limbs
  • अनिद्रा Insomnia
  • अनियमित धड़कन Palpitation of heart
  • कमर में दर्द Pain in waste
  • कामेच्छा और यौन इच्छा की कमी Decreased libido and sexual insufficiency
  • गंभीर सिरदर्द Chronic headache
  • चक्कर आना, बेहोशी Sudden black-outs, swoon
  • दवा के कारण कामेच्छा की कमी Drug-induced libido loss
  • नपुंसकता, शीघ्रपतन, मर्दाना कमजोरी impotency
  • पागलपन Insanity
  • पीठ दर्द Backache
  • पुरुषों में यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए
  • प्रमेह Prameha urinary disorders
  • मनोवैज्ञानिक यौन रोग Psychogenic sexual dysfunction
  • मस्तिष्क सूखापन Brain dryness
  • मानसिक दुर्बलता Mental debility
  • यौन कमजोरी के लिए sexual disorders of male
  • वीर्य का अचानक निकल जाना Sudden passing of semen
  • शरीर का हिलना Shivering of body
  • शरीर की कोशिकाओं की ताकत बढ़ाने के लिए
  • शारीरिक कमजोरी, स्ट्रेस, शारीरिक दुर्बलता Physical debility
  • शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर एजाकुलेशन
  • स्तंभन दोष Mild to moderate erectile dysfunction, ED, performance problem
  • स्वप्न दोष Night fall, erectile dysfunction

शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर एजाकुलेशन वह स्थिति है जिसमें योनि पेनेट्रेशन के 1 मिनट के भीतर स्खलन हो जाता है। जब यह हमेशा या लगभग हमेशा होता है है तो शीघ्र पतन की समस्या हो जाती है। इस यौन समस्या में स्खलन पर नियंत्रण की कमी रहती है। जिस कारण यौन संतुष्टि का अभाव रहता है और पार्टनर्स में निराशा तथा यौन प्रदर्शन की कमी, और संतुष्टि नहीं हो पाती।

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स्तंभनदोष या नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन, वह स्थिति है जब संभोग के दौरान शिश्न में तनाव / उत्तेजना नहीं आती अथवा यह उत्तेजना बनी नहीं रहती जिससे यौन निष्क्रियता हो जाती है।

नपुंसकता या नामर्दी में पुरुष सेक्स करने में असफल रहता है। यह स्थिति मानसिक भी हो सकती और शारीरिक भी। शारीरिक नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं जैसे की ब्लड सप्लाई की कमी, नर्व्स की गड़बड़ी से या हॉर्मोनल असंतुलन आदि तथा इसमें व्यक्ति के अंग में किसी स्थिति में उत्तेजना नहीं आती। मानसिक नपुंसकता चिंता, भय, स्ट्रेस, एंग्जायटी, आदि के कारण हो सकती है। इसमें मास्टरबेशन के दौरान पेनिस में उत्तेजना आती है जबकि सेक्स के दौरान नहीं।

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Swarn Madhu

  • 10 मिलीलीटर (2 चाय चम्मच) दिन में दो बार या तीन बार लें।
  • इसे दूध या पानी के साथ प्रति दिन लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

स्वर्ण मधु के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  • स्वर्ण मधु के साइड-इफेक्ट्स Side effects
  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है.
  • स्वर्ण मधु को कब प्रयोग न करें Contraindications
  • इसे बताई मात्रा से अधिकता में न लें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
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6 thoughts on “धन्वंतरि स्वर्ण मधु Swarn Madhu Detail and Uses in Hindi

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