पिप्पली चूर्ण लाभ, औषधीय प्रयोग, मात्रा एवं दुष्प्रभाव in Hindi

पिप्पली चूर्ण, एक हर्बल उत्पाद है। लम्बी पिप्पली को सुखा कर, पीस कर और छान कर जो पाउडर बनता है उसे पिप्पली पाउडर या पीपरी या पीपली चूर्ण कहते हैं।

पीपली का तासीर में हल्की गर्म है जिससे यह पित्त वर्धक है और वात को कम करती है। गर्म तासीर के कारण यह कफ को कम करती है।

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पिप्पली चूर्ण को मुख्य रूप से जुकाम, कोल्ड कफ में ले सकते हैं। यदि शरीर में बहुत कफ है, जकड़न है, माथा जाम लग रहा है तो इसका सेवन फायदा करता है। पित्त की कमी से होने पाचन ठीक से नहीं होता है, तो भी इसका सेवन करना फायदा करता है। पिप्पली, के सेवन से तिल्ली के रोगों में फायदा होता है।

पिप्पली चूर्ण एक हर्बल पाउडर है और जो मस्तिष्क के लिए है। यह तंत्रिका तंत्र के विकारों का इलाज करती है। यह दर्द, चिंता, अनिद्रा, मिर्गी और दौरे आदि में फायदेमंद है। यह चूर्ण तनाव को कम करता है और तंत्रिका तंत्र के सही काम करने को बढ़ावा देता है।

  • दवा का नाम: पिप्पली चूर्ण Pippali Churna
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल आयुर्वेदिक दवा
  • मुख्य उपयोग: कोल्ड, कफ, जुकाम
  • मुख्य गुण: कफ कम करना
  • गर्भावस्था में प्रयोग: बिना डॉक्टर की सलाह नहीं करें
  • डायबिटीज में प्रयोग: कर सकते हैं
  • उच्च रक्तचाप में प्रयोग: कर सकते हैं

पिप्पली चूर्ण का वात-पित्त या कफ प्रभाव

  • वात कम करना।
  • पित्त वृद्धि करना।
  • कफ कम करना।

पिप्पली चूर्ण के प्रधान कर्म

  • अनुलोमन: द्रव्य जो मल व् दोषों को पाक करके, मल के बंधाव को ढीला कर दोष मल बाहर निकाल दे।
  • कफहर: द्रव्य जो कफ को कम करे।
  • छेदन: द्रव्य जो श्वास नलिका, फुफ्फुस, कंठ से लगे मलको बलपूर्वक निकाल दे।
  • दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।
  • पित्तकर: द्रव्य जो पित्त को बढ़ाये।
  • वातहर: द्रव्य जो वातदोष निवारक हो।

पिप्पली चूर्ण के फायदे Benefits of Pippali Churna

कम करे कफ, जुकाम

पिप्पली स्वभाब से हलकी गर्म है। इस गुण से यह कफ को पतला करती है और सांस नलियों में जमे कफ को निकालती है। यह छाती में जमे कफ को भी कम करती है और वेसोडाईलेशन भी करती है जिससे अस्थमा, सांस की तकलीफ में फायदा होता है।

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अच्छा करे पाचन

पीपल पित्त वर्धक है। इसके सेवन से पित्त बढ़ता है जिससे पाचन ठीक से होता है। पीपली आँतों की लाइनिंग को साफ़ करती है और भूख भी बढ़ाती है।

बढ़ाये मेटाबोलिज्म और कम करे मोटापा

पीपली ले सेवन से मेटाबोलिज्म तेज होता है और मोटापे में लाभ होता है। इस्की आधे ग्राम की मात्रा को दूध के साथ लें।

तेज करे सर्कुलेशन

पिप्पली को खाने से शरीर में गर्मी आती है जिससे परिसंचरण ठीक होता है।

दूर करे गंदगी

पिप्पली शरीर में जमे आम दोष को कम करती है। आम दोष, शरीर में पाचन की विकृति और बिना पचे हुए अन्न के शरीर में सड़ने से पैदा होने वाला दोषण है। आम दोष होने से जीभ पर सफेद सा पदार्थ जमा दीखता है। आम दोष को कम करने वाले मसालों में पिप्पली मुख्य है।

बढाये दवा की बायोअवेलेबिलिटी

पिप्पली में पिपरीन होने से यह दवाओं में बायोअवेलेबिलिटी बढ़ाती है।

हिचकी में फायदेमंद

हिचकी में पिपली चूर्ण को शहद के साथ चाटने से हिचकी में फायदा होता है।

सिर में दर्द

आधे सिर में दर्द है, माइग्रेन है तो पिप्पली एक ग्राम और वच एक ग्राम को मिलाकर, गर्म दूध के साथ लें।

पिप्पली चूर्ण के चिकित्सीय उपयोग Uses of Pippali Churna

चिकित्सीय रूप से आप पिप्पली चूर्ण को निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में प्रयोग कर सकते हैं:

  • अग्निमांद्य Agnimandya (Digestive impairment)
  • अपच Indigestion
  • अरुचि Loss of appetite
  • आम दोष Ama Dosha (metabolic waste and toxins)
  • कास Kasa (cough)
  • कोलिक Intestinal colic
  • गैस Flatulence
  • ज्वर Jvara (Fever)
  • टीबी Rajayakshma (Tuberculosis);
  • धीमा मेटाबोलिज्म Low metabolism
  • पेट फूलना Abdominal distention
  • मोटापा Obesity
  • श्वास shvasa (Dyspnoea)
  • हिचकी Hiccups

पिप्पली चूर्ण की औषधीय मात्रा Dosage of Pippali Churna

  • वयस्क इसको निम्न मात्रा में ले सकते हैं:
  • 250-500 mg पाउडर दिन में दो बार या तीन बार।

पिप्पली चूर्ण को कैसे लें?

इसे भोजन करने के बाद में लें।

पिप्पली चूर्ण का अनुपान क्या हो?

  • इसे गर्म पानी या शहद के साथ लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

पिप्पली चूर्ण कितने दिनों तक लें?

दवा को २-३ सप्ताह तक ले सकते हैं। लेकिन रोग और रोगी की स्थिति के अनुसार ही दवा का ट्रीटमेंट कोर्स होता है। अतः डॉक्टर की राय लें।

पिप्पली चूर्ण के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

पित्त प्रकृति में इसे कम लें या नहीं लें।

पिप्पली चूर्ण का गर्भावस्था में प्रयोग

पिप्पली पाउडर को प्रेगनेंसी में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

पिप्पली चूर्ण के नुकसान – साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • पिप्पली को लम्बे समय तक इस्तेमाल नहीं करें। ज्यादा इस्तेमाल करेनेगे तो वात-पित्त और कफ तीनों ही दोष असंतुलित हो जाते है।
  • ज्यादा सेवन से शरीर में कफ कम होने के बजाए बढ़ जाएगा।

पिप्पली चूर्ण को कब प्रयोग न करें Contraindications

ब्लीडिंग डिसऑर्डर, अल्सर, शरीर में अधिक गर्मी, गर्मी के रोग में इसका सेवन नहीं करे।

पिप्पली चूर्ण का ड्रग इंटरेक्शन Drug Interaction को लम्बे समय तकजैसे कुछ महीने तक नहीं लेना चाहिए।

इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए डॉक्टर की राय प्राप्त करें।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
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