पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल | Patanjali Ashwagandha Capsule in Hindi

Know Patanjali ashwagandha capsules benefits in hindi(पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल बेनिफिट्स). Very good for weight gain. जानिये अश्वगंधा कैप्सूल का सेवन कैसे करें how to take ashwagandha capsules? Know what are ashwagandha capsules side effects? पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल price कितनी है.

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पतंजलि निर्मित अश्वगंधा कैप्सूल, एक प्रोप्राइटरी आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा में का एक ही द्रव्य है,  अश्वगंधा। अश्वगंधा आयुर्वेद की अत्यंत जानी-मानी जड़ी बूटी है। यह उत्तम रसायन है जो की शरीर को बल, ताकत, ओज, और आयुष्य प्रादान करती है। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोमिनेफेरा है तथा औषधि के रूप में पौधे की जड़ ही मुख्य रूप से प्रयोग की जाती है। पौधे की जड़ को सुखा कर, कूट कर, पीस जो कपड़छन चूर्ण बनता है वही औषधि की तरह अकेले या अन्य द्रव्यों के साथ प्रयोग किया जाता है।

यह दवा रसायन, वाजीकारक, शुक्रल, बलवर्धक हैं और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने में सहयोगी है। अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है।

Ashwagandha Capsule from Patanjali contains the root extract and powder of Ashwagandha. Ashwagandha promotes stronger immune system, physical strength, lustrous complexion, clarity of mind and sense of well-being.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  1. निर्माता: Divya Pharmacy the manufacturing unit of Patanjali Yogpeeth, Patanjali Ayurved
  2. उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  3. दवाई का प्रकार: हर्बल दवा जिसमें अश्वगंधा का रूट एक्सट्रेक्ट है
  4. मुख्य उपयोग: वाजीकरण
  5. मुख्य गुण: शरीर को बल देना

मूल्य MRP:

Patanjali Ashvagandha 20 gm (2 * 10) @ Rs. 50

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पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल का संघटन Ingredients of Patanjali Ashwagandha Capsule

  1. अश्वगंधा घन सत् Ashwagandha Ghan Satt – Extract of Withania somnifera 390 mg
  2. अश्वगंधा चूर्ण Ashwagandha Churna – Root Powder of Withania somnifera 50 mg

 अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है। यह पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है।

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन ,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है।

अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है। यह पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है। यह पुरुषों में जननांग के विकारों के लिए एक बहुत ही अच्छी हर्ब है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है। स्त्रियों में अश्वगंधा का सेवन स्तनपान breastfeeding कराते समय दूध की मात्रा में वृद्धि galactagogue करता है और हॉर्मोन के संतुलन में मदद करता है। इसका सेवन भ्रूण fetus को स्थिर करता है और हार्मोन पुन: बनाता है। प्रसव after delivery बाद इसका सेवन शरीर को बल देता है।

इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल के लाभ/फ़ायदे Benefits of Patanjali Ashwagandha Capsule

  1. यह एक टॉनिक औषधि है और कमजोरी को दूर करती है।
  2. यह दवाई वृषण testes को सही काम करने में सहयोगी है और शुक्राणुजनन को उत्तेजित करती है।
  3. इसके सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
  4. यह वीर्य को गाढ़ा करती है।
  5. यह शरीर में धातुओं की वृद्धि करती है।
  6. यह वाजीकारक है।
  7. यह शक्तिवर्धक, जोशवर्धक, वाजीकारक रसायन है।
  8. यह शरीर को शक्ति प्रदान कर बलवान बनाती है।
  9. यह तंत्रिका तंत्र सबंधी कमजोरी को दूर करती है।
  10. यह शरीर की मांसपेशियों को सुदृढ़ करती है।
  11. अश्वगंधा का सेवन पेशाब के साथ मूत्र जाना, स्वप्नदोष और यौन दुर्बलता में लाभकारी है।
  12. यह पुरुष – स्त्री दोनों में ही प्रजनन स्वस्थ्य को अच्छा करती है।
  13. यह नींद न आना, तनाव, सिरदर्द, मानसिक परेशानियों, आदि में लाभप्रद है।

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल के चिकित्सीय उपयोग Uses of Patanjali Ashwagandha Capsule

  1. उम्र का बढ़ना Ageing
  2. एंग्जायटी Anxiety
  3. आर्थराइटिस Arthritis
  4. रसायन As a tonic
  5. फर्टिलिटी बढ़ाना Boost fertility in men
  6. अवसाद Depression
  7. मधुमेह Diabetes
  8. मधुमेह सम्बंधित परेशानियां Diabetes related health problems
  9. थकावट Fatigue
  10. कमजोरी Generalized weakness
  11. उच्च कोलेस्ट्रोल High cholesterol
  12. स्पर्म गुणवत्ता ठीक करना Improving sperm quality
  13. नींद न आना Insomnia Sleeplessness
  14. जोड़ों की सूजन Joint inflammation
  15. इम्पोटेंसी Male infertility
  16. यौन दुर्बलता Male sexual dysfunctions
  17. जोड़ों में दर्द Pain in joints
  18. मांसपेशियों में दर्द Pain in muscles Fibromyalgia
  19. उच्च रक्चाप Reduce blood pressure
  20. चमड़ी के रोग Skin disorders
  21. स्ट्रेस Stress
  22. सूजन Swelling

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Patanjali Ashwagandha Capsule

  • 1 कैप्सूल दिन में दो बार, नाश्ते और डिनर के बाद लें।
  • इसे दूध के साथ लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  1. इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  2. यह दवा 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लिए अधिक उपयुक्त है क्योंकि यह प्रजनन अंगों पर प्रभाव डालती है।
  3. इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  4. यदि शरीर में आम दोष है, स्रोतों में रूकावट है तो इसका सेवन सावधानी से करें।
  5. बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन गर्भावस्था में नहीं किया जाना चाहिए। यद्यपि असगंध का प्रयोग गर्भावस्था में किया जाता है लेकिन इसकी मात्रा, गर्भावस्था का महिना, खतरा आदि सभी को देख कर ही  इसकी मात्रा दी जाती है। यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाता है तो यह पित्तवर्धक है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भावस्था में इसका सेवन न करे।
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  7. इसे अन्य सेडेटिव दवाके साथ न लें।
  8. अश्वगंधा का सेवन रक्त में शुगर के लेवल को कम करता है। लेकिन यह असर बहुत अधिक नहीं होता।
  9. दवा के सेवन का असर कुछ सप्ताह के प्रयोग के बाद आता है।
  10. यदि आपको इसके सेवन के दौरान किसी भी प्रकार का साइड-इफेक्ट लगे या यह आपको सूट न करे तो कृपया इसे न लें।
  11. संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  12. खाने में दूध, फलों और सब्जियां को शामिल करें।
  13. मादक पदार्थों, शराब, चाय और कॉफी का सेवन नहीं करें।
  14. पानी पर्याप्त मात्रा में पियें।
  15. प्राणायाम और व्यायाम करें।
  16. पाचन सही रखें।
  17. खाना सुपाच्य खाएं।
  18. कब्ज़ न रहने दें। फाइबर युक्त भोजन करें, सलाद खाएं, मुनक्का का सेवन करें और रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ त्रिफला का सेवन करें।
  19. इसे आप एलोपैथी की दवा के सेवन के दौरान भी ले सकते हैं। दवाओं में किसी तरह का इंटरेक्शन न हो इसलिए 2-3 घंटे का गैप रखें।
  20. इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  21. निर्धारित मात्रा में लेने से इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं है।
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