पतंजलि दिव्य उदरकल्प चूर्ण के फायदे और नुकसान

दिव्य उदरकल्प चूर्ण, बाबा रामदेव की पतंजलि दिव्य फार्मसी द्वारा निर्मित हर्बल आयुर्वेदिक दवाई है। यह दवाई पेट के लिए है। यह विरेचक और purgative दवा है। दिव्य उदरकल्प चूर्ण पेट साफ करती है।

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दिव्य उदरकल्प चूर्ण के 100 ग्राम दवा में, मुलेठी, रेवंद चीनी, सोंठ, सनाय, छोटी हरीतकी और चीनी प्रत्येक 10 -10 ग्राम है और सौंफ 40 ग्राम है।

सौंफ, पाचन की समस्याओं और विशेष रूप उलटी, दस्त, अतिसार और शरीर में पित्त की अधिकता में लाभकारी होती है। सौंफ खाने से भूख ठीक से लगती है और पाचन अच्छा होता है। यह पेट से अफारा दूर होता है और ऐठन वाले दर्द में राहत होती है। यह शीतल गुण से शरीर में पित्त की अधिकता से होने वाली जलन को कम करता है। सौंफ स्त्रियों सम्बन्धी दिक्कतों जैसे की मासिक के दौरान दर्द, ऐंठन, योनि में दर्द आदि में भी लाभप्रद है। चीनी डालने से इसमें कुलिंग एक्शन आता है।

  • दवा का नाम: दिव्य उदरकल्प चूर्ण Divya Udarkalp Churna
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल आयुर्वेदिक दवा
  • मुख्य उपयोग: पाचन बढ़ाना, पेट साफ करना
  • मुख्य गुण: विरेचक
  • गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं करें
  • डायबिटीज में प्रयोग: नहीं करें
  • उच्च रक्तचाप में प्रयोग: नहीं करें

दिव्य उदरकल्प चूर्ण का वात-पित्त या कफ प्रभाव

  • वात कम करना।
  • पित्त वृद्धि करना।
  • कफ कम करना।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण का प्रधान कर्म

  • अनुलोमन: द्रव्य जो मल व् दोषों को पाक करके, मल के बंधाव को ढीला कर दोष मल बाहर निकाल दे।
  • आमदोषहर: टोक्सिन दूर करे।
  • छर्दीनिग्रहण: उलटी रोकने वाला।
  • कफहर: द्रव्य जो कफ को कम करे।
  • दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण के लाभ Benefits of Divya Udarkalp Churna

पाचन में सहयोगी

उदारकल्प पाउडर, को लेने से पाचन की कमजोरी में लाभ होता है। पाचन की कमजोरी से पेट में खाना पचता नहीं है और आँतों में जाने पर सड़ने लगता है। यह सड़ता हुआ खाना, गैस बनाता है और आम दोष बढ़ाता है।उदर कल्प में सौंफ, सोंठ, सेंधा नमक हैं जो मन्दाग्नि को दूर करते हैं और पाचक पित्त बढ़ाते हैं। पाचन यदि सही से होता है तो शरीर में विषाक्त पदार्थ भी नहीं बनते।

कब्ज़ से दे राहत

उदर कल्प में हरीतकी और सोना मुखी की पत्तियाँ है। दोनों में विरेचक गुण हैं जो आँतों की सफाई करने में फायदा करते हैं। सोना मुखी एक उत्तेजक विरेचक है जो आंतो को इरिटेट करके स्टूल को आगे बढ़ाता है।

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गैस करे कम

इसमें सौंफ है जो गैस बनने को कम करता है। साथ की कब्ज़ दूर होने से भी गैस की समस्या दूर होती है।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण के चिकित्सीय उपयोग Uses of Divya Udarkalp Churna

चिकित्सीय रूप से आप दिव्य उदरकल्प चूर्ण को निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में प्रयोग कर सकते हैं:

  • अपच Indigestion
  • अफारा Flatulence
  • आईबीएस Irritable bowel syndrome
  • आध्मान Adhmana (Flatulance with gurgling sound)
  • जी मिचलाना और उलटी Nausea and Vomiting
  • पेट में दर्द Stomach ache
  • मन्दाग्नि Mandagni (Impaired digestive fire)
  • शूल Shula (Colicky Pain)
  • वात-पित्त रोग

दिव्य उदरकल्प चूर्ण की औषधीय मात्रा Dosage of Divya Udarkalp Churna

वयस्क इसको निम्न मात्रा में ले सकते हैं:

2-4 ग्राम।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण को कैसे लें (सेवन विधि)?

इसे रात को सोते समय लें।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण का अनुपान क्या हो?

इसे गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लें।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण कितने दिनों तक लें?

  • दवा को जब ज़रूरी हो तब लें। दस्तावर औषधि का इस्तेमाल जितना कम करना पड़े उतना सही। पाचन की कमजोरी है तो पाचन को दुरुस्त करने के लिए व्यायाम करें जिससे खाना सही से पचे।
  • रोग और रोगी की स्थिति के अनुसार ही दवा का ट्रीटमेंट कोर्स होता है। अतः डॉक्टर की राय लें।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण के नुकसान Side effects

उदरकल्प चूर्ण से आँतों पर असर होता है। सोनामुखी पेट साफ़ करता है लेकिन यह दस्तावर है। इसे लेने से आदत पड़ जाती है और लम्बे प्रयोग सेआंतो में शिथिलता आती है। साथ ही सनाय सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। 6 साल से कम उम्र के बच्चे को सेना नहीं दिया जाता है।

सनाय को निम्न में नहीं लिया जाना चाहिए:

  • आंत्र रुकावट
  • क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस
  • पथरी आदि।

उदरकल्प चूर्ण में लिकोरिस या मुलेठी है। रक्तचाप की समस्या में इसका इस्तेमाल नहीं करें। लिकोरिस को लम्बे समय तक लेने के शरीर पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हाइपोकेलिमिया, यकृत सिरोसिस, उच्च रक्तचाप और गंभीर गुर्दे  के रोग में मुलेठी का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए । बड़ी मात्रा में और अधिक समय के उपयोग से लिकोरिक रूट से उच्च रक्तचाप और कम पोटेशियम का स्तर हो सकता है, जिससे हृदय और मांसपेशियों की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • यह एक उत्तेजक रेचक है।
  • दिव्य उदरकल्प चूर्ण में सनाय की पत्ती है जो पेट तो साफ़ करती है लेकिन यह एक आदत डालने वाला विरेचक है। इसे रोज इस्तेमाल करेंगे तो बिना इसे लिए पेट साफ़ ही नहीं होगा।
  • सनाय आँतों की लाइनिंग को इरिटेट करता हैं और परिणामस्वरूप उत्तेजक रेचक प्रभाव होता है।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण का गर्भावस्था में प्रयोग

इसे प्रेगनेंसी में इस्तेमाल नहीं करें। यह तासीर में गर्म है और इसके अनुलोमक और विरेचक गुण है।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इस दवा में चीनी है इसलिए मधुमेह में इसका सेवन न करें।
  • मुलेठी का सेवन ब्लड प्रेशर बड़ा सकता है
  • कब्ज़ दूर करने के लिए इसे नियमित इस्तेमाल न करें।

दिव्य उदरकल्प चूर्ण का ड्रग इंटरेक्शन Drug Interaction

इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए डॉक्टर की राय प्राप्त करें।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

उपलब्धता

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

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