बालार्क रस के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

बालार्क रस, एक आयुर्वेदिक रस औषधि है जो की बच्चों के रोगों में प्रयोग की जाती है। इस दवा को केवल डॉक्टर की राय के बाद, बताई मात्रा और समय के लिए देना चाहिए। क्योंकि यह दवा बच्चों के लिए है, इसलिए विशेष सावधानी की आवश्यकता है।

यह औषधि दो प्रकार में उपलब्ध है, बालार्क रस साधारण और बालार्क रस गोरोचन और केशर युक्त। जैसा की नाम से ही पता लगता है, दोनों के कम्पोजीशन में अंतर है। बालार्क रस साधारण में शुद्ध खपरिया अथवा यशद भस्म, प्रवाल भस्म/पिष्टी, मृग श्रिंग भस्म, शुद्ध हिंगुल, और कचूर का चूर्ण है, जबकि दवा के दूसरे प्रकार में इन द्रव्यों के अतिरिक्त गोरोचन और केशर भी डला है।

यह दवाई बच्चों में होने वाले समस्त रोगों जैसे की वात-कफ रोगों, अतिसार, हरे-पीले दस्त, झागदार दस्त, सुखंडी रोग, पेट के कीड़े, उल्टी, आदि में लाभप्रद है। इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें।

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Balark Rasa is mineral-metallic containing Ayurvedic medicine used in treatment of diseases of children. It gives strength and improves overall health. It is Ras Aushadhi of Ayurveda and hence should be taken only after consulting Ayurvedic doctor.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: आयुर्वेद की रस औषधि
  • मुख्य उपयोग: बाल रोल
  • मुख्य गुण: शरीर को ताकत देना
  • उपलब्धता: श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन और उंझा फार्मेसी द्वारा निर्मित

बालार्क रस के घटक | Ingredients of Balark Ras in Hindi

बालार्क रस (साधारण) Balarak Ras (Ord.) /  Balarka Rasa (Ordinary)

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  1. खर्पर भस्म (अभाव में यशद भस्म) 1 भाग
  2. प्रवाल भस्म या पिष्टी 1 भाग
  3. श्रृंग भस्म 1 भाग
  4. शुद्ध हिंगुल 1 भाग
  5. कचूर का चूर्ण 1 भाग

बालार्क रस (केशर गोरोचन युक्त) Balarak Ras (Keshar Gorochan Yukt)

  1. खर्पर भस्म (अभाव में यशद भस्म) 1 भाग
  2. प्रवाल भस्म या पिष्टी 1 भाग
  3. श्रृंग भस्म 1 भाग
  4. शुद्ध हिंगुल 1 भाग
  5. कचूर का चूर्ण 1 भाग
  6. गोरोचन 1 भाग
  7. केशर 1 भाग

प्रत्येक को बराबर मात्रा में लेकर ब्राम्ही स्वरस में एक दिन मर्दन किया जाता है।  इसके बाद इसकी एक रत्ती की गोलियां बनाकर, छाया में सुखा कर शीशी में भरकर रख लिया जाता है।

बालार्क रस के फायदे | Benefits of Balark Ras in Hindi

  1. यह बढ़े हुए वात और कफ को कम करती है।
  2. यह विभिन्न वात-कफ रोगों में लाभप्रद है।
  3. इसके सेवन से शरीर को बल मिलता है।
  4. यह बच्चे को हृष्ट-पुष्ट और निरोगी बनाता है।

बालार्क रस के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Balark Ras in Hindi

  1. अतिसार, हरे-पीले और फटे से, सफेद तथा झागदार दस्त होना
  2. वात और कफ संबंधी विकार
  3. ज्वर
  4. उलटी-दस्त
  5. सुखंडी रोग
  6. बालशोध
  7. डब्बा रोग
  8. उदरकृमि
  9. मोतिझरा रोग
  10. खाँसी

बालार्क रस की सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Balark Ras in Hindi

  • 1/2-1 रत्ती / 62.5 mg-125mg दिन में दो से तीन बार दें।
  • इसे माँ के दूध / शहद / पानी, में घुलाकर, बच्चे को चटायें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में दें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications in Hindi

  1. इस दवा को डॉक्टर की देख-रेख में ही दें।
  2. इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  3. इसे ज्यादा दिन तक न दें।
  4. यह हमेशा ध्यान रखें की जिन दवाओं में पारद, गंधक, खनिज आदि होते हैं, उन दवाओं का सेवन लम्बे समय तक नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त इन्हें डॉक्टर के देख-रेख में बताई गई मात्रा और उपचार की अवधि तक ही लेना चाहिए।
  5. इसे बताई मात्रा से अधिकता में न लें।
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