एलबेन्डेजोल Albendazole Detail and Uses in Hindi

एलबेन्डेजोल एक एलोपैथिक ब्रॉड स्पेक्ट्रम कृमिनाशक है। यह दवाई आंत्र और ऊतक परजीवियों के इलाज में प्रयोग की जाती है। इसके सेवन से कीड़ों के अंडे, लार्वा या विकसित कृमि मर जाते हैं। यह बहुत से ब्रांड द्वारा निर्मित है और अलग, अलग नामों से बाज़ार में उपलब्ध है।

एलबेन्डेजोल दुनिया भर में सबसे व्यापक रूप से प्रयुक्त कृमीनाशक है तथा गोली और सिरप के रूप में उपलब्ध हैं। राउंड वर्म, विपवर्म, और हुकवर्म में इसकी 400 mg की मात्रा, दिन में एक बार पर्याप्त है। Trichuriasis में इसे तीन दिन तक दिन में एक बार लिया जाना चाहिए।

A single dose of 400 mg is recommended for clearance of gastrointestinal nematode infection of both adults and children over 2 years of age. Additional or more frequent dosage may be advised in certain conditions, including systemic disease.

Neurocysticercosis अथवा मस्तिष्क के टैपवार्म संक्रमण में इसे 15 mg per day per kg, की मात्रा दिन में दो बार, एक सप्ताह से 30 दिनों तक दिया जाता है।

हाईटिड डिसीज़ टैपवार्म संक्रमण Echinococcosis or hydatid disease (a form of echinococcosis caused by the development of hydatids of a tapeworm of the genus Echinococcus (E. granulosus) in the tissues especially of the liver or lungs of humans and some domestic animals (as sheep and dogs)) में 15 mg per day per kg, की मात्रा दिन में दो बार, 1-6 महीने तक देने की भी ज़रूरत पड़ जाती है।

सभी दवाओं के तरह ही इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते है। यह लगभग सभी लोगों के लिए, दिन में एक बार अथवा तीन दिनों तक लेने के लिए बहुत सुरक्षित है।

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परन्तु कुछ लोगों में इसके सेवन से कुछ रिएक्शन हो सकते हैं। इसके सेवन से पेट में दर्द, जी मिचलाना, उलटी, लूज़ मोशन हो सकते हैं।

इसे लम्बे समय तक लेना सुरक्षित नहीं है। यदि इसे लम्बे समय तक लिया जाता है, तो गंजापन, लीवर की सेल्स को नुकसान, हेपेटाईटिस, बोन मेरो का दब जाना आदि हो सकता है। यदि इसे लम्बे समय तक दिया भी जाता है तो हर दो सप्ताह पर खून की जांच CBC, लयूकोसाईट डिफरेंशियल, हिपेटिक ट्रांसअमिनेज़ की जांच की जाती है।

एलबेन्डेजोल को गर्भवती महिलायों, स्तनपान के दौरान और छः महीने से छोटे बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए।

इस पेज पर इस दवा के बारे बताया गया है जो की केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इस जानकारी का प्रयोग सेल्फ-मेडिकेशन के लिए न करें।

Albendazole is allopathic anthelmintic medicine. It is a benzimidazole carbamate based on a bicyclic ring structure in which a benzene ring is fused to the 4- and 5- positions of an imidazole ring.

Albendazole is a white to off-white, odourless or almost odourless powder, which is practically insoluble in water and slightly soluble in methanol, chloroform, ethyl acetate and acetonitrile. Its molecular weight is 265.33.  It is a broad-spectrum anthelmintic, which is highly effective against a wide range of intestinal helminths and against tissue helminth infections, such as cutaneous larva migrans.

Albendazole exhibits larvicidal, ovicidal and vermicidal activity, and is thought to act via inhibition of tubulin polymerization. This causes a cascade of metabolic disruption, including energy depletion, which immobilizes and then kills the susceptible helminth.

  • दवाई का प्रकार: एलोपैथिक
  • जेनरिक: एलबेन्डेजोल
  • केमिकल फार्मूला: methyl 5-(propylthio)-2-benzimidazolecarbamate
  • मॉलिक्यूलर फार्मूला: C12H15N3O2S
  • मॉलिक्यूलर वज़न: 265.34
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में 200mg, 400mg, 600mg, 800mg उपलब्ध है।
  • मुख्य उपयोग: कृमि
  • मुख्य गुण: broad-spectrum anthelmintic

℞ निशान का मतलब है “प्रिस्क्रिप्शन”। यह सिंबल लैटिन भाषा में प्रयोग किये जाने शब्द recipere का संक्षिप्त नाम है जिसका शाब्दिक मतलब है “लेने के लिए” या “इस प्रकार लें”।

एलबेन्डेजोल की प्रेगनेंसी केटेगरी

  1. केटेगरी डी D – मानव भ्रूण पर इस दवा का प्रतिकूल असर positive evidence of human fetal risk होता है।
  2. इसको लेने से बच्चे में जन्मजात विकृतियाँ हो सकती हैं, इस लिए कुछ देशों में इसके सेवन के दौरान बच्चा न कंसीव करने की सलाह दी जाती है।
  3. क्योंकि इसकी कुछ मात्रा वीर्य में जाती है इसलिए पुरुषों को भी इसके सेवन के बाद सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का प्रयोग करना चाहिए।

दवा के मुख्य प्रभाव

  1. कृमिनाशक anthelmintic
  2. कीड़े को लार्वा स्टेज में मारने वाला larvicidal
  3. कृमि के अंडे मारने वाला ovicidal
  4. कृमि को मारने वाला vermicidal

एलबेन्डेजोल के चिकित्सीय उपयोग Uses of Albendazole

बैंडी में एलबेन्डेजोल हैं जो की बहुत से कृमियों के इलाज़ के लिए प्रयोग किया जाता है।

  1. राउंड वर्म Ascaris lumbricoides
  2. पिन-वर्म (Enterobius vermicularis)
  3. हुक-कृमि worm (Necator americanus  Ancylostoma duodenale)
  4. विप-वर्म (Trichuris trichiura)
  5. थ्रेड-वर्म (Strongyloides stercoralis)
  6. टेप-कृमि Taenia spp and Hymenolepis nana only in the case of associated parasitism)
  7. Chlonorchiasis (Chlonorchis sinensis)
  8. Opisthorchiasis (Opisthorchis viverrini) और cutaneous लार्वा migrans
  9. बच्चों में giardiasis (G.lamblia, G.duodenalis, G.intestinalis  Lamblia intestinalis)

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Albendazole

यह ध्यान रखने योग्य बात है की एलबेन्डेजोल एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम एनथेलमिंटिक है और बहुत से कृमियों के इलाज़ में कारगर है इसलिए इसकी सटीक मात्रा कृमि के प्रकार और शरीर में उनकी मात्रा पर निर्भर करती है।

कुछ लोग, विशेष रूप से बच्चे, गोली को पूरा निगलने में कठिनाइयों का अनुभव कर सकते हैं। ऐसे में गोली को चबा कर ले सकते हैं या गोली को कुचल कर भी लिया जा सकता है।

इस दवा की सामान्यतः दी जाने वाली मात्रा 400 mg (400 mg or two 200 mg s or 10 ml 4% suspension, Single dose/Once a day) है जो की दिन में एक बार खाने के बाद ली जाती है। यह मात्रा दो वर्ष के अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों के लिए उपयुक्त है। यह राउंड वर्म, पिन वर्म, हुक वर्म, विप वर्म आदि को नष्ट करती है।

एक से दो वर्ष के बच्चों को 200 mg अथवा 10 ml सस्पेंशन, (one 200 mg  or 5 ml 4% suspension, Single done/Once a day) दिन में एक बार खाने के बाद देते हैं।

यदि कृमि एक बार के दवा के सेवन से नहीं जाते तो दवा को तीन सप्ताह बाद फिर से दिया जाता है।

एलबेन्डेजोल को यदि फैटी खाने से साथ लिया जाता है, तो इसका शरीर में अवशोषण सही से होता है। लेकिन कुछ मामले में इसे खाली पेट लेना intraluminal effect अधिक उपयुक्त होता है।

कृमि के प्रकार के अनुसार दवा की मात्रा

जब शरीर में मिक्स्ड कृमि बहुत ज्यादा हो तो (जैसा स्टूल टेस्ट से पता लगे) दवा की एक मात्रा पर्याप्त नहीं होती और ऐसे में यह दिन में एक बार तीन-पांच दिनों तक दी जाती है।

Strongyloidiasis, Taeniasis, Hymenolepiasis में दवा की 400 mg की मात्रा दिन में एक बार तीन दिन (one dose per day for 3 days on an empty stomach) तक दी जाती है।

Chlonorchiasis, Opisthorchiasis में दवा की 400 mg की मात्रा दिन में दो बार तीन दिन (400 mg, Once daily for 1 to 3 days with food) तक दी जाती है

Giardiasis में दवा की 400 mg (400 mg, one dose per day for 5 days on an empty stomach) की मात्रा दिन में दो बार पांच दिन तक दी जाती है

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side-effects/Contraindications

  1. दवा को सिंगल डोज़ में लेने से कोई नुकसान नहीं है।
  2. सस्पेंशन को उपयोग करने से पहले अच्छी तरह हिला लें।
  3. महिलाए दवा के सेवन के एक महीने बाद तक प्रेगनेंसी के लिए प्रयास न करें।
  4. पुरुषों के सेमन में भी इसकी कुछ मात्रा पायी जाती है, इसलिए दवा के सेवन के बाद, प्रोटेक्शन का प्रयोग करें।
  5. इसके सेवन से गर्भस्थ शिशु को बहुत नुकसान हो सकते हैं, इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन न करें।
  6. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान इस दवा का उपयोग न करें।
  7. इसका बहुत अधिक सेवन न करें। यह लीवर और बोन मेरो liver function abnormalities and bone marrow toxicity के लिए हानिप्रद है।
  8. पिन-कृमि के मामले में पूर्ण चिकित्सा प्राप्त करने के लिए, स्वच्छता की सख्त उपायों के अतिरिक्त घर में रहने वाले अन्य व्यक्तियों का इलाज करें ।
  9. Neurocysticercosis अथवा मस्तिष्क के टैपवार्म संक्रमण में इसके सेवन से इंटरक्रेनिअल प्रेशर बढ़ सकता है, दौरे आ सकते हैं, तथा देखने में समस्याएं आ सकती हैं। ऐसा परजीवी या टेपवर्म के मर जाने पर दिमाग में आई सूजन के कारण हो सकता है। यदि व्यक्ति को इस तरह के परजीवी के दिमाग में होने का पता नहीं है, और दवा के सेवन के बाद यह लक्षण होते हैं तो उसे तुरंत ही डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए जिससे स्टेरॉयड और एंटीकंवल्सेंट इलाज़ शुरू हो सके।
  10. जिन लोगों में लीवर सम्बंधित रोग है, उन्हें इसका प्रयोग सावधानी से करना चाहिए।
  11. गुर्दे के रोगों में इसका प्रयोग डॉक्टर के परामर्श के बाद करें।

ADVERSE REACTIONS

  1. पेट में दर्द Abdominal pain
  2. एक्यूट जिगर की विफलता Acute liver failure
  3. गुर्दे की विफलता Acute renal failure
  4. खालित्य Alopecia
  5. चक्कर आना Dizziness
  6. यकृत एंजाइमों के उन्नयन Elevations of hepatic enzymes
  7. पर्विल मल्टीफार्मी Erythema multiforme
  8. बुखार Fever
  9. सरदर्द Headache
  10. हेपेटाइटिस Hepatitis
  11. दाने और पित्ती सहित अतिसंवेदनशीलता प्रतिक्रिया Hypersensitivity reactions including rash and urticaria
  12. बढ़ा हुआ इंटरक्रेनियल प्रेशर Increased intracranial pressure
  13. मेनिनजियल संकेत Meningeal signs
  14. मतली और उल्टी Nausea and vomiting
  15. स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम Stevens-johnson syndrome
  16. चक्कर आना Vertigo आदि
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