महासुदर्शन काढ़ा प्रवाही Mahasudarshan Kadha Detail and Uses in Hindi

महासुदर्शन काढ़ा प्रवाही, हर्बल आयुर्वेदिक दवा है। यह फरमेंटेड आयुर्वेदिक दवा, आसव है, और बुखार में उपयोगी है। इसमें 5-10 प्रतिशत तक सेल्फ-जनरेटेड अल्कोहल होता है। यह किसी भी कारण से होने वाले बुखार/ ज्वर/फीवर, के इलाज के लिए बहुत ही जानी-मानी और उपयुक्त दवा है।

इसका सेवन पसीना लाता है और बुखार को कम करता है। यह मूत्रल होने के कारण पेशाब की मात्रा को बढ़ाता है। यह सभी प्रकार के बुखार और मलेरिया के लिए एक बहुत ही अच्छी हर्बल दवा है। इसे स्वाइन फ्लू, टाइफाइड, पुराने बुखार, सन्निपात ज्वर, विषम ज्वर, आमज्वर, लीवर-स्प्लीन रोग के कारण ज्वर, शीत ज्वर, पाक्षिक ज्वर, मासिक ज्वर, आदि सभी में प्रयोग किया जाता है। यह जिगर और तिल्ली के रोगों के लिए भी उपयोगी है।

महासुदर्शन काढ़ा रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाता है। यह भूख और पाचन को सुधारता है। यह एंटीमलेरियल, एंटीपाएरेटिक, एंटी-वायरल है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमती को बढ़ा देता है और आम जीवाणु संक्रमण के खिलाफ शरीर की रक्षा करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट है और संक्रमण को दुबारा होने से रोकता है।

दवा के बारे में इस पेज पर जो जानकारी दी गई है वह इसमें प्रयुक्त जड़ी-बूटियों के आधार पर है। हम इस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं कर रहे। यह दवा का प्रचार नहीं है। हमारा यह भी दावा नहीं है कि यह आपके रोग को एकदम ठीक कर देगी। यह आपके लिए फायदेमंद हो भी सकती हैं और नहीं भी। दवा के फोर्मुलेशन के आधार और यह मानते हुए की इसमें यह सभी द्रव्य उत्तम क्वालिटी के हैं, इसके लाभ बताये गए हैं। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें। हमारा उद्देश्य दवा के लेबल के अनुसार आपको जानकारी देना है।

Mahasudarshan Kadha is a polyherbal Ayurvedic medicine containing 5-10 percent self-generated alcohol. The main ingredient of this medicine is Chirayata (50%) and 49 other medicinal herbs. All other ingredients have different therapeutic uses which support to treat the malaria and other fevers and are also useful in rejuvenating the body.

This medicine is useful in treatment of fever due to variety of reasons. This medicine detoxifies blood and protects liver and spleen. It is helpful in fever occurring due to any reason. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

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  • दवाई का प्रकार: हर्बल आयुर्वेदिक दवा
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • मुख्य उपयोग: किसी भी कारण से होने वाला बुखार
  • दवा का अनुपान: गुनगुना जल

महासुदर्शन काढ़ा के घटक Ingredients of Mahasudarshan Kadha

  • चिरायता Swertia chirata (50%) तथा अन्य 49 द्रव्य (50%):
  • हरीतकी, आमला, बहेड़ा, हरिद्रा, दारुहल्दी, कंटकारी, बृहती, कर्चूरा, सुण्ठी, मरीचा, पिप्पली, पिप्पलामूल, मूर्वा, गुडुची, धमासा, कटुकी, पित्तपापड़ा, नागरमोथा, त्रायमाणा, नेत्रबला, अजवाइन, इंद्रजौ, भारंगी, सहिजना बीज शुद्ध फिटकरी, बच, दालचीनी, कमल के फूल, उशीर, चंदन सफ़ेद, अतीस, बलामूल, शालपर्णी, विडंग, टगर, चित्रकमूल छाल, देवदारु, चव्य, पटोल, कालमेघ, करंज मींगी, लौंग, वंशलोचन, कमल फूल, काकोली, तेजपात, जावित्री, तालीसपत्र
  • पानी काढ़ा बनाने के लिए
  • गुड़ और धातकी पुष्प असावारिष्ट का संधान करने के लिए

जाने दवा में प्रयुक्त जड़ी-बूटियों को

चिरायता बहुत कड़वा (तिक्त) होता है और इसलिए इसे भुनिम्ब और किराततिक्त भी कहते है। इसके अन्य नामों में शामिल हैं, किरात, चिरेट्टा, त, कटूतिक्त, किरातक, काण्डतिक्त आदि। बंगाली में इसे चीरता, चीरता, नेपाली नीम, मराठी में किराइत, गुजराती में कटीयातुं, और इंग्लिश में चिरेता कहते हैं। लैटिन भाषा में इसका नाम स्वर्शिया चिरेटा है।

चिरायता रस में तिक्त है। गुण में लघु और रूक्ष है। तासीर में यह शीतल और कटु विपाक है। कर्म में यह ज्वरघ्न, व्रणशोधन, सारक, कफहर, पित्तहर और रक्तदोषहर है।

आयुर्वेद में चिरायता को मलनिःसारक, शीतल, कडवा, हल्का, रूखा, माना गया है। इसे बुखार, खांसी, कफ, पित्त, खून के विकारों, चमड़ी के रोगों, जलन, खांसी, सूजन, अधिक प्यास लग्न, कुष्ठ, घाव और कृमि रोगों में प्रयोग किया जाता है।

त्रिफला (फलत्रिक, वरा) आयुर्वेद का सुप्रसिद्ध रसायन है। यह आंवला, हर्र, बहेड़ा को बराबर मात्रा में मिलाकर बनता है। यह रसायन होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छा विरेचक, दस्तावर भी है। इसके सेवन से पेट सही से साफ़ होता है, शरीर से गंदगी दूर होती है और पाचन सही होता है। यह पित्त और कफ दोनों ही रोगों में लाभप्रद है। त्रिफला प्रमेह, कब्ज़, और अधिक पित्त नाशक है। यह मेदोहर और कुछ दिन के नियमित सेवन से वज़न को कम करने में सहायक है। यह शरीर से अतिरिक्त चर्भी को दूर करती है और आँतों की सही से सफाई करतीता

त्रिकटु सौंठ, काली मिर्च और पिप्पली का संयोजन है। यह आम दोष (चयापचय अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों), जो सभी रोग का मुख्य कारण है उसको दूर करता है। यह बेहतर पाचन में सहायता करता है और कब्ज करता है। यह यकृत को उत्तेजित करता है। यह तासीर में गर्म है और कफ दोष के संतुलन में मदद करता है।

हल्दी के बहुत से नाम हैं। इसे हरिद्रा, कांचनी, पीता, निशा, वरवर्णिनी, कृमिघ्ना, हलदी, योषितप्रिया, हट्टविलासिनी आदि नामों से पुकारते हैं। संस्कृत में जितने पर्यायवाची रात्रि के हैं, वे सभी हल्दी के भी नाम है।

हल्दी स्वाद में चरपरी, कडवी, रूखी, गर्म, कफ, वात त्वचा के रोगों, प्रमेह, रक्त विकार, सूजन, पांडू रोग, और घाव को दूर करने वाली है।

दारुहल्दी, को पाइल्स, हेमरेज, खुजली, चमड़ी के रोगों, पीलिया, और आंतरिक फोड़ों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नीम और हल्दी की ही तरह यह भी शरीर से गंदगी दूर करती है।

वायविडंग Embelia Ribes कृमि रोग, मेदवृद्धि तथा कफ रोगों में विशेष रूप से उपयोगी है। यह अनुलोमन, एंटीबैक्टीरियल, कृमिनाशक, और एंटीबायोटिक है। यह आयुर्वेद में पेट के कीड़ों के लिए प्रयोग की जाने वाली प्रमुख वनस्पति है। यह पेट के सभी रोगों, कब्ज़, अफारा, अपच, पाइल्स आदि में उपयोगी है।

महासुदर्शन काढ़ा के लाभ/फ़ायदे Benefits of Mahasudarshan Kadha

  • यह शीतल, पाचक, कृमिनाशक, ज्वरनाशक, एंटीऑक्सीडेंट, रक्तशोधक, एंटीमलेरिया और विरेचक दवा है।
  • यह टाइफाइड बुखार, पेट संक्रमण, मूत्र पथ के संक्रमण और श्वसन संक्रमण नियंत्रण संक्रामक रोगों में लाभप्रद है। यह दवा वात-पित्त-कफ संतुलित करती है।
  • यह संक्रमण से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा में सुधार करती है।
  • यह जीवाणुरोधी और एंटीवायरल antiviral है।
  • यह मूत्रवर्धक है और मूत्र के स्राव को बढ़ावा देती है।
  • यह बुखार, यकृत वृद्धि, प्लीहा, थकान और मितली, आदि में लाभप्रद है।
  • यह काफी समय तक शरीर में रहने वाली हरारत को दूर करता है।

महासुदर्शन काढ़ा के चिकित्सीय उपयोग Uses of Mahasudarshan Kadha

महासुदर्शन काढ़ा सभी प्रकार के बुखार (पुराने, सन्निपात, विषम, वायरस-बैक्टीरिया के कारण बुखार, आम बुखार, लीवर-स्प्लीन के रोग के कारण बुखार, सर्दी का बुखार, स्वाइन फ्लू, मलेरिया, टाइफाइड आदि) में उपयोगी है।

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यह ज्वर को आने से रोकता है तथा हो जाने पर बुखार को ठीक करता है। यह बच्चे, बड़े, स्त्री-पुरुष, बुजुर्ग सभी को दिया जा सकता है। यह आयुर्वेद की बुखार के लिए एक उत्तम औषध है।

  • अपच और भूख न लगना
  • एकदोषज बुखार
  • खून साफ़ करना Blood purification
  • चिकनगुनिया
  • जिगर और तिल्ली की वृद्धि
  • टाइफाइड
  • त्रिदोषज बुखार
  • थकान और मतली
  • द्विदोषज बुखार
  • धातुगत बुखार
  • नया बुखार
  • पुराना बुखार
  • बुखार से सिर दर्द, मन्दाग्नि, अजीर्ण, कास, पांडु
  • मलेरिया Malaria
  • लीवर के रोग Diseases of liver, jaundice
  • शीत ज्वर
  • सन्निपात ज्वर
  • सभी प्रकार के बुखार
  • स्वाइन फ्लू

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Mahasudarshan Kadha

  • यह आयुर्वेद का अरिष्ट है और इसे लेने की मात्रा 5-24 मिलीलीटर है।
  • दवा को पानी की बराबर मात्रा के साथ-साथ मिलाकर लेना चाहिए।
  • इसे सुबह नाश्ते के बाद और रात्रि के भोजन करने के बाद लें।
  • इसे भोजन के 30 मिनट बाद, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सावधनियाँ / साइड-इफेक्ट्स / कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • इसे निर्धारित मात्रा में लें।
  • इसे खाली पेट न लें।
  • इसमें गुड़ है इसलिए डायबिटीज में इसका सेवन न करें।
  • इसमें 5-10% self-generated अल्कोहल है।
  • दवा के सेवन के दौरान गरिष्ठ भोजन, घी, दूध, चीनी, चावल, आदि का सेवन न करें।
  • गर्भावस्था में कोई दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

उपलब्धता

  • यह एक OTC आयुर्वेदिक दवा है और ऑनलाइन या दवा स्टोर्स से खरीदी जा सकती है। इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।
  • बैद्यनाथ Baidyanath Mahasudarshan Kadha Price: 225 ml @ 86.00 and 450 ml for Rs 185/-
  • डाबर Dabur (Maha) Sudarshan Kwath
  • सन्डू Sandu Mahasudarshan Kadha No.1
  • श्री धूतपापेश्वर Shree Dhootapapeshwar Limited SDL Mahasudarshan Kadha 450 ml for Rs. 265.00
  • तथा अन्य बहुत सी फर्मसियाँ।
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