हमदर्द सिंकारा सिरप Cinkara Detail and Uses in Hindi

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सिंकारा सिरप, हमदर्द निर्मित एक हेल्थ सप्लीमेंट हैं। यह विटामिन ए, विटामिन बी 1, बी 2, बी 3, डी 3, विटामिन सी, खनिजों आदि का जड़ी बूटियों के एक्सट्रेक्ट के साथ संयोजन है।

हमदर्द सिंकारा एक मल्टीविटामिन सिरप व टॉनिक है और कम ऊर्जा, कम भूख, दुर्बलता और थकान की स्थितियों में सुधार करता है और पूरे स्वास्थ्य को ठीक में प्रभावी है।

सिंकारा मानसिक प्रदर्शन, गर्भावस्था के एनीमिया, स्तनपान कराने वाली माताओं और जिगर की सुरक्षा के लिए एक बिना अल्कोहल वाला विटामिन युक्त हर्बल टॉनिक है। यह पूरे परिवार के द्वारा सभी मौसमों में सिंकारा में टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

दवा के बारे में इस पेज पर जो जानकारी दी गई है वह इसमें प्रयुक्त जड़ी-बूटियों के आधार पर है। हम इस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं कर रहे। यह दवा का प्रचार नहीं है। हमारा यह भी दावा नहीं है कि यह आपके रोग को एकदम ठीक कर देगी। यह आपके लिए फायदेमंद हो भी सकती हैं और नहीं भी। दवा के फोर्मुलेशन के आधार और यह मानते हुए की इसमें यह सभी द्रव्य उत्तम क्वालिटी के हैं, इसके लाभ बताये गए हैं। मार्किट में इसी तरह के फोर्मुले की अन्य फार्मसियों द्वारा निर्मित दवाएं उपलब्ध हैं। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें। हमारा उद्देश्य दवा के लेबल के अनुसार आपको जानकारी देना है।

Cinkara (Hamdard) is Unani medicine. Cinkara, is a health tonic with vitamins, minerals and herbal extracts. It restores lost energy, increases appetite, improves debility and conditions of fatigue and is effective in convalescence. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: सिंकारा Cinkara
  • निर्माता: हमदर्द
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: यूनानी
  • मुख्य उपयोग: हेल्थ टॉनिक
  • गर्भावस्था में प्रयोग: डॉक्टर की सलाह से
  • मूल्य MRP: CINKARA 500ML SYRUP @ Rs 74.00

सिंकारा के घटक Ingredients of Cinkara

Each Dose of Cinkara Syrup 30 ml (2 tablespoon) contains:

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  • ए विटामिन Vitamin A Palmitate I.P. equivalent to 1250 I.U. of Vitamin A
  • बी 1 विटामिन Vitamin B1 I.P. 1 mg
  • बी 2 Vitamin B2 I.P. 1 mg
  • सी Vitamin C I.P. 15 mg
  • डी3 Vitamin D3 I.P. 100 I.U.
  • बी 3 Niacinamide I.P. 13 mg
  • कैल्शियम लेक्टेट Calcium Lactate I.P. 100 mg
  • सोडियम एस्कोरबेट Sodium Ascorbate I.P. 10 mg

Concentrated aqueous extract of (one liter contains extract from 8 grams of each of the following) 3.1 ml:

  • इलायची Cardamom Fruit (Chhoti Ilaychi)
  • लवंग Clove (Laung)
  • धनिया Coriander (Dhania)
  • कलमी दल चीनी Cinnamon (Kalmi Dal Chini)
  • दालचीनी Cinnamomum Cassia (Darchini)
  • गुलाब Rosa Damascena (Gulab Ke Phool)
  • सूखे ऑरेंज पील Dried Orange Peel (Narangi Ka Chhilka)
  • बालछर Jatamansi (Balchhar)
  • अनिसम Anisum (Aniseed)
  • Flavors Q.S.:
  • Oil of Cassia
  • Santalum Album Oil
  • Orange Oil Sweet B.P.C.
  • Syrup Base Q.S. to 30 ml

विटामिन ए

विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है। यह इम्युनिटी, दृष्टि, प्रजनन और कोशिकाओं के लिए ज़रूरी है।

यह आँखों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंज़ेक्टिव झिल्ली और कॉर्निया के सामान कामकाज में मदद करता है। यह प्रोटीन रोडॉप्सिन का एक आवश्यक घटक है। रोडॉप्सिन, रेटिना रिसेप्टर्स में प्रकाश को अवशोषित करता है और ठीक तरह से दिखाई देने के लिए ज़रूरी है। विटामिन ए, कोशिकाओं के सही काम करने, हृदय, फेफड़े, गुर्दे और अन्य अंगों के सामान्य गठन और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विटामिन ए के लिए दैनिक अनुशंसित मात्रा (आरडीए Recommended Dietary Allowance (RDA)) बच्चों के लिए 300 से 700 माइक्रोग्राम और वयस्कों के लिए लगभग 700 से 900 माइक्रोग्राम मात्रा है।

शाकाहारियों में विटामिन ए की कमी हो सकती है यदि वे बीटा-कैरोटीन वाले भोजन का सेवन नहीं करते हैं।

शिशुओं में विटामिन ए की कमी सामान्य रूप से तब शुरू होती है। जब शिशुओं को कोलोस्ट्रम या माँ का दूध की पर्याप्त मात्रा ने नहीं मिलता।

पुरानी दस्त से युवा बच्चों में विटामिन ए की अत्यधिक हानि भी होती है। और विटामिन ए की कमी से दस्त का खतरा बढ़ जाता है।

युवा बच्चों और गर्भवती महिलाओं में विटामिन ए की कमी का सबसे आम लक्षण एक्सरोफथाल्मिया xerophthalmia है। एक्सरोफथाल्मिया के शुरुआती लक्षणों में से एक है रात को या कम रोशनी या अंधेरे में दिखाई नहीं देना।

विटामिन बी 3

नियासिन और नियासिनमाइड विटामिन बी 3 के रूप हैं। विटामिन बी 3 कई खाद्य पदार्थों जैसेकि खमीर, मांस, मछली, दूध, अंडे, हरी सब्जियां, बीन्स और अनाज आदि में पाया जाता है। नियासिन उच्च कोलेस्ट्रॉल, परिसंचरण समस्याओं, माइग्रेन का सिरदर्द, चक्कर आना आदि में अन्य उपचारों के साथ भी किया जाता है।

इसका उपयोग विटामिन बी 3 की कमी और संबंधित स्थितियों जैसे कि पेलेग्रा को रोकने के लिए किया जाता है।

पेलेग्रा (विटामिन बी 3 की कमी, नियासिन, निकोटीनिक एसिड की कमी) एक बीमारी है जिसमें दस्त, त्वचा की सूजन और मनोभ्रंश/ डेमेंशिया हो जाता है। यह बीमारी तब होती है जब किसी व्यक्ति को पर्याप्त नियासिन (बी कॉम्प्लेक्स विटामिन) या ट्रिप्टोफैन (एक एमिनो एसिड) नहीं मिलता है। यह तब भी हो सकता है जब शरीर इन पोषक तत्वों को अवशोषित करने में विफल रहता है। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों या अल्कोहल का उपयोग, एचआईवी / एड्स , होने के बाद विकसित हो सकता है। दुनिया के कुछ हिस्सों में यह बीमारी आम है, जहां लोगों का मुख्य आहार मकई है।

पेलाग्रा के लक्षणों में शामिल हैं:

  • भ्रम या कंफ्यूज़न Delusions or mental confusion
  • दस्त Diarrhea
  • मतली Nausea
  • श्लेष्म झिल्ली में सूजन Inflamed mucous membrane
  • स्केली त्वचा घाव Scaly skin sores

पेलाग्रा को नियासिन स्तर को बढ़ा कर ठीक किया जा सकता है। बिना उपचार के पेलाग्रासे तंत्रिका क्षति हो सकती है, विशेष रूप से मस्तिष्क में। त्वचा घाव भी संक्रमित हो सकते है।

कैल्शियम लैक्टेट

  • कैल्शियम लैक्टेट को कैल्शियम की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस (भंगुर हड्डियों), पोस्ट-गैस्ट्रक्टमी मालाब्सॉर्प्शन, विटामिन डी की कमी के कारण हड्डी नरम होना, रिकेट्स आदि में इस्तेमाल होता है। यह कैल्सियम की कमी को दूर करने में सहायक है।
  • यदि आप गर्भवती हैं, गर्भवती होने या स्तनपान करने की योजना बना रहे हैं, कैल्शियम लैक्टेट टैबलेट लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
  • यदि आपको अपने चिकित्सक द्वारा बताया गया है कि आपके पास कुछ शर्करा का असहिष्णुता है, तो इस दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से संपर्क करें क्योंकि इसमें लैक्टोस है।

विटामिन डी

  • विटामिन डी, त्वचा के माध्यम से धूप में जाकर, आहार से, और सप्लीमेंट से लिया जा सकता है। हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से विटामिन डी सूरज के एक्सपोजर से बनाता है।
  • विटामिन डी कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। यह मजबूत हड्डियों और दांतों को बनाए रखने के लिए यह कैल्शियम (एक हड्डी की मुख्य इमारत ब्लॉकों में से) को अवशोषित करने में मदद करके ऐसा करता है ।
  • जिन लोगों में कम विटामिन डी होता है उनमें नरम, पतली और भंगुर हड्डियां विकसित हो सकती हैं। इससे वयस्कों में ओस्टोमालाशिया और बच्चों में रिकेट्स हो जाता है।
  • यह तंत्रिकाओं को मस्तिष्क और प्रत्येक शरीर के अंग के बीच के संदेशों को ले जाने की आवश्यक है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है।
  •  कैल्शियम के साथ, विटामिन डी ऑस्टियोपोरोसिस से पुराने वयस्कों की रक्षा में मदद करता है।

विटामिन सी

विटामिन सी, कोलेजन जो संयोजी ऊतक का मुख्य भाग है और घावों को ठीक करने में मुख्य भूमिका निभाता है, के शरीर में संश्लेषण के लिए ज़रूरी है। यह एल-कार्निटाइन और अन्य तंत्रिका-ट्रांसमीटर के संश्लेषण के लिए भी आवश्यक है। यह प्रोटीन चयापचय में शामिल है। विटामिन सी या एस्कॉर्बेट से शरीर में इम्युनिटी बढ़ती है और बार बार होने वाली सर्दी-खांसी के लक्षण कम होते हैं।

फल और सब्जियां विटामिन सी का सर्वश्रेष्ठ स्रोत हैं। यह खट्टे फल जैसे संतरे, मौसंबी, आंवले नीबू आदि में अधिक मात्रा में पाया जाता है।

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गंभीर विटामिन सी की कमी बहुत दुर्लभ है, लेकिन बहुत से लोगों में विटामिन सी का निम्न स्तर देखा जाता है जो विटामिन सी युक्त भोजन नहीं करने के कारण होता है। कम विटामिन सी के लक्षणों में शामिल हैं, खून की कमी, मसूड़ों से खून बहना, सूखी त्वचा, सूखे बाल, बालों का फटना, नाक से खून गिरना, जोड़ों और पेशियों में दर्द, कमज़ोर दांत, आदि। विटामिन सी की कमी का एक गंभीर रूप स्कर्वी के रूप में जाना जाता है । यह मुख्य रूप से कुपोषित वयस्कों को प्रभावित करता है। एक दिन में पांच अलग-अलग फलों और सब्जियों का सेवन करना 200 मिलीग्राम से अधिक विटामिन सी प्रदान कर सकता है।

सिंकारा के लाभ/फ़ायदे Benefits of Cinkara

  • यह शरीर द्वारा आवश्यक आवश्यक खनिजों, ट्रेस तत्वों और विटामिन की इष्टतम मात्रा प्रदान करता है।
  • यह मल्टीविटामिन सिरप है जिसमें विटामिन और खनिजों के अतिरिक्त कुछ हर्बल सामग्री शामिल है।
  • इसमें शरीर के लिए फायदेमंद पोषक तत्वों के साथ फायटोन्यूट्रियेंट प्रदान भी हैं।
  • यह सामान्य कमजोरी को रोकने में सहायक है।
  • इससे शरीर की रोगों के प्रति इम्युनिटी बढ़ती है।

सिंकारा के चिकित्सीय उपयोग Uses of Cinkara

  • अत्यधिक चयापचय Excessive metabolism
  • एंटीबायोटिक दवाओं के कारण विटामिन की कमी Vitamin deficiency due to antibiotics
  • कठिन अभ्यास Strenuous exercise
  • कमजोरी Rundown and debilitated condition
  • कुपोषण Malnutrition
  • खनिज विटामिन की कमी Elemental deficiency
  • गर्भावस्था में एनीमिया Anaemia of pregnancy
  • घबराहट और थकान की प्रवृत्ति Nervousness & undue tendency to fatigue
  • जिगर विकार Liver disorder
  • तनाव और तीव्र बीमारी Stress and acute illness
  • दूध कम बनना Hypolactation Hypolactation
  • भूख की कमी Lack of appetite
  • मानसिक कमजोरी Mental weakness
  • रोग के बाद During convalescence
  • वजन घटना  Loss of weight
  • विटामिन की कमी Vitamin deficiencies
  • संक्रमण का प्रतिरोध Resistance to infection
  • सामान्य दुर्बलता General debility

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Cinkara

  • इसे लेने की मात्रा निम्न है:
  • वयस्क: 2 टेबलस्पून या 30 ml।
  • बच्चे: आधा से लेकर एक टेबलस्पून।
  • इसे दिन में दो या तीन बार ले सकते हैं।
  • इसे भोजन करने के तुरंत पहले या बाद में लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सिंकारा के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इसका इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के आधार पर 1 से 2 महीने तक किया जा सकता है।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  • इसमें फैट में घुलनशील विटामिन ए और डी है।

सिंकारा के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • इससे कुछ लोगों में कब्ज़ हो सकती है।

सिंकारा को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसे गर्भावस्था में डॉक्टर कजी सलाह पर लें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • यदि विटामिन की अधिकता है तो इसे नहीं लें।
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