सौंफ अर्क Saunf Ark

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सौंफ का अर्क, सौंफ से तैयार किया जाता है। सौंफ अर्क बनाने के लिए सौंफ को साफ़ करके रात में पानी में भिगो देते हैं। भिगो देने से सौंफ मुलायम हो जाती है। अगले दिन पानी और सौंफ को नाड़िका यंत्र में डाल कर, इसे वाष्पीकृत करके भाप को कंडेंस कर अर्क बना लिया जाता है। अर्क को बोतलों में इकठ्ठा कर लिया जाता है। सौंफ से बनने वाला यह अर्क, सौंफ का अर्क कहलाता है।

सौंफ का अर्क, सौंफ की ही तरह मुख्य रूप से पाचन की समस्याओं और विशेष रूप उलटी, दस्त, अतिसार और शरीर में पित्त की अधिकता में प्रयोग किया जाता है। इसके सेवन भूख ठीक से लगती है और पाचन अच्छा होता है। पेट से अफारा दूर होता है और ऐठन वाले दर्द में राहत होती है। यह शीतल गुण से शरीर में पित्त की अधिकता से होने वाली जलन को कम करता है। यह स्त्रियों सम्बन्धी दिक्कतों जैसे की मासिक के दौरान दर्द, ऐंठन, योनि में दर्द आदि में भी लाभप्रद है।

इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें।

  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल
  • मुख्य उपयोग: पाचन की समस्याएं
  • मुख्य गुण: वात-पित्त शामक, छर्दीनिग्रहण

Saunf Ark is prepared from Saunf/Sounf/Fennel seeds. Arka / Arq can be defined as a liquid obtained by distillation of certain liquids or drugs soaked in water using distillation apparatus. The drugs are boiled in distillation apparatus to get the vapors which on condensation give Ark of desired herb. Ark contains the volatile part of drug. Arq-e-Saunf is beneficial is common disorders related to digestive system.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

सौंफ अर्क के घटक Ingredients of Saunf Ark

  • सौंफ 1 किलो
  • पानी 7 लीटर

आयुर्वेदिक गुण और कर्म

स्वाद में यह मधुर, कटु, तिक्त, गुण में लघु और चिकनी है। स्वभाव से यह शीतल है और मधुर विपाक है। यह शीत वीर्य है। वीर्य का अर्थ होता है, वह शक्ति जिससे द्रव्य काम करता है। आचार्यों ने इसे मुख्य रूप से दो ही प्रकार का माना है, उष्ण या शीत। शीत वीर्य औषधि के सेवन से मन प्रसन्न होता है। यह जीवनीय होती हैं। यह स्तम्भनकारक और रक्त तथा पित्त को साफ़ / निर्मल करने वाली होती हैं।

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  • रस (taste on tongue): मधुर, कटु, तिक्त
  • गुण (Pharmacological Action): लघु, स्निग्ध
  • वीर्य (Potency): शीत
  • विपाक (transformed state after digestion): मधुर

विपाक का अर्थ है जठराग्नि के संयोग से पाचन के समय उत्पन्न रस। इस प्रकार पदार्थ के पाचन के बाद जो रस बना वह पदार्थ का विपाक है। शरीर के पाचक रस जब पदार्थ से मिलते हैं तो उसमें कई परिवर्तन आते है और पूरी पची अवस्था में जब द्रव्य का सार और मल अलग हो जाते है, और जो रस बनता है, वही रस उसका विपाक है। प्रायः मधुर तथा लवण रस के पदार्थों का विपाक मधुर होता है, खट्टे पदार्थों का विपाक अम्लीय और तिक्त, कटु, कषाय रसों का विपाक कटु होता है। मधुर विपाक, भारी, मल-मूत्र को साफ़ करने वाला होता है। यह कफ या चिकनाई का पोषक है। शरीर में शुक्र धातु, जिसमें पुरुष का वीर्य और स्त्री का आर्तव को बढ़ाता है। इसके सेवन से शरीर में निर्माण होते हैं।

प्रधान कर्म

  • अनुलोमन: द्रव्य जो मल व् दोषों को पाक करके, मल के बंधाव को ढीला कर दोष मल बाहर निकाल दे।
  • मूत्रल : द्रव्य जो मूत्र ज्यादा लाये। diuretics
  • आमदोषहर: टोक्सिन दूर करे।
  • छर्दीनिग्रहण: उलटी रोकने वाला।
  • कफहर: द्रव्य जो कफ को कम करे।
  • दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।
  • शीतल: स्तंभक, ठंडा, सुखप्रद है, और प्यास, मूर्छा, पसीना आदि को दूर करता है।

सौंफ अर्क के लाभ/फ़ायदे Benefits of Saunf Ark

  1. अर्क सौंफ पित्त-वात के रोगों में प्रयोग की जाता है।
  2. यह गैस, अफारा में लाभप्रद है।
  3. यह पित्त की अधिकता, एसिड रिफ्लक्स, जलन आदि में लाभप्रद है।
  4. यह भूख बढ़ाता है और पाचन को बेहतर करता है।
  5. इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है।
  6. इसे बच्चे-बड़े सभी ले सकते हैं।

सौंफ अर्क के चिकित्सीय उपयोग Uses of Saunf Ark

  1. सौंफ के अर्क को अरूचि, जी मिचलाना, अम्लपित्त, संग्रहणी, अतिसार, प्रवाहिका, रक्तातिसार, आमदोष आदि में अकेले ही या अन्य किसी दवा के अनुपान रूप में लेते हैं।
  2. अफारा Flatulence
  3. अपच Indigestion
  4. पेट में दर्द Stomach ache
  5. मन्दाग्नि Mandagni (Impaired digestive fire)
  6. आध्मान Adhmana (Flatulance with gurgling sound)
  7. शूल Shula (Colicky Pain)
  8. कृमि Krimi (Helminthiasis/Worm infestation)
  9. योनि शूल Yoni shula (Pain in female genital tract)
  10. आईबीएस Irritable bowel syndrome
  11. जी मिचलाना और उलटी Nausea and Vomiting
  12. अतिसार Diarrhoea
  13. वात-पित्त रोग

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Saunf Ark

  1. सौंफ के अर्क को दिन में दो से तीन बार ले सकते हैं।
  2. इसे खाली पेट लेना चाहिए।
  3. इसे लेने की मात्रा 20 से 60 ml है।
  4. खांसी में इसे शहद के साथ लें।
  5. बच्चों को वयस्कों को दी जाने वाली मात्रा का आधा या उम्र के हिसाब से, दवा दी जा सकती है।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  1. गर्भावस्था में कोई दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
  2. प्रयोग करने से पहले बोतल को अच्छे से हिला लें।

उपलब्धता

  1. इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।
  2. बैद्यनाथ Baidyanath Saunf Ark Price INR 53.00
  3. डाबर Dabur Saunf Ark INR 57.00
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