Stay-On Oral Liquid Herbal Drink Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi

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स्टे-ऑन ओरल लिक्विड Stay On Oral Liquid in Hindi हर्बल ड्रिंक या ऊर्जा पेय जो शरीर में जोश-ऊर्जा को बढ़ावा देता है। यह शरीर द्वारा जल्दी अवशोषित होता है और इसका अंतरंग गतिविधि से करीब आधे घंटे पहले उपभोग करते हैं। यह पुरुषों और महिलाओं के लिए समान रूप से अच्छा काम करता है। यह कामेच्छा और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। यह आसानी से पचने योग्य है। इसे पीने पर व्यक्ति ऊर्जावान, उत्साह और जीवन शक्ति से परिपूर्ण महसूस करता है। यह महिलाओं के लिए समान रूप से अच्छी तरह से काम करता है, और कामेच्छा को बढ़ाता है।

दवा के बारे में इस पेज पर जो जानकारी दी गई है वह इसमें प्रयुक्त जड़ी-बूटियों के आधार पर है। हम इस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं कर रहे। यह दवा का प्रचार नहीं है। हमारा यह भी दावा नहीं है कि यह आपके रोग को एकदम ठीक कर देगी। यह आपके लिए फायदेमंद हो भी सकती हैं और नहीं भी। दवा के फोर्मुलेशन के आधार और यह मानते हुए की इसमें यह सभी द्रव्य उत्तम क्वालिटी के हैं, इसके लाभ बताये गए हैं। मार्किट में इसी तरह के फोर्मुले की अन्य फार्मसियों द्वारा निर्मित दवाएं उपलब्ध हैं। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें। हमारा उद्देश्य दवा के लेबल के अनुसार आपको जानकारी देना है।

Stay on Oral Liquid is Herbal Ayurvedic medicine. It helps to boost libido, energy and performance in bed. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: स्टे-ऑन ओरल लिक्विड Stay On Oral Liquid
  • निर्माता: Shree Maruti Herbal
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल आयुर्वेदिक दवाई
  • मुख्य गुण: वाजीकारक

मूल्य MRP:

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड 1 बोतल 30 ml @ ₹ 199.00

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड के घटक Ingredients of Stay On Oral Liquid

हर 10 ml में वाटर बेस्ड एक्सट्रेक्ट:

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  • गोखरू Gokshur 2.5 mg
  • केवांच Kaunch Beej 2.5 mg
  • मुस्ली Safed Musli 2.5 mg
  • अश्वगंधा Ashwagandha 2.5 mg
  • तालमखाना Talimkhana 2.5mg
  • बला Bala 2.5 mg
  • कोकिलाक्षा Kokilaksha 1 mg
  • उटिनगन Utingana 2.5 mg
  • मुंजातक Munjatak 2 mg
  • जिन्सेंग Ginseng 1 mg
  • कस्तूरीलता Kasturilatika 1 mg
  • अकरकरा Akarkarabh 0.2 mg
  • जायफल Jaiphal 0.2 mg
  • जावित्री Jaipatri 0.2 mg
  • काली मिर्च Marich 0.3 mg
  • पिप्पली Pipali 0.3 mg
  • विडंग Vidanga 0.9 mg
  • कुमकुम Kumkuma 0.1 mg
  • शिलाजीत Shilajit 0.1 mg
  • चीनी Sugar 20 mg

जानिए मुख्य जड़ी-बूटियों को

गोखरू

गोखरू आयुर्वेद की एक प्रमुख औषधि है। इस मुख्य रूप से पेशाब रोगों और पुरुषों में यौन कमजोरी के लिए प्रयोग किया जाता है। गोखरू शीतल, मूत्रशोधक, मूत्रवर्धक, वीर्यवर्धक, और शक्तिवर्धक है। यह पथरी, पुरुषों के प्रमेह, सांस की तकलीफों, शरीर में वायु दोष के कारण होने वाले रोगों, हृदयरोग और प्रजनन अंगों सम्बन्धी रोगों की उत्तम दवा है। यह वाजीकारक है और पुरुषों के यौन प्रदर्शन में सुधार करता है।

गोखरू का प्रयोग यौन शक्ति को बढ़ाने में बहुत लाभकारी माना गया है। यह नपुंसकता, किडनी/गुर्दे के विकारों, प्रजनन अंगों की कमजोरी-संक्रमण, आदि को दूर करता है।

अश्वगंधा

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन ,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है। अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है। इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें को इंडियन जिन्सेंग के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है तथा यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है। अश्वगंधा आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है।

सफ़ेद मूसली

मुसली को हर्बल वियाग्रा के रूप में जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन प्रणाली को दुरुस्त करती है। मुसली की जड़ों को पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह पुरुषों में यौन कमजोरी के लिए एक पोषक टॉनिक के रूप में कार्य करती है। मुसली का सेवन शरीर और मन को फिर से दुर्बलता को दूर करता है। इसके सेवन से कामेच्छा, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है और सामान्य दुर्बलता का इलाज होता है। यह एक शक्तिशाली पुरुष और महिला यौन उत्तेजक के रूप में काम करता है। यह रक्त और वीर्य वर्धक है।

शिलाजीत

शिलाजीत, हिमालय की चट्टानों से निकलने वाला पदार्थ है। आयुर्वेद में औषधीय प्रयोजन के लिए शिलाजीत को शुद्ध करके प्रयोग किया जाता है। यह एक adaptogen है और एक प्रमुख आयुर्वेदिक कायाकल्प टॉनिक है। यह पाचन और आत्मसात में सुधार करता है। आयुर्वेद में, इसे हर रोग के इलाज में सक्षम माना जाता है। इसमें अत्यधिक सघन खनिज और अमीनो एसिड है।

शिलाजीत प्रजनन अंगों पर काम करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और प्रतिरक्षा में सुधार करता है। यह पुरानी बीमारियों, शरीर में दर्द और मधुमेह में राहत देता है। इसके सेवन शारीरिक, मानसिक और यौन शक्ति देता है।

केवांच

कौंच या केवांच बीज Mucuna pruriens की गिरी है। केवांच की गिरी बहुत ही प्रभावशाली हर्बल दवा है तथा इसे हजारों वर्षों से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। यह हाइपोथेलेमस पर काम करता है। इसके सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में भी उचित सुधार करने वाली नेचुरल दवा है। मानसिक तनाव, नसों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरोन के कम लेवल आदि में इसके सेवन से बहुत लाभ होता है।

जातिफल

जायफल या जातीफल एक प्रसिद्ध मसाला है। यह मिरिस्टिका फ्रेगरेंस वृक्ष के फल में पाए जाने वाले बीज की सुखाई हुई गिरी है। यह पित्तवर्धक, रुचिकारक, दीपन, अनुलोमन है। जायफल को बाजिकारक aphrodisiac दवाओं और तेल को तिलाओं में डाला जाता है। यह पुरुषों की इनफर्टिलिटी, नपुंसकता, शीघ्रपतन premature ejaculationकी दवाओं में भी डाला जाता है। यह इरेक्शन को बढ़ाता है लेकिन स्खलन को रोकता है। यह शुक्र धातु को बढ़ाता है। यह बार-बार मूत्र आने की शिकायत को दूर करता है तथा वात-कफ को कम करता है।

अकरकरा

आकारकरभ, अकरकरा, करकरा आदि एनासाइक्लस पायरेथम के संस्कृत नाम हैं। इसका अरेबिक नाम आकिरकिर्हा, ऊदुलकई और फ़ारसी में तर्खून कोही है। इंग्लिश में इसे पाइरेथ्रम रूट, पेलेटरी रूट, स्पेनिश पेलिटरी Pellitory Root आदि नामों से जानते हैं। अकरकरा की जड़ का मुख्य सक्रिय तत्व पेलिटोरिन है अथवा पारेथ्रिन है। यह अकरकरा को तीक्ष्ण और लार बहाने के गुण देता है। यह स्वाद व स्वभाव में कुछ-कुछ काली मिर्च के पिपरिन जैसा है। अकरकरा काम शक्ति को बढ़ाने और वाजीकारक की तरह, आंतरिक और बाहरी, दोनों ही तरह से प्रयोग किया जाता है। बाहरी रूप से इसका लेप (तिला के रूप में) और आंतरिक रूप से इसे चूर्ण की तरह प्रयोग किया जाता है। इसका सेवन उत्तेजना लाता है और इन्द्रिय को अधिक खून की सप्लाई करता है।

कर्म Principle Action

  • बाजीकरण: द्रव्य जो रति शक्ति में वृद्धि करे।
  • शुक्रकर: द्रव्य जो शुक्र का पोषण करे।
  • वृष्य: द्रव्य जो बलकारक, वाजीकारक, वीर्य वर्धक हो।
  • शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे।
  • रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड के लाभ/फ़ायदे Benefits of Stay On Oral Liquid

  • यह पुरुषों और महिलाओं के लिए शक्ति और ताकत बढ़ाने के लिए ओरल पेय है।
  • इसमें अश्वगंधा, गोखरू, लताकस्तुरी, जींसेंग और केसर जैसे ऊर्जा बूस्टर है।
  • यह एक सेक्सुअल टॉनिक है।
  • इसमें केवांच, अश्वगंधा, शिलाजीत जैसे द्रव्य हैं जो की पुरुषों के विशेष रूप से उपयोगी माने गए हैं।
  • यह दवाई प्रजनन अंगों के सही प्रकार से काम करने में सहयोग करती है।
  • यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन आदि को दूर करती है।
  • यह इम्पोटेंस में फायदेमंद है।
  • इसका सेवन शरीर में ताकत, उर्जा देता है।
  • यह यौन दुर्बलता को दूर करने में सहायक है।
  • यह नसों को ताकत देती है।
  • यह शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, अनैच्छिक शुक्रपात, स्वप्नदोष, यौन दुर्बलता में लाभप्रद है।
  • यह शक्तिवर्धक, जोश वर्धक, और वाजीकारक औषधि है। इसके सेवन से प्रजनन अंगों को ताकत मिलती है और यौन दुर्बलता दूर होती है।

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के वृषण और एड्रेनल ग्लैंड से स्रावित होने वाला एंड्रोजन समूह का एक स्टीरॉएड हार्मोन है। यह प्रमुख पुरुष हॉर्मोन है जो की एनाबोलिक स्टीरॉएड है। टेस्टोस्टेरॉन पुरुषों में उनके प्रजनन अंगों के सही से काम करने और पुरुष लक्षणों जैसे की मूंछ-दाढ़ी, आवाज़ का भारीपन, ताकत आदि के लिए जिम्मेदार है। यदि टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है तो यौन प्रदर्शन पर सीधे असर पड़ता है, जैसे की इंद्री में शिथिलता, कामेच्छा की कमी, चिडचिडापन, आदि। मूसली, अश्वगंधा और गोखरू के सेवन से शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को सुधारने में मदद होती है।

आयुर्वेद के रसायन द्रव्य शरीर को ताकत देते हैं और यौवन को बनाये रखने में सहयोगी हैं। यह दवा शरीर और नाड़ियों में ताकत का संचार कर यौन प्रदर्शन को ठीक करती है।

शरीर में यदि कमजोरी है तो सेक्स परफॉरमेंस भी कमजोर होगा। इस कैप्सूल में मूसली, अश्वगंधा, कौंच, आदि जैसे द्रव्य जाते हैं जो प्रजनन अंगों को पुष्ट करते हैं और वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता में सुधार करते हैं।

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड के चिकित्सीय उपयोग Uses of Stay On Oral Liquid

आयुर्वेद की मुख्य 8 शाखाएं हैं, इनमें से वाज़ीकरण यौन-क्रियायों की विद्या तथा प्रजनन Sexology and reproductive medicine चिकित्सा से सम्बंधित है। वाज़ीकरण के लिए उत्तम वाजीकारक वनस्पतियाँ और खनिजों का प्रयोग किया जाता है जो की सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सही करती हैं और जननांगों पर विशेष प्रभाव डालती है। आयुर्वेद में प्रयोग किये जाने वाले उत्तम वाजीकरण द्रव्यों में शामिल है, मूसली, अश्वगंधा, शतावरी, गोखरू, केवांच, शिलाजीत, आदि। यह द्रव्य कामोत्तेजक है, स्नायु, मांसपेशियों की दुर्बलता, को दूर करने वाले है तथा धातु वर्धक, वीर्यवर्धक, शक्तिवर्धक तथा बलवर्धक हैं।

  • कम एनर्जी, कम कामेच्छा Low energy, vigour
  • बल और ताकत की कमी low strength-stamina
  • यौन दुर्बलता Male Sexual Weakness
  • लिबिडो कम होना कामेच्छा की कमी Low Libido
  • वाजीकरण improving Sexual Desire
  • वीर्य दोष Semen disorders (too few sperms / oligospermia or no sperms azoospermia or defects in sperm quality)
  • शीघ्रपतन Premature Ejaculation
  • सेक्सुअल टॉनिक sexual tonic
  • स्तम्भन दोष Erectile Dysfunction

शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर एजाकुलेशन वह स्थिति है जिसमें योनि पेनेट्रेशन के 1 मिनट के भीतर स्खलन हो जाता है। जब यह हमेशा या लगभग हमेशा होता है है तो शीघ्र पतन की समस्या हो जाती है। इस यौन समस्या में स्खलन पर नियंत्रण की कमी रहती है। जिस कारण यौन संतुष्टि का अभाव रहता है और पार्टनर्स में निराशा तथा यौन प्रदर्शन की कमी, और संतुष्टि नहीं हो पाती।

स्तंभनदोष या नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन, वह स्थिति है जब संभोग के दौरान शिश्न में तनाव / उत्तेजना नहीं आती अथवा यह उत्तेजना बनी नहीं रहती जिससे यौन निष्क्रियता हो जाती है।

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नपुंसकता या नामर्दी में पुरुष सेक्स करने में असफल रहता है। यह स्थिति मानसिक भी हो सकती और शारीरिक भी। शारीरिक नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं जैसे की ब्लड सप्लाई की कमी, नर्व्स की गड़बड़ी से या हॉर्मोनल असंतुलन आदि तथा इसमें व्यक्ति के अंग में किसी स्थिति में उत्तेजना नहीं आती। मानसिक नपुंसकता चिंता, भय, स्ट्रेस, एंग्जायटी, आदि के कारण हो सकती है। इसमें मास्टरबेशन के दौरान पेनिस में उत्तेजना आती है जबकि सेक्स के दौरान नहीं।

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Stay On Oral Liquid

  • इसे बिस्तर में जाने से आधा घंटा पहले पियें। दवा का असर 30 मिनट में होता है। परिणाम व्यक्ति से भिन्न होते हैं।
  • इसके प्रत्येक बोतल में 30 एमएल लिक्विड है जो एक बार की डोज़ है।
  • शेक अनुकूल कंटेनर अच्छी तरह से हिलाएं, ढक्कन खोलें तरल सामग्री की संपूर्ण एकल खुराक को एक घूंट में निगल लें।
  • कृपया सुनिश्चित करें कि आप एक समय में केवल 1 मात्रा का उपभोग करते हैं
  • एक बार खोलने का तुरंत उपयोग करें।
  • इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह हिलायें।

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इस औषधि को केवल विशिष्ट समय अवधि के लिए निर्धारित खुराक में लें।
  • इस दवा को डॉक्टर की देख-रेख में ही लें।
  • इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  • परिणाम अनिश्चित हैं और अलग-अलग व्यक्तिओं में भिन्न हो सकते हैं।
  • यह दवा आपके लिए प्रभावी हो भी सकती है और नहीं भी।
  • दवा के साथ-साथ भोजन और व्यायाम पर भी ध्यान दें।
  • पानी ज्यादा मात्रा में पियें।
  • पाचन ठीक करें।
  • दवा के सेवन के दौरान दूध, घी, मक्खन, केला, खजूर आदि वीर्यवर्धक आहारों का सेवन अवश्य करें।
  • जंक फ़ूड न खाएं।
  • तले, भुने, खट्टे, मसालेदार भोजन न खाएं।
  • एक्सरसाइज करें।
  • तनाव कम करें।
  • कब्ज़ में त्रिफला, इसबगोल आदि का सेवन कर सकते हैं। मुनक्का और किशमिश का सेवन भी कब्ज़ में लाभप्रद है।

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • इससे कुछ लोगों में पेट में जलन हो सकती है।
  • इसके सेवन से वज़न बढ़ सकता है।
  • इसमें शुगर है। इसलिए डायबिटीज हो तो सेवन में सावधानी की ज़रूरत है।

स्टे-ऑन ओरल लिक्विड को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसे गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान न लें।
  • आयुर्वेद में उष्ण चीजों का सेवन गर्भावस्था में निषेध है। इसका सेवन गर्भावस्था में न करें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • अधिक मात्रा में सेवन पेट में जलन, एसिडिटी, आदि समस्या कर सकता है।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
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