भृंगराजासव Bhringrajasava Detail and Uses in Hindi

भृंगराजासव एक आयुर्वेदिक आसव है जिसे की शरीरिक कमजोरी, आँखों के रोगों, बालों के असमय सफ़ेद होने, प्रमेह तथा कफ रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। यह लीवर टॉनिक के रूप में भी प्रयोग की जाने वाली औषध है।

भृंगराजासव का प्रमुख घटक भृंगराज है जिसे भांगरा, भंगरिया, भंगरा, केशराज, भृंगराज, भृंगरज, मार्कव, भृंग, अंगारक, केशरंजन आदि नामों से भी जानते हैं। भृंगराज आयुर्वेद की एक रसायन औषधि है जिसके सेवन से आँखों में चमक आती है, शारीरिक ताकत बढ़ती है, खून की कमी दूर होती है और शरीर में बल आता है। आयुर्वेद में भृंगराज को प्राचीन समय से एनीमिया, त्वचा रोग, खांसी, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी पित्ती, पेट फूलना, पेट का दर्द, लीवर-स्प्लीन रोगों, लीवर संक्रमण, प्लीहा और यकृत के बढ़ जाने, प्रतिश्यायी पीलिया, चक्कर, आना, कान में आवाजें आना, दांत गिरना, बालों का असमय सफ़ेद होना, एसिडिटी, पेचिश, रतौंधी, नेत्र रोग, और अल्सर के लिए एक एंटीसेप्टिक के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। Read in English Bhringrajasava For Hair Problems

bhringrajasava

भृंगराजासव में भृंगराज के अतिरिक्त चतुर्जात, जायफल, हरीतकी और पुराना गुड़ भी है। चतुर्जात आयुर्वेद में दालचीनी, इलाइची, तेजपत्ता और नागकेशर के बराबर मिले मिश्रण को कहते हैं। इसके सेवन से भूख-पाचन में सुधार होता है तथा गुर्दे और यकृत के रोग दूर होते हैं। हरीतकी भी रसायन है जो की शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करती है व अधिक वात को काम करती है।

Bhringrajasava is a polyherbal classical Ayurvedic medicine. The principle ingredient in this medicine is Bhringraja or Eclipta alba. Bhringrajasava is a general health tonic and helps to cure various conditions caused by deficiencies. It has rejuvenating, revitalizing, antioxidant, and anti-aging properties. Bhringrajasava is also helpful in premature hair greying and hair fall.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

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  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: आसव
  • मुख्य उपयोग: कमजोरी, सांस के रोग, पाचन की दिक्कतें, बालों की आम समस्याएं
  • मुख्य गुण: कफ और वात को संतुलित करना

भृंगराजासव के घटक Ingredients of Bhringrajasava

  1. भृंगराज Eclipta alba Asteraceae Wh.pl. 12.250 liter
  2. हरीतकी Terminalia chebula Combretaceae Fr. 384grams
  3. पिप्पली Piper longum Piperaceae Fr. 96grams
  4. जटीफल Myristica fragrance Myristicaceae Fr. 96grams
  5. लवंग Sygizium aromaticum Myrtaceae Fl. 96grams
  6. त्वक Cinnamomum zeylanicum Lauraceae Br. 96grams
  7. एल Elatteria cardamom Zingiberaceae Sd. 96grams
  8. तमालपत्र Cinnamomum tamala Lauraceae Lf. 96 grams
  9. नागकेसर Messua ferrea Guttiferae Fl. 96grams
  10. गुड़ Cane jaggery (Old) 9.600 kgs

भृंगराजासव के लाभ/फ़ायदे Benefits of Bhringrajasava

  1. इसके सेवन से शरीर में धातुओं की वृद्धि होती है।
  2. इसके सेवन से वज़न की वृद्धि होती है।
  3. यह एक टॉनिक है। यह बलकारक और शक्तिवर्धक है।
  4. यह इम्युनिटी की कमी, खांसी, जुखाम, कृशता आदि को नष्ट करने वाली दवाई है।
  5. इसे लेने से स्त्रियों में फर्टिलिटी बढती है और स्वस्थ्य संतान होने के आसार बढ़ते हैं।
  6. इसमें कामोद्दीपक गुण हैं।
  7. यह लीवर, स्प्लीन, किडनी, नेत्रों, श्वशन तथा पाचन अंगों को मजबूती देता है।
  8. यह धातु क्षय और टीबी में लाभप्रद है।
  9. यह रक्त को साफ़ करने में सहयोगी है।

भृंगराजासव के चिकित्सीय उपयोग Uses of Bhringrajasava

  1. सुस्ती, निर्बलता
  2. याद्दश्त की कमी
  3. बार-बार सर्दी-खांसी-जुखाम, नजला
  4. श्वास रोग
  5. नेत्र विकार
  6. बालों का असमय सफ़ेद होना, गिरना
  7. टॉनिक की तरह

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Bhringrajasava

  • 12-24 ml दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे पानी की बराबर मात्रा मिलाकर लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

उपलब्धता

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

  1. बैद्यनाथ Baidyanath Bhringrajasava Price: 450 ml for Rs. 133.00 /-
  2. डाबर Dabur Bhringarajasava 450ml for INR 133.00 /-
  3. संजीवका Sanjeevika Bringrajasava
  4. डीऐवी DAV Ayurvedic products Bhringrajasava
  5. भारद्वाज Bhardwaj Pharmaceutical Works Bringrajasava
  6. कपिवा Kapiva Bhringrajasav
  7. केरला आयुर्वेद Kerala Ayurveda Bhringarajasavam आदि।
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