सेन्सा फोर्ट कैप्सूल Sensa Forte Capsules Uses, Benefits, Side Effects, Dosage, Warnings in Hindi

Loading...

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल Sensa Forte Capsules in Hindi एक आयुर्वेदिक दवाई है। इसमें अश्वगंधा, केवांच, विदारीकंद, शिलाजीत, मकरध्वज, जायफल आदि हैं। ये सभी द्रव्य आयुर्वेद में मुख्य रूप से यौन दुर्बलता को दूर करने और उनके यौन प्रदर्शन में सुधार के लिए दिए जाते हैं। इसमें केवांच गिरी और अश्वगंधा प्रमुख घटक है। यह दवाई पुरुषों में शीघ्रपतन, इरेक्टाइल डिसफंक्शन, नामर्दी, वीर्य विकार, कामेच्छा की कमी आदि में लाभप्रद है।

दवा के बारे में इस पेज पर जो जानकारी दी गई है वह इसमें प्रयुक्त जड़ी-बूटियों के आधार पर है। हम इस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं कर रहे। यह दवा का प्रचार नहीं है। हमारा यह भी दावा नहीं है कि यह आपके रोग को एकदम ठीक कर देगी। यह आपके लिए फायदेमंद हो भी सकती हैं और नहीं भी। दवा के फोर्मुलेशन के आधार और यह मानते हुए की इसमें यह सभी द्रव्य उत्तम क्वालिटी के हैं, इसके लाभ बताये गए हैं। मार्किट में इसी तरह के फोर्मुले की अन्य फार्मसियों द्वारा निर्मित दवाएं उपलब्ध हैं। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें। हमारा उद्देश्य दवा के लेबल के अनुसार आपको जानकारी देना है।

Sensa Forte Capsules (Vilco Laboratories Pvt. Ltd.) is Herbomineral Ayurvedic medicine. It is indicated in treatment of sexual problems of male and female. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • दवा का नाम: सेन्सा फोर्ट कैप्सूल Sensa Forte Capsules
  • निर्माता: Vilco Laboratories Pvt. Ltd.
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्ब और शुद्ध पारद-शुद्ध गंधक युक्त
  • मुख्य उपयोग: Diminished Libido & Arousal, Premature Ejaculation, Fatigue
  • मुख्य गुण: एंटीऑक्सीडेंट, रसायन, टॉनिक
  • गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं
  • मूल्य MRP: 10 Capsules @ Rs 180

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल के घटक Ingredients of Sensa Forte Capsules

Each capsule of Sensa Forte contains total soluble extracts derived from:

  • मकरध्वज Makardhwaj 15 mg
  • शुद्ध शिलाजीत Suddha shilajit 50 mg
  • सुवर्ण वंग Suvarna Bang 15 mg
  • कौंच Kaucha 900 mg
  • अश्वगंधा Ashwagandha 600 mg
  • विदारीकन्द Vidarikand 250 mg
  • मुलेठी Yestimadhu 150 mg
  • गोखुरू Gokharu 150 mg
  • जायफल Jaiphal 125 mg

मकरध्वज

मकरध्वज (Makardhwaj) नपुंसकता, शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, इरेक्टाइल डिसफंक्शन और अन्य स्थितियों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक इनोर्गानिक पदार्थ है तथा सल्फाइड ऑफ़ मरकरी और गोल्ड का कॉम्बिनेशन है। मकरध्वज को सोने, पारद और गंधक को एक निश्चित अनुपात में, आयुर्वेद में बताये गए तरीकों से बनाया जाता है। मकरध्वज का सेवन शरीर, दिल, और दिमाग को ताकत देता है।

loading...

केवांच

कौंच या केवांच बीज Mucuna pruriens की गिरी है। केवांच की गिरी बहुत ही प्रभावशाली हर्बल दवा है तथा इसे हजारों वर्षों से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। यह हाइपोथेलेमस पर काम करता है। इसके सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में भी उचित सुधार करने वाली नेचुरल दवा है। मानसिक तनाव, नसों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरोन के कम लेवल आदि में इसके सेवन से बहुत लाभ होता है।

अश्वगंधा

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन ,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है। अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है। इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें को इंडियन जिन्सेंग के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है तथा यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है। अश्वगंधा आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है।

जातिफल

जायफल या जातीफल एक प्रसिद्ध मसाला है। यह मिरिस्टिका फ्रेगरेंस वृक्ष के फल में पाए जाने वाले बीज की सुखाई हुई गिरी है। यह पित्तवर्धक, रुचिकारक, दीपन, अनुलोमन है। जायफल को बाजिकारक aphrodisiac दवाओं और तेल को तिलाओं में डाला जाता है। यह पुरुषों की इनफर्टिलिटी, नपुंसकता, शीघ्रपतन premature ejaculationकी दवाओं में भी डाला जाता है। यह इरेक्शन को बढ़ाता है लेकिन स्खलन को रोकता है। यह शुक्र धातु को बढ़ाता है। यह बार-बार मूत्र आने की शिकायत को दूर करता है तथा वात-कफ को कम करता है।

गोखरू

गोखरू आयुर्वेद की एक प्रमुख औषधि है। इस मुख्य रूप से पेशाब रोगों और पुरुषों में यौन कमजोरी के लिए प्रयोग किया जाता है। गोखरू शीतल, मूत्रशोधक, मूत्रवर्धक, वीर्यवर्धक, और शक्तिवर्धक है। यह पथरी, पुरुषों के प्रमेह, सांस की तकलीफों, शरीर में वायु दोष के कारण होने वाले रोगों, हृदयरोग और प्रजनन अंगों सम्बन्धी रोगों की उत्तम दवा है। यह वाजीकारक है और पुरुषों के यौन प्रदर्शन में सुधार करता है।

गोखरू का प्रयोग यौन शक्ति को बढ़ाने में बहुत लाभकारी माना गया है। यह नपुंसकता, किडनी/गुर्दे के विकारों, प्रजनन अंगों की कमजोरी-संक्रमण, आदि को दूर करता है।

कर्म Principle Action

  • बाजीकरण: द्रव्य जो रति शक्ति में वृद्धि करे।
  • शुक्रकर: द्रव्य जो शुक्र का पोषण करे।
  • वृष्य: द्रव्य जो बलकारक, वाजीकारक, वीर्य वर्धक हो।
  • शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे।
  • रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल के लाभ/फ़ायदे Benefits of Sensa Forte Capsules

  • यह एक सेक्सुअल टॉनिक है।
  • इसमें केवांच, अश्वगंधा, विदारीकन्द, शिलाजीत जैसे द्रव्य हैं जो की पुरुषों के विशेष रूप से उपयोगी माने गए हैं।
  • यह दवाई प्रजनन अंगों के सही प्रकार से काम करने में सहयोग करती है।
  • यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन आदि को दूर करती है।
  • यह इम्पोटेंस में फायदेमंद है।
  • इसका सेवन शरीर में ताकत, उर्जा देता है।
  • यह यौन दुर्बलता को दूर करने में सहायक है।
  • यह नसों को ताकत देती है।
  • यह शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, अनैच्छिक शुक्रपात, स्वप्नदोष, यौन दुर्बलता में लाभप्रद है।
  • यह वीर्य / शुक्राणु की मात्रा को बढ़ाती spematogenic है।

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल के चिकित्सीय उपयोग Uses of Sensa Forte Capsules

आयुर्वेद की मुख्य 8 शाखाएं हैं, इनमें से वाज़ीकरण यौन-क्रियायों की विद्या तथा प्रजनन Sexology and reproductive medicine चिकित्सा से सम्बंधित है। वाज़ीकरण के लिए उत्तम वाजीकारक वनस्पतियाँ और खनिजों का प्रयोग किया जाता है जो की सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सही करती हैं और जननांगों पर विशेष प्रभाव डालती है। आयुर्वेद में प्रयोग किये जाने वाले उत्तम वाजीकरण द्रव्यों में शामिल है, मूसली, अश्वगंधा, शतावरी, गोखरू, केवांच, शिलाजीत, विदारीकन्द आदि। यह द्रव्य कामोत्तेजक है, स्नायु, मांसपेशियों की दुर्बलता, को दूर करने वाले है तथा धातु वर्धक, वीर्यवर्धक, शक्तिवर्धक तथा बलवर्धक हैं।

सेन्सा फोर्ट में पुरुषों के लिए Sensa Forte In males is indicated for

  • कम कामेच्छा और उत्साह Diminished Libido & Arousal,
  • शीघ्रपतन Premature Ejaculation,
  • थकान Fatigue
  • कम एनर्जी, कम कामेच्छा Low energy, vigour
  • पुरुषों में यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए
  • यौन कमजोरी के लिए sexual disorders of male
  • लिबिडो कम होना Low Libido
  • वाजीकरण improving Sexual Desire
  • वीर्य दोष Semen disorders (too few sperms / oligospermia or no sperms azoospermia or defects in sperm quality)
  • शारीरिक कमजोरी, स्ट्रेस
  • शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर एजाकुलेशन
  • शुक्र कीटों को बढ़ाना increasing Sperm Count
  • स्तम्भन दोष Erectile Dysfunction
  • स्वप्नदोष Nocturnal Emission (Night Fall)

शीघ्रपतन या प्रीमेच्योर एजाकुलेशन वह स्थिति है जिसमें योनि पेनेट्रेशन के 1 मिनट के भीतर स्खलन हो जाता है। जब यह हमेशा या लगभग हमेशा होता है है तो शीघ्र पतन की समस्या हो जाती है। इस यौन समस्या में स्खलन पर नियंत्रण की कमी रहती है। जिस कारण यौन संतुष्टि का अभाव रहता है और पार्टनर्स में निराशा तथा यौन प्रदर्शन की कमी, और संतुष्टि नहीं हो पाती।

स्तंभनदोष या नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन, वह स्थिति है जब संभोग के दौरान शिश्न में तनाव / उत्तेजना नहीं आती अथवा यह उत्तेजना बनी नहीं रहती जिससे यौन निष्क्रियता हो जाती है।

नपुंसकता या नामर्दी में पुरुष सेक्स करने में असफल रहता है। यह स्थिति मानसिक भी हो सकती और शारीरिक भी। शारीरिक नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं जैसे की ब्लड सप्लाई की कमी, नर्व्स की गड़बड़ी से या हॉर्मोनल असंतुलन आदि तथा इसमें व्यक्ति के अंग में किसी स्थिति में उत्तेजना नहीं आती। मानसिक नपुंसकता चिंता, भय, स्ट्रेस, एंग्जायटी, आदि के कारण हो सकती है। इसमें मास्टरबेशन के दौरान पेनिस में उत्तेजना आती है जबकि सेक्स के दौरान नहीं।

महिलाओं में सेन्सा फोर्ट Sensa Forte In females is indicated in

  • कामेच्छा का नुकसान, Loss of Libido
  • कामेच्छा का नुकसान,
  • योनि का संकुचन Vaginismus
  • ठंडापन Frigidity
  • उदासीनता Apathy

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Sensa Forte Capsules

  • 1 कैप्सूल, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे दूध, पानी के साथ लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल के इस्तेमाल में सावधनियाँ Cautions

  • इसका इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के आधार पर आधे से लेकर 1 महीने तक किया जा सकता है।
  • loading...
  • उम्र और ताकत पर विचार करते हुए और किसी वैद्य की विशेषज्ञ सलाह के साथ, दवा का उचित अनुपात में उचित अनुपान के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • इस औषधि को केवल विशिष्ट समय अवधि के लिए निर्धारित खुराक में लें।
  • इस दवा को डॉक्टर की देख-रेख में ही लें।
  • इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  • यह हमेशा ध्यान रखें की जिन दवाओं में पारद, गंधक, खनिज आदि होते हैं, उन दवाओं का सेवन लम्बे समय तक नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त इन्हें डॉक्टर के देख-रेख में बताई गई मात्रा और उपचार की अवधि तक ही लेना चाहिए।

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल के साइड-इफेक्ट्स Side effects

  • निर्धारित खुराक में लेने से दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • इससे कुछ लोगों में पेट में जलन हो सकती है।

सेन्सा फोर्ट कैप्सूल को कब प्रयोग न करें Contraindications

  • इसे गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान न लें।
  • आयुर्वेद में उष्ण चीजों का सेवन गर्भावस्था में निषेध है। इसका सेवन गर्भावस्था में न करें।
  • यदि दवा से किसी भी तरह का एलर्जिक रिएक्शन हों तो इसका इस्तेमाल नहीं करें।
  • अधिक मात्रा में सेवन पेट में जलन, एसिडिटी, आदि समस्या कर सकता है।
  • डॉक्टर से परामर्श के बिना कोई आयुर्वेदिक दवाइयां नहीं लें।

भंडारण निर्देश

  • सूखी जगह में स्टोर करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
Content Protection by DMCA.com
Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.