पारिजात क्वाथ Patanjali Parijaat Kwath Detail and Uses in Hindi

पारिजात क्वाथ, पारिजात का काढ़ा बनाने के लिए मिलने वाला दरदरा पाउडर है। पारिजात क्वाथ का प्रयोग वात रोगों जैसे की आर्थराइटिस, रह्युमेटिज्म, मांसपेशियों क़ी सूजन, आदि, बुखार, खांसी जुखाम, मलेरिया, शरीर में सूजन में किया जाता है।

पारिजात की पत्तियों को गठिया, कटिस्नायुशूल, मस्कुलोस्केलेटल और जोड़ों के विकार दर्द और सूजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके सेवन से कफ-खांसी में भी आराम होता है। विषम जावर, बार बार आने वाले बुखार, मलेरिया आदि में यह विशेष रूप से लाभ दायक है। यह बुखार के आने का क्रम तोड़ता है। इसके सेवन से बुखार में आने वाली उलटी से भी राहत मिलती है। डायबिटीज में इसके काढ़े को 40 दिन तक लेने की सलाह दी जाती है।

पारिजात झाड़ी या छोटा पेड़ है। इसके पत्तों पर नरम सफेद रोयें होते हैं। पारिजात के छोटे-सफ़ेद सुगन्धित पुष्प रात में खिलते हैं और सुबह गिर जाते हैं। इसके फूलों की हल्की और भीनी से गंध के कारण इसे नाइट जैस्मीन भी कहते हैं। यह भारत में बहुत प्राचीन समय से प्रयोग होता आया है। इसका वर्णन महाभारत, पुराण और विष्णु पुराण जैसे कई पौराणिक ग्रंथों में भी दिया गया है। आयुर्वेद में रोगों के उपचार के लिए इसके पत्ते, पुष्प इस्तेमाल किये जाते हैं।

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Parijaat Kwath is Herbal Ayurvedic decoction. It is indicated in treatment of fever, arthritis, headache, and Vata roga. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: पारिजात क्वाथ Parijaat Kwath
  • निर्माता: पतंजलि दिव्य फार्मेसी
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल
  • मुख्य उपयोग: वात रोग, बुखार
  • मुख्य गुण: सूजन कम करना, बुखार कम करना,
  • दोष इफ़ेक्ट: वात कम करना
  • गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं करें
  • मूल्य MRP: Patanjali Parijaat Kwath  100 gm @ Rs. 15.00

पारिजात क्वाथ के घटक Ingredients of Parijaat Kwath

  • पारिजात का सूखा पाउडर
  • पारिजात क्वाथ के लाभ/फ़ायदे Benefits of Parijaat Kwath
  • यह पुराने बुखार और सिरदर्द में उपयोगी है।
  • यह, बुखार में ठंड लगना और अत्यधिक प्यास में राहत देता है।
  • बार बार आने वाले बुखार में यह अत्यधिक प्रभावी है।
  • बुखार में उलटी आती ही, ती इसका सेवन करके देखें।
  • यह खांसी और ठंड से राहत प्रदान करने के लिए भी किया जाता है।

पारिजात के आयुर्वेदिक गुण और कर्म

पारिजात को हरसिंगार, शेफालिका,शिवुली, हरसिंगार, पारिजात, आदि नामों से जानते हैं। यह एक औषधीय वनस्पति हैं और बुखार, कफ, मधुमेह, और आर्थराइटिस तथा अन्य वात रोगों में लाभप्रद है।

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पारिजात स्वाद में तिक्त है। तिक्त रस, वह है जिसे जीभ पर रखने से कष्ट होता है, अच्छा नहीं लगता, कड़वा स्वाद आता है, दूसरे पदार्थ का स्वाद नहीं पता लगता, जैसे की नीम, कुटकी। यह स्वयं तो अरुचिकर है परन्तु ज्वर आदि के कारण उत्पन्न अरुचि को दूर करता है। यह कृमि, तृष्णा, विष, कुष्ठ, मूर्छा, ज्वर, उत्क्लेश / जी मिचलाना, जलन, समेत पित्तज-कफज रोगों का नाश करता है। यह क्लेद/सड़न, मेद, वसा, चर्बी, मल, मूत्र को सुखाता है। यह पाक में लघु, बुद्धिवर्धक, शीतवीर्य, रूक्ष, दूध को शुद्ध करने वाला और गले के विकारों का शोधक है। तिक्त रस के अधिक सेवन से धातुक्षय और वातविकार होते हैं।

यह उष्ण वीर्य है। वीर्य का अर्थ होता है, वह शक्ति जिससे द्रव्य काम करता है। आचार्यों ने इसे मुख्य रूप से दो ही प्रकार का माना है, उष्ण या शीत।

उष्ण वीर्य औषधि वात, और कफ दोषों का शमन करती है। यह शरीर में प्यास, पसीना, जलन, आदि करती हैं। इनके सेवन से भोजन जल्दी पचता (आशुपाकिता) है।

  • रस (taste on tongue): तिक्त/कड़वा
  • गुण (Pharmacological Action): लघु/हल्का, रुक्ष/सुखाने वाला
  • वीर्य (Potency): उष्ण / गर्मी बढ़ाने वाला
  • विपाक (transformed state after digestion):कटु/तीखा

प्रधान कर्म

  • कफहर: द्रव्य जो कफ को कम करे।
  • वातहर: द्रव्य जो वातदोष निवारक हो।
  • दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।
  • शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे। antihydropic
  • श्लेष्महर: द्रव्य जो चिपचिपे पदार्थ, कफ को दूर करे।
  • रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।
  • विषहर : द्रव्य जो विष के प्रभाव को दूर करे।

पारिजात क्वाथ के चिकित्सीय उपयोग Uses of Parijaat Kwath

  • आर्थराइटिस
  • गठिया
  • जोड़ों का दर्द
  • जोड़ों में सूजन
  • डायबिटीज
  • डायबिटीज से फोड़े
  • पुराना बुखार
  • पेशाब रोग
  • बार बार आने वाला बुखार
  • बुखार में उलटी
  • विषम ज्वर
  • शरीर में सूजन
  • साइटिका
  • सिरदर्द

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Parijaat Kwath

  • 1 चम्मच या 5 ग्राम, काढ़े का पाउडर लें।
  • इसे 200 मिलीलीटर पानी में उबाल लें।
  • जब पानी की 50 मिलीलीटर बचे, स्टोव बंद करें।
  • इसे छान लें।
  • इसे नाश्ते और रात के भोजन करने से पहले लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

पारिजात क्वाथ के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • यह पित्त को बढ़ाता है।

पारिजात क्वाथ के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • इससे कुछ लोगों में पेट में जलन हो सकती है।

पारिजात क्वाथ को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसे गर्भावस्था के दौरान न लें।
  • आयुर्वेद में उष्ण चीजों का सेवन गर्भावस्था में निषेध है। इसका सेवन गर्भावस्था में न करें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • इस जड़ी बूटी का कोई ज्ञात चेतावनी या मतभेद नहीं है।
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