कालमेघासव Kalmeghasav Detail and Uses in Hindi

कालमेघासव, एक आयुर्वेदिक आसव है जिसे मुख्य रूप से ज्वर के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इस आसव के सेवन से सभी प्रकार के बुखार जैसे की मलेरिया, बार-बार आने वाला बुखार, पुराना बुखार, टाइफाइड, आदि नष्ट होते हैं। जब बहुत समय तक शरीर में बुखार रहता है तो लीवर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। लीवर और तिल्ली की वृद्धि हो जाने पर शरीर पीला सा लगता है और खून की कमी, और पीलिया हो जाता है। ऐसे में कालमेघासव का सेवन बहुत ही लाभकारी है।

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Kalmeghasav is Ayurvedic medicine containing herbal ingredients Kalmegh and Lauha Bhasma. This medicine is useful in treatment of fever due to variety of reasons and liver diseases. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

कालमेघासव के घटक Ingredients of Kalmeghasav

  • कालमेघ Kalmegha Andrographis paniculata
  • गुर्च Giloy Tinospora cordifolia
  • सप्तपर्ण Saptparna Alstonia scholaris
  • कुटकी Kutki Picrorhiza kurroa,
  • करंज Karanj Pongamia pinnata,
  • कुटज की छाल Kutaj Bark of Holarrhena antidysenterica
  • धातकी Dhataki Woodfordia fruticosa
  • लौह भस्म Loha Bhasma Iron calx
  • सोंठ Shunti Dry Ginger
  • काली मिर्च Maricha / Kali mirch Black pepper
  • पिप्पली Pippali Long pepper
  • रोहिड़ा Rohitaka Tecomella undulata
  • तेज पत्ता Tej patta Cinnamomum tamala
  • दालचीनी Dalchini Cinnamomum zeylanicum
  • बड़ी इलाइची Badi Elaichi (Amomum subulatum)
  • सर्पुन्खा Sharapunkha Tephrosia purpurea
  • अलुवा Aluva Aloe Vera
  • हरीतकी Haritaki Terminalia chebula,
  • विभितकी Vibhitaki Terminalia bellirica
  • बबूल की छाल Babul ki Chaal
  • गुड़ Jaggery

कालमेघासव के लाभ/फ़ायदे Benefits of Kalmeghasav

  • यह पाचन शक्ति को बढाती है।
  • इसके सेवन से हाजमा सही होता है।
  • यह शरीर से दूषित पदार्थों को दूर करती है।
  • यह लीवर की रक्षा करती है।
  • इसके सेवन से लीवर और तिल्ली सही प्रकार से काम करते हैं।
  • यह दस्त को साफ़ करती है।
  • यह शरीर को ताकत देती है और धातुओं को पोषित करती है।
  • यह पेशाब को उचित मात्रा में लाती है।
  • यह अनीमिया को दूर करती है।
  • यह बुखार को नष्ट करती है।

कालमेघासव के चिकित्सीय उपयोग Uses of Kalmeghasav

  • सामान्य बुखार
  • विषम ज्वर
  • पुराना बुखार
  • मलेरिया तथा अन्य प्रकार के बुखार
  • पांडुरोग, कामला
  • बुखार के कारण यकृत-तिल्ली का बढ़ जाना

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Kalmeghasav

  • 12-24 ml, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे दवा के बराबर पानी मिलाकर लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

This medicine is manufactured by Unjha Ayurvedic Pharmacy (Kalmeghasava), Bharat Ayurveda (Kalmeghasava), and many other Ayurvedic pharmacies.

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