ब्रेस्ट्रीम ऑयल के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

जानिये ब्रेस्ट्रीम ऑयल (Breastriim Oil) आयुर्वेदिक तेल के बारे में , यह तेल ब्रेस्ट्स की मसाज के लिए बहुत ही उपयोगी है इसकी मालिद से स्तन बड़े और सुडौल होते हैं, जानिये इस तेल को कैसे इस्तेमाल किया जाता है। के कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं।

ब्रेस्ट्रीम ऑयल, आयुर्वेदिक औषधीय तेल है जोकि स्तनों की मालिश के लिए प्रयोग किया जाता है। इस तेल का प्रयोग स्तनों को सही आकार देने में और सही उभार देने में मदद करता है। यह बाह्य उपयोग के लिए है और इसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं है। इसकी कुछ बूँदों को हथेली में लेकर स्तनों की हल्के हाथ से मालिश करते हैं।

इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें।

Breastriim Oil is an Ayurvedic medicated massage oil for women. Massaging with this oil firms the breast and gives the proper shape.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • निर्माता: REPL रेनोविज़न एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, पटना
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: औषधीय तेल, मालिश के लिए
  • मुख्य उपयोग: ब्रेस्ट मसाज
  • मुख्य गुण: ब्रेस्ट की शेप सही करना
  • मूल्य MRP: REPL Breastriim Oil (60ml) ₹ 199.00

ब्रेस्ट्रीम आयल के घटक | Ingredients of Breastriim Oil in Hindi

  1. गंभारी SHRIPARNI BARK EXT. Gambhari (Gmelina arborea) Extract 2.5 g
  2. सरसों का तेल MUSTARD OIL 10 ml
  3. कुसुम बीज KUSUM BEEJ (Schleichera oleasa) 0.25 mg
  4. नागकेशर NAGKESAR (MESUA FERREA) 0.1 mg
  5. नागरमोथा NAGARMOTHA (CYPERUS ROTUNDUS) 0.1 mg
  6. अश्वगंधा ASHWAGANDHA (WITHANIA SOMNIFERA-INDIAN WINTER CHERRY) 0.5 mg
  7. पुनर्नवा PUNARNAVA (BOERHAVIA DIFFINSA ROOT – THE SPREADING HOG-WEED) 0.5 mg
  8. शतावर SATAWARI (Asparagus racemosus)
  9. कपास बीज KAPAS BEEJ (Thespesia populnea) 0.1 mg
  10. ज्योतिष्मती JYOTISHMATI BEEJ 0.1 mg

गंभारी की छाल से बने औषधीय तेल को स्तनों की मालिश में पुराने समय से प्रयोग करते हैं। इन तेलों को श्रीपर्णी तेल कहते हैं। इससे सैग होना रुकता है और स्तन even the fallen breasts of a woman become compact and elevated कठोर होते हैं।

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सरसों का तेल या कडुवा तेल, मालिश करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इससे मालिश करने से त्वचा में गर्मी आती है और खून का दौरा ठीक होता है। यह त्वचा से नमी को खोने नहीं देता। सरसों के तेल से स्तनों की मालिश करने से लूज़ स्किन टाइट होती है और स्तनों का आकार भी ठीक होता है। मालिश करने से चमड़ी को इलास्टिसिटी मिलती है।

सरसों के तेल से मालिश करने के बाद धूप में नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे चमड़ी काली हो सकती है। अच्छा तो यह रहेगा कि मालिश के बाद तेल को त्वचा से रूई या तौलिया से साफ़ कर लें।

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मालिश के तुरंत बाद कभी भी पानी से न धोएं क्योंकि उस समय त्वचा गर्म रहती है।

ब्रेस्ट्रीम आयल के फायदे | Benefits of Breastriim Oil in Hindi

  1. यह एक हर्बल आयल है।
  2. इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है।
  3. मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है।
  4. यह उभारों में कमी की समस्या में लाभप्रद हो सकता है।
  5. मालिश करने से ब्रेस्ट में लिम्फ फ्लूइड का फ्लो बढ़ता है।
  6. यह गर्माहट देता है।

ब्रेस्ट्रीम आयल के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Breastriim Oil in Hindi

  1. स्तनों की मालिश Breast massage
  2. ब्रेस्ट का सैग होना Sagging
  3. ब्रेस्ट में सही उभार न होना
  4. स्तनों को बढ़ा करना

ब्रेस्ट्रीम आयल कैसे प्रयोग करें | How to Use Breastriim Oil in Hindi

  1. यह तेल बाहरी रूप से लगाने के लिए है।
  2. तेल की 10-15 बूँदों को हथेली पर लें और रगड़ें जिससे तेल में गर्माहट आ जाए और हतेली पर तेल फ़ैल जाए।
  3. अब स्तन के ऊपर से हल्के हाथ ब्रेस्टबोन के पास से मालिश शुरू करें।
  4. अंडरआर्म पर मालिश करते हुए स्तनों की गोलाई में मालिश करें।
  5. मालिश नीचे से ऊपर की और करें।
  6. इस तेल को दिन में एक या दो बार 5-10 मिनट मालिश के लिए प्रयोग करें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications in Hindi

  1. इस दवा का कोई ज्ञात साइड-इफ़ेक्ट नहीं है।
  2. यदि स्तनपान करा रही हों तो दूध पिलाने से पहले स्तनों को अच्छे से साफ करें, नहीं तो बच्चे में पेट का इन्फेक्शन हो सकता है।
  3. स्तनों का आकार, शेप, आयतन, और पोजीशन में उम्र के साथ परिवर्तन आते रहते हैं।
  4. ब्रेस्ट सैग होना उम्र बढ़ने के साथ स्वाभाविक है।
  5. सिगरेट न पियें।
  6. वज़न कम होने, बड़े कप साइज़ की ब्रा पहनने से, बच्चे होने के बाद, के कारण ब्रेस्ट सैग होने लगती है।
  7. इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखे।
  8. सभी के लिए रिजल्ट समान नहीं होते।
  9. यह आपके लिए लाभप्रद हो भी सकता और नहीं भी।
  10. रिजल्ट कुछ महीने के प्रयोग में दिख सकते हैं।
  11. पानी सही मात्रा में पियें।
  12. वज़न बहुत तेज़ी से कम न करें।
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