मेदोहर गुग्गुलु | Medohar Guggulu Detail and Uses in Hindi

जानिये मेदोहर गुग्गुल के फायदे और नुकसान इन हिंदी। Medohar guggulu patanjali, Baidyanath, Vyas price and side effects. मेदोहर गुग्गुल बैद्यनाथ, पतंजलि, व्यास के बारे में पूरी जानकारी। मेदोहर गुग्गुलु इस्तेमाल करने का तरीका।

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मेदोहर गुग्गुल वजन कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। यह दवा आयुर्वेद की एक क्लासिकल दवाई है इसलिए कई फार्मसियों द्वारा निर्मित है। मेदोहर गुग्गुलु एक एंटीओबेसिटी फार्मूला है जिसमें प्रयुक्त द्रव्य शरीर में वसा के जमाव को कम करते हैं, आमदोष दूर करते हैं, भूख-पाचन और मेटाबोलिज्म में सुधार करते हैं और वज़न को कम करते हैं।

Also Read in English: Medohar Guggulu For Obesity

guggulu
By Jacopo188 – Own work, CC BY-SA 3.0

पतंजलि दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित वज़न कम करने की दवा, दिव्य मेदोहर वटी बाज़ार में उपलब्ध है जिसका फार्मूलेशन मेदोहर गुग्गुलु से बिलकुल अलग है। मेदोहर गुग्गुलु और मेदोहर वटी बिलकुल भिन्न हैं।

मेदोहर गुग्गुल, शरीर में मेद धातु को कम करती है या उसे हरती है, इसलिए यह मेदोहर है। मेद धातु, शरीर के लिए आवश्यक है तथा धारण और पोषण का कार्य करती है। अधिकता में चर्वी अनावश्यक रूप से स्थित मेद-धातु का ही विकृत रूप है। किसी व्यक्ति में मेद-धातु की वृद्धि ही मोटापा है।

मोटापे के कई महत्वपूर्ण कारण हैं जैसे की पाचन तंत्र की खराबी, थायराइड की समस्या, hormonal असंतुलन, आनुवंशिकी, धीमा चयापचय, PCOD, निष्क्रिय जीवन शैली और अधिक वसा वाला खाना, भोजन की आदतें आदि। मोटापा या अधिक वजन बहुत से अन्य रोगों का कारण है। ये मधुमेह, उच्च रक्तचाप, बांझपन, हृदय, संचार की समस्याओं, आदि होने के रिस्क को बढाता है।

मेदोहर गुग्गुलु बढे हुए वजन को कम करने में मदद करती है। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें।

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Medohar Guggul is a useful medicine to treat obesity and hyperlipaemia. Hyperlipaemia is condition of an abnormally high concentration of fats or lipids in the blood.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: आयुर्वेदिक हर्बल दवा
  • मुख्य उपयोग: मोटापा कम करना Weight Loss
  • मुख्य गुण: मेदोहर, कृमिघ्न, विरेचक
  • बैद्यनाथ मेदोहर गुग्गुलु एमआरपी MRP: 120 Tablets @ INR 195

मेदोहर गुग्गुलु के घटक Medohar Guggul Composition

मेदोहर गुग्गुलु को त्रिकटु, त्रिफला, चित्रकमूल, नागरमोथा, विडंग और गुग्गुल को एरण्ड तेल की भावना देकर बनाया जाता है। बाज़ार में उपलब्ध ज्यादातर ब्रांड की मेदोहर गुग्गुल के यही घटक हैं। लेकिन हर गोली में जड़ी-बूटियों की मात्रा अलग हो सकती है।

कुछ फार्मसी गुग्गुल की मात्रा ज्यादा रखती हैं और कुछ कम। कुछ तो शुद्ध गुग्गुल की जगह अन्य किसी पेड़ की गोंद का भी प्रयोग कर रही हैं। यह एक गुग्गुल प्रधान औषध है इसलिए लेबल पर गुग्गुल की प्रयुक्त मात्रा अवश्य देख लें।

श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन, एक बहुत ही जानी-मानी और पुरानी आयुर्वेदिक फार्मसी है। इसके द्वारा निर्मित मेदोहर गुग्गुल में शुद्ध गुग्गुलु की मात्रा करीब 36 प्रतिशत है।

नीचे बैद्यनाथ मेदोहर गुग्गुलु में प्रयुक्त जड़ी-बूटियाँ दी गयीं हैं:

प्रत्येक 700 mg की गोली में:

  1. त्रिकटु (Shunthi 27. 7 mg + Marich 27. 7 mg + Pippali 27. 7 mg)
  2. त्रिफला Triphala (Haritaki 27. 7 mg + Bibhitaka 27. 7 mg + Amla 27. 7 mg)
  3. चित्रकमूल Chitrakmool 27. 7 mg
  4. नागरमोथा Nagarmotha 27. 7 mg
  5. विडंग Vidanga 27. 7 mg
  6. गुग्गुल Guggulu 249. 30 mg
  7. एरण्ड तेल Castor and excipients Q.S

मेदोहर गुग्गुलु जाने दवा में प्रयुक्त जड़ी-बूटियों को

गुग्गुल एक पेड़ से प्राप्त गोंद है। यह मुख्य रूप से शरीर से किसी भी प्रकार की सूजन को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद में यह आर्थराइटिस, गाउट, रुमेटिस्म, लम्बागो, तथा सूजन को दूर करने में प्रयोग की जाने वाली प्रमुख औषध है। यह मेदोहर antiobesity है। गुग्गुलु किसी भी वज़न कम करने की दवा का प्रमुख घटक है। यह शरीर से वसा को कम करती है। यह शरीर में कोलेस्ट्रोल के संश्लेषण को कम करती है। यह सीरम ट्राइग्लिसराइड, बुरे कोलेस्ट्रोल, और मेद को कम करती है।यह मेटाबोलिज्म में सुधार करती है और अतिरिक्त वज़न को कम करने में सहायक है।

गुग्गुल को सदियों से आयुर्वेद में विभिन्न बिमारियों के उपचार में इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें प्रमुख है जोड़ों का दर्द, गठिया, मोटापे में एक वजन कम करने के लिए और रक्त वाहिकाओं के सख्त होना आदि। गुग्गुलु में शांतिदायक demulcent, मल को ढीला करनेवाले aperient, रक्त को साफ़ करनेवाले purifier of blood, वसा कम करनेवाले, सूजन घटाने के और कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण होते है।

त्रिकटु चूर्ण, को तीन (त्रि) कटु पिप्पली long pepper, काली मिर्च Black pepper और सोंठ dry ginger बराबर मात्रा में मिला कर बनाया जाता है। त्रिकटु पाचन और श्वास सम्बन्धी समस्याओं में लाभकारी है।

अदरक का सूखा रूप सोंठ या शुंठी dry ginger is called Shunthi कहलाता है। एंटी-एलर्जी, वमनरोधी, सूजन दूर करने के, एंटीऑक्सिडेंट, एन्टीप्लेटलेट, ज्वरनाशक, एंटीसेप्टिक, कासरोधक, हृदय, पाचन, और ब्लड शुगर को कम करने गुण हैं। यह खुशबूदार, उत्तेजक, भूख बढ़ाने वाला और टॉनिक है। सोंठ का प्रयोग उलटी, मिचली को दूर करता है।

शुण्ठी पाचन और श्वास अंगों पर विशेष प्रभाव दिखाता है। इसमें दर्द निवारक गुण हैं। यह स्वाद में कटु और विपाक में मधुर है। यह स्वभाव से गर्म है।

मरिच या मरिचा, काली मिर्च को कहते हैं। इसके अन्य नाम ब्लैक पेपर, गोल मिर्च आदि हैं। यह एक पौधे से प्राप्त बिना पके फल हैं। यह स्वाद में कटु, गुण में गर्म और कटु विपाक है। इसका मुख्य प्रभाव पाचक, श्वास और परिसंचरण अंगों पर होता है। यह वातहर, ज्वरनाशक, कृमिहर, और एंटी-पिरियोडिक हैं। यह बुखार आने के क्रम को रोकता है। इसलिए इसे निश्चित अंतराल पर आने वाले बुखार के लिए प्रयोग किया जाता है।

पिप्पली, उत्तेजक, वातहर, विरेचक है तथा खांसी, स्वर बैठना, दमा, अपच, में पक्षाघात आदि में उपयोगी है। यह तासीर में गर्म है। पिप्पली पाउडर शहद के साथ खांसी, अस्थमा, स्वर बैठना, हिचकी और अनिद्रा के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक टॉनिक है।

त्रिकटु या त्रिकुटा के तीनो ही घटक आम पाचक हैं अर्थात यह आम दोष का पाचन कर शरीर में इसकी विषैली मात्रा को कम करते हैं। आमदोष, पाचन की कमजोरी के कारण शरीर में बिना पचे खाने की सडन से बनने वाले विषैले तत्व है। आम दोष अनेकों रोगों का कारण है। यह मेटाबोलिज्म metabolism को बढ़ाता है जिससे वज़न कम करने में सहयोग होता है।

अधिक मात्रा में त्रिकटु का सेवन पेट में जलन, एसिडिटी, आदि समस्या कर सकता है। त्रिकटु का सेवन गर्भावस्था में न करें।

त्रिफला (फलत्रिक, वरा) आयुर्वेद का सुप्रसिद्ध रसायन है। यह आंवला, हर्र, बहेड़ा को बराबर मात्रा में मिलाकर बनता है। यह रसायन होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छा विरेचक, दस्तावर भी है। इसके सेवन से पेट सही से साफ़ होता है, शरीर से गंदगी दूर होती है और पाचन सही होता है। यह पित्त और कफ दोनों ही रोगों में लाभप्रद है। त्रिफला प्रमेह, कब्ज़, और अधिक पित्त नाशक है। यह मेदोहर और कुछ दिन के नियमित सेवन से वज़न को कम करने में सहायक है। यह शरीर से अतिरिक्त चर्भी को दूर करती है और आँतों की सही से सफाई करती है।

हरीतकी Terminalia chebula आयुर्वेद की रसायन औषधि है। यह पेट रोगों में प्रयोग की जाने वाली सबसे प्रभावी औषध है। संस्कृत में हरड़ को हरीतकी, हर्रे, हर्र, अभया, विजया, पथ्या, पूतना, अमृता, हैमवती, चेतकी, विजया, जीवंती और रोहिणी आदि नामों से जानते हैं। यूनानी में इसे हलीला कहते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, हरीतकी में पांचो रस मधुर, तीखा, कडुवा, कसैला, और खट्टा पाए जाते हैं। गुण में यह लघु, रुक्ष, वीर्य में उष्ण और मधुर विपाक है। हरीतकी, विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकलती है व अधिक वात को काम करती है। यह विरेचक laxative, कषाय astringent, और रसायन tonic है। यह सूजन को दूर करती है। यह मूत्रल और दस्तावर है। यह अफारे को दूर करती है और पेट के कीड़ों को भी नष्ट करती है।

बहेड़ा या विभीतक, बिभीतकी (Terminalia bellirica) रस में मधुर, कसैला, गुण में हल्का, रूक्ष, प्रकृति में गर्म, और मधुर विपाक है। यह त्रिदोषनाशक, धातुवर्द्धक, वीर्यवर्धक, पोषक, रक्तस्तम्भक, दर्द को शांत करने वाला तथा कब्ज में लाभकारी है। बहेड़े में टैनिन में पाए जाते हैं तथा यह रक्त को बहने से रोकता है। यह रस, रक्त, मांस और मेद से उत्पन्न विकारों और दोषों को दूर करता है। यह पित्त और कफ को संतुलित करता है।

बहेड़े का सेवन मन्दाग्नि, प्यास, वमन, अर्श, कृमि, खांसी-जुखाम, सांस फूलना, आवाज़ बैठना, आदि में लाभकारी है। यह मेद धातु पर तेज़ी से प्रभाव डालता है।

आंवला, ठंडक देने वाला, कसैला, पाचक, विरेचक, भूख बढ़ाने वाले और कामोद्दीपक माना गया है। इसमें ज्वरनाशक, सूजन दूर करने के और मूत्रवर्धक गुण है। आंवला एक रसायन है जो की शरीर में बल बढाता है और आयु की वृद्धि करता है। यह शरीर में इम्युनिटी boosts immunity को बढाता है। यह विटामिन सी vitamin C का उत्कृष्ट स्रोत है। इसके सेवन से बाल काले रहते है, वात, पित्त और कफ नष्ट होते है और शरीर में अधिक गर्मी का नाश होता है।

चित्रक मूल Plumbago zeylanica roots वातशामक, कफनाशक, पित्तवर्धक, आमपाचन, रक्तशोधक, और लेखनीय है।

चित्रक का अधिक मात्रा में उपयोग नहीं करना चाहिए। यह स्वभाव से बहुत उष्ण है। इसे गर्भवस्था में कभी भी प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। पित्त प्रकृति के लोगों, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, नाक से खून गिरना, पीरियड में अधिक ब्लीडिंग होना, गर्भाशय से असामान्य खून जाना, आदि में चित्रक का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इसे कोमल प्रकृति के लोगों में बहुत ही सावधानी से प्रयोग करना चाहिए.

नागरमोथा (वानस्पतिक नाम साइप्रस स्केरियस Cyperus scariosus) एक पौधा है जो पूरे भारत में खरपतवार के रूप में उगता है। संस्कृत में इसे नागरमुस्तक या भद्र मुस्तक कहते हैं। इसके पौधे अधिक पानी वाली जगहों पर पाए जाते हैं। इसकी जड़ें कन्द है। यह सुगंधित होती हैऔर इत्र बनाने और अरोमाथेरेपी में प्रयोग होती हैं। कंदों में ज्वरघ्न, मूत्रवर्धक, रोगाणुरोधी, रक्तचाप को कम करने, सूजन दूर करने और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने के गुण हैं। कन्द रस (स्वाद) में कड़वे, तीखे, कैसैले, गुण में लघु, रूक्ष, और विपाक में कटु है। यह ग्राही (शोषक), दीपन, पाचन, और कृमिघ्न है।

वायविडंग Embelia Ribes कृमि रोग, मेदवृद्धि तथा कफ रोगों में विशेष रूप से उपयोगी है। यह अनुलोमन, एंटीबैक्टीरियल, कृमिनाशक, और एंटीबायोटिक है। यह आयुर्वेद में पेट के कीड़ों के लिए प्रयोग की जाने वाली प्रमुख वनस्पति है। यह पेट के सभी रोगों, कब्ज़, अफारा, अपच, पाइल्स आदि में उपयोगी है।

एरंड का तेल या केस्टर आयल एक वनस्पति तेल है जिसे अरंडी/रेंड castor seeds से निकाला जाता है। इसमें कोई गंध और स्वाद नहीं होता। अरंडी का तेल एक विरेचक laxative है और कब्ज constipation के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका गर्भावस्था में इसका उपयोग लेबर/ प्रसव को शुरू करा सकता है। Its use in pregnancy can induce labour pain।

मेदोहर गुग्गुलु के मुख्य गुणधर्म Qualities of Medohar Guggulu

  1. कफहर: द्रव्य जो कफदोष निवारक हो।
  2. वातहर: द्रव्य जो वातदोष निवारक हो।
  3. अनुलोमन: द्रव्य जो मल व् दोषों को पाक करके, मल के बंधाव को ढीला कर दोष मल बाहर निकाल दे।
  4. शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे।
  5. पाचन: द्रव्य जो आम को पचाता हो लेकिन जठराग्नि को न बढ़ाये।
  6. दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।
  7. मेदोहर: मोटापे को दूर करना।
  8. कृमिघ्न: पेट के कीड़ों को नष्ट करना।
  9. भेदनीय: दस्तावर और शरीर में जमाव को दूर करना।
  10. लेखन: शरीर से विजातीय – विषैले पदार्थों को दूर करना।

मेदोहर गुग्गुलु के लाभ/फ़ायदे Medohar Guggul Benefits

  1. यह दवाई Metabolism को सही करती है।
  2. यह दवाई पाचन को सही कर, फैट को कम करने में मदद करती है।
  3. यह दवाई रक्त परिसंचरण में सुधार करती है।
  4. यह दवाई कोलेस्ट्रोल, ट्राइग्लिसराइड, और लिपिड लेवल को कम करती है।
  5. यह दवाई कृमिनाशक है।
  6. यह मेदोहर है।
  7. यह शरीर से चर्बी कम करती है।
  8. पेट पर चर्बी के अतिरिक्त यह मधुमेह, घुटने के दर्द, फैटी यकृत, उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल में लाभप्रद है।

मेदोहर गुग्गुलु के चिकित्सीय उपयोग Uses of Medohar Guggul

मोटापा / स्थौल्य / शरीर का भारीपन Obesity or For weight loss

पेट पर चर्बी abdominal fat

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Medohar Guggul

  1. इस दवा की 500mg से 1000mg की मात्रा दिन में दो अथवा तीन बार अपने वज़न को कम करने अनुसार ले सकते हैं।
  2. ज्यादातर लोगों को इसकी 2 गोली दिन में सुबह नाश्ते के बाद और रात के भोजन के बाद लेनी चाहिए।
  3. एक दिन में इसकी अधिकतम ली जा सकने वाली मात्रा 6 ग्राम है।
  4. इस दवा को गर्म पानी के साथ लेना चाहिए तथा उपचार के समय हो सके तो गर्म पानी का ही सेवन करें। इसे चबा कर लिया जाए तो ज्यादा उचित है।
  5. इस दवा को खाना खाने से आधा घंटा पहले या भोजन करने के एक घंटे बाद गर्म पानी से लें।
  6. या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  1. दवा की सटीक मात्रा व्यक्ति के पाचन, उम्र, वज़न और स्वास्थ्य को देख कर ही तय की जा सकती है।
  2. दवा के साथ-साथ भोजन और व्यायाम पर भी ध्यान दें।
  3. पानी ज्यादा मात्रा में पियें।
  4. पीने के लिए हल्का गर्म पानी लें।
  5. खाने में सलाद ज़रूर लें।
  6. घी, मिठाई, चीनी, जंक फ़ूड, केक, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, मैदे से बने भोज्य पदार्थ न खाएं।
  7. यह दवा बारह साल से छोटे बच्चों को न दें।
  8. गर्भावस्था में इसका प्रयोग न करें।
  9. महिलायें जो बच्चे के लिए प्लान कर planning for conception रही हों वे इसका सेवन न करें। क्योंकि इसमें कई उष्ण वीर्य, लेखन, भेदन जड़ीबूटियाँ है।
  10. यदि मासिक periods में इसके सेवन से ज्यादा ब्लीडिंग लगे तो इसका सेवन कुछ दिनों के लये बंद कर दें।
  11. इस दवा में विरेचक laxative गुण हैं।
  12. अधिक मात्रा में सेवन पेट में जलन कर सकता है।
  13. यह दवा कुछ महीनों तक प्रयोग की जा सकती है।
  14. अच्छे प्रभाव के लिए दवा के साथ-साथ जीवन शैली में भी परिवर्तन करें।
  15. डायबिटीज हो तो इसके सेवन के दौरान रक्त शर्करा के स्तर को बराबर जांचते रहें।
  16. गुग्गुलु के सेवन के समय खट्टे – तीक्ष्ण पदार्थों और अल्कोहल का सेवन न करें।
  17. यह एक दवा है, इससे तुरंत जादुई असर नहीं होगा। दवा के साथ साथ खाने-पीने पर नियंत्रण और व्यायाम आवश्यक है। वज़न कितना ज्यादा है और कितने समय से है, खान -पान क्या, लाइफस्टाइल कैसी है, ये सभी फैक्टर दवा के परिणाम को प्रभावित करते हैं। धैर्य से सभी चीजों पर ध्यान दें, लाभ अवश्य होगा।

मेदोहर गुग्गुलु के बारे में पूछे जाने वाले कुछ सामान्य प्रश्न

1- क्या मेदोहर गुग्गुलु के साथ त्रिफला गुग्गुलु, और वृक्षमला आदि लिए जा सकते हैं।

मेदोहर गुग्गुल को त्रिफला गुग्गुलु के साथ भी लिया जा सकता है। क्योंकि दोनों में ही त्रिफला और गुग्गुल है इसलिए दवा की मात्रा एडजस्ट करनी पड़ेगी। दोनों की एक-एक गोली (500mg) को दिन में दो बार लिया जा सकता है।

वृक्षमला के सेवन से भूख लगना कम होता है और अधिक मोटे लोगों में यह वसा को भी कम करता है।

2- मेदोहर गुग्गुल के लिए सही अनुपान क्या है?

इसे गर्म पानी के साथ लिया जाना चाहिए। इसे त्रिफला के काढ़े के साथ भी ले सकते हैं। गर्म पानी से दवा के अवशोषण में सहायता मिलती है।

3- यदि यह दवा मेरे लिए काम नहीं कर रही है तो मैं क्या कर सकता हूं?

दवा को शुरू करने से पहले अपना वज़न अवश्य नाप लें। एक-दो महीने बाद फिर वज़न करें। यदि संतुलित भोजन रहें हैं, बहुत अधिक मात्रा में भोजन नहीं कर रहे,जंक फ़ूड-कोल्ड ड्रिंक, पिज़्ज़ा, बर्गर, आलू, चिप्स नहीं खा रहे और व्यायाम भी नियमित कर रहे हैं, लेकिन वज़न कम नहीं हुआ तो आप दूसरी फार्मसी के यही दवा प्रयोग करके देखें। यदि फिर भी लाभ नहीं हो पाए तो यह दवा न लें।

4- क्या यह दवा सभी में समान परिणाम देती हैं?

नहीं, दवा का प्रभाव और परिणाम बहुत सी बातों पर निर्भर है। इसलिए जो लोग भी इसे ले रहें हैं सबमे एक जैसा वज़न कम हो या समान परिणाम मिलें, ऐसा ज़रूरी नहीं है।

5- दिन में कितनी बार यह दवा लूं?

यह दवा दिन में तीन बार या दो बार ली जा सकती है। जैसे एक गोली दिन में तीन बार खाने के बाद अथवा दो गोली, सुबह और रात के खाने के बाद। एक दिन में तीन ग्राम तक की मात्रा, ज्यादतर वयस्कों के लिए सुरक्षित है। हर गोली की स्ट्रेंग्थ दवा के लेबल पर लिखी होती है।

6- क्या मेदोहर गुग्गुल को बंद करने के बाद वजन वापस आ जाएगा?

यदि आप उच्च वसा युक्त भोजन, पराठे, पिज़्ज़ा, बर्गर, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, तली भोज्य पदार्थ, चाट आदि अक्सर खा लेते हैं, तो वज़न फिर से बढ़ जाएगा। लेकिन यदि आप डाइट पर कण्ट्रोल रखते हुए नियमित व्यायाम, चलना-घूमना, स्विमिंग आदि करते हैं तो आपका वज़न दवा न खाने पर भी ठीक बना रहेगा।

7- क्या यह दवा बच्चों को दे सकते हैं?

नहीं, एंटी-ओबेसिटी दवाएं बच्चों को न ही दें तो बेहतर है। बच्चे बहुत कोमल होते हैं. उनमे लगातार शारीरिक और मानसिक विकास चल रहा होता है. इसलिए कोई भी दवा बच्चों को डॉक्टर के निर्देश के बिना न दें।

8- क्या यह दवा गर्भावस्था के दौरान खा सकते हैं?

बिलकुल नहीं। इस दवा में में प्रयुक्त जड़ी-बूटियों की तासीर उष्ण है जिससे यह शरीर में गर्मी बढ़ा देती है। आयुर्वेद में तासीर से गर्म भोज्य पदार्थों का सेवन दवा रूप में करने का निषेध है।

9- क्या दूध पिलाने वाली माताएं इसे ले सकती हैं?

कृपया गर्भावस्था के तुरंत बाद तेजी से वज़न घटाने का प्रयत्न न करें। बच्चा 6 महीने तक पूरी तरह माँ के दूध पर निर्भर रहता है। बच्चे को उसकी ज़रूरत के अनुसार दूध पिलायें। स्तनपान, गर्भावस्था में शरीर में संग्रहित वसा को कम करने में सहयोगी है।

बाद में डॉक्टर की सलाह लें।

10- क्या पीरियड्स के दौरान यह दवा ले सकते हैं?

यदि इसकी उष्ण प्रकृति के कारण पीरियड पर किसी भी तरह का प्रभाव लगे, जैसे ब्लीडिंग ज्यादा दिन हो, अधिक हो आदि तो इसे पीरियड्स के दौरान न लें।

11- क्या जब बच्चे के लिए प्लान कर रही हूँ तो मैं इस ले सकती हूँ?

नहीं। इसे न लें। यह हॉट पोटेंसी है और गर्भ ठहरने में दिक्कत हो सकती है।

12- क्या इसे लम्बे समय तक ले सकते हैं?

हाँ, इसे लेने का कोई भी सीरियस साइड-इफ़ेक्ट नहीं है।

13- यदि इस दवा को लेने से एसिडिटी हो और सिर दर्द हो, तो क्या करें?

हो सकता है कि आप दवा को ज्यादा मात्रा में ले रहें हैं ऐसे में दवा की मात्रा को कम करके देखें। ऐसा भी हो सकता है आप पित्त प्रकृति के हों और दवा का सेवा शरीर में पित्त को और बढ़ा रहा हो। दवा की मात्रा को कम करके देखें।

14- क्या अन्य एलोपैथिक या होम्योपैथिक दवा ले रहें हैं तो इसे ले सकते है?

ले सकते हैं। पर सभी दवाएं एक साथ न लें। दवाओं को लेने में कम से कम 2-3 घंटे का गैप रखें।

15- क्या उच्च रक्तचाप की दवाओं के साथ इसे ले सकते हैं?

उच्च रक्तचाप की दवाएं खून पतला करती हैं और गुग्गुलु भी यही काम करता है। इसलिए हाइपरटेंशन, एंटीप्लेटलेट दवाएं, एस्पिरिन आदि के सेवन के साथ इसका सेवन सावधानी से डॉक्टर की सलाह पर करें।

16- क्या इसे त्रिफला के साथ ले सकते हैं?

हाँ। एक चम्मच त्रिफला को रात में भिगो लें और सुबह उबाल कर काढ़ा बना लें। इसे छान लें और दवा को इसके साथ लें। ऐसा रात सोने से पहले भी करें।

17- इस दवा के सेवन से एक महीने में कितना वज़न कम होगा?

ऐसा बता पाना मुश्किल है। ज्यादा मोटे लोगों में ज्यादा वज़न कम होने की संभावना रहती है। व्यक्ति को दवा के साथ साथ डाइट और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाने चाहिए जिससे अच्छे परिणाम मिलें।

18- क्या मेदोहर गुग्गुल और मेदोहर वटी एक ही दवा है?

नहीं। मेदोहर गुग्गुल और मेदोहर वटी का फार्मूला अलग है। मेदोहर गुग्गुल कई फार्मेसी बनाती हैं जबकि मेदोहर वटी दिव्य फार्मेसी की प्रोप्राइटरी दवा है। मेदोहर वटी में गुग्गुल की मात्रा कम है।

19- क्या मेदोहर गुग्गुल का सेवन भूख पर असर डालता है?

हाँ, ऐसा हो सकता है की भूख बढ़ जाए या ठीक से लगे। इसमें त्रिफला और कैस्टर आयल हैं जो पेट को साफ़ करने में मदद करते हैं। त्रिकटु दीपन-पाचन और स्रोतों को साफ़ करने वाला है। अगर भूख अधिक लगती हो तो सलाद, फल आदि अधिक खाएं। फलों के स्थान अपर जूस का प्रयोग कदापि न करें।

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20- क्या यह दवा वज़न ज़रूर कम कर देगी?

नहीं ऐसा ज़रूरी नहीं है। किसी भी अन्य दवा की तरह यह आप को सूट कर भी सकती है और नहीं भी। यह वज़न कम कर भी सकती है और नहीं भी।

बाज़ार में मिलने वाली नकली दवाओं से सावधान रहें। दवा केवल जानी-मानी आयुर्वेदिक फार्मसी की और भरोसेमंद दुकान से लें। किसी भी ब्रांड की मेदोहर गुग्गुल लेने से पहले, प्रत्येक गोली की स्ट्रेंग्थ और उसमें पड़ी जड़ी-बूटियों को अवश्य देख लें। गुग्गुल की मात्रा बहुत कम होने पर अधिक प्रभाव नहीं होगा। इसके अतिरिक्त दवा की सही मात्रा लें। कम मात्रा में लेने से दवा प्रभाव नहीं करेगी।

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