मुंह में छाले Canker Sore Information and Ayurvedic Treatment in Hindi

मुंह में छाले होना बहुत कॉमन समस्या है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को कभी न कभी प्रभावित करती है। इस समस्या में व्यक्ति के गाल, होटों के अन्दर की तरफ, जीभ आदि पर छोटे, उभरे सफेद -लाल से घाव हो जाते हैं जिससे खाने में कठिनाई तथा मुंह में जलन होती है।

इस पेज पर माउथ अल्सर / माउथ सोर या मुंह-जीभ पर होने वाले छालों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की गई है। यहाँ पर उन लाभप्रद आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में भी बताया गया है जो की OTC है, और जिनका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं है।

Mouth Sore or Mouth ulcers refers to condition in which small painful ulcerations with yellow-gray centers and a red border appear on soft parts of oral cavity such as the inner side of the lips, the tongue, the back and floor of the mouth, the wall of the cheeks and tongue. It can be single or many.

  • Mouth sore can be due to trauma, chemical injury, infections, food sensitivities, stress, nutrient deficiencies etc.
  • Mouth ulcers generally heals in 1 to 2 weeks. If it persists for more than 3 weeks, consult doctor.

पर्याय: Mouth Sores, Mouth Ulcers, Canker sores, Apthous stomatitis, ulcerative stomatitis, Munh me Chhaale

मुंह के छाले होने के कारण Causes of Mouth Ulcers / Blisters

  1. यह समस्या बहुत से कारणों से हो सकती है। इसके संभावित कारणों में शामिल है:
  2. चोट लग जाना जैसे ब्रश, डेन्चर, ब्रेसेस, शार्प दांत, टेढ़े-मेढ़े दांतों से
  3. केमिकल से चोट लग जाना, जैसे सोडियम लौरेल सल्फेट Sodium lauryl sulfate वाले टूथपेस्ट से
  4. वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन से
  5. इम्युनिटी की कमी
  6. एलर्जी
  7. विटामिन सी की कमी, विटामिन बी की कमी
  8. कठोर खाना खाने से
  9. शरीर में अधिक पित्त
  10. पाचन की विकृति, संग्रहणी, बार-बार दस्त
  11. कब्ज़, पेट न साफ़ होना
  12. दवाओं का सेवन
  13. हेर्पिस सिम्पलेक्स वायरस जिसमें 10 या उससे ज्यादा छाले जीभ और मुंह के साइड में होते है
  14. स्मोकिंग छोड़ देने पर

घरेलू उपचार Home Remedies for Mouth Sore

हमारे घर की रसोई और आस-पास के पर्यावरण में हमेशा बहुत से ऐसे पदार्थ मौजूद रहते हैं जो की सूजन को दूर करते हैं, दर्द निवाराक होते है और घावों को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं।  ऐसे ही पदार्थों का प्रयोग हम मुंह के छालों में कर सकते हैं।  इनको कोई भी कर सकता है और इनका कोई साइड-इफेक्ट भी नहीं है।

  1. कत्था, मुलेठी: इन्हें शहद के साथ मिलाकर छालों पर लगायें। ऐसा दिन में 2-3 बार करें।
  2. कत्था: कत्थे के चूर्ण को शहद के साथ मिलाएं और प्रभित स्तान अपर दिन में 2-3 बार लगायें।
  3. इलाइची: इलाइची के पाउडर को शहद में मिलाकर लगाएं।
  4. फिटकरी: फिटकरी के पानी से कुल्ले करें।
  5. नीला थोथा: इसे गर्म करें। एक चुटकी नीले थोथे के पाउडर को एक चम्मच पानी में मिलाएं। इसे रूई पर लगा कर मुंह में लगायें।
  6. टंकण भस्म/ सुहागा: सुहागे को ग्लिसरीन में मिलाकर लगायें।
  7. घी: घी को छालों पर लगायें।
  8. तिल तेल: तिल के तेल में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर मुंह के छालों पर लगायें।
  9. हल्दी: हल्दी को पानी में उबालें और इस पानी से कुल्ले करें।
  10. नीम: नीम के पत्तों को चबाएं। नीम की दातुन करें।
  11. तुलसी: तुलसी के 4 -5 पत्ते दिन में दो बार, चबा कर खाएं।
  12. अडूसा: अडूसा के पत्ते को चबाएं।
  13. चमेली: चमेली के पत्ते चबाएं।
  14. अमरूद: अमरूद के पत्तों पर कत्थे को लगाकर चबाएं।
  15. करेला: करेले के रस से कुल्ला करें।
  16. सौंफ: एक गिलास पानी में दो चम्मच सौफ उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो भुनी फिटकरी डाले। इस पानी से दिन में कई बार कुल्ला करें।
  17. मुलेठी: मुलेठी को शहद में मिलाएं। इसे लेप की तरह छालों पर लगायें और लार मुंह से बाहर जाने दें। अथवा मुलेठी को चूसें।
  18. हरीतकी: हरीतकी के बारीक चूर्ण को लगायें।
  19. अलसी: असली के दाने चबा कर खाएं।
  20. शीशम और बेल के पत्तों का प्रयोग: बेल और शीशम ने 5-10 पत्ते धो, पिस कर शरबत बना कर पियें।

मिक्स प्रयोग

  • कत्था + जायफल + छोटी इलाइची, के चूर्ण को अनार के रस के साथ लें।
  • कत्था + मुलेठी+ शीतल चीनी + चन्दन+ इलाइची + गावजबां + अकरकरा + मिश्री, को बराबर मात्रा में मिलाएं। पान के रस में घोंट कर गोली बना लें। इन गोलियों को चूसने से छालों में लाभ होता है।
  • कत्था + बबूल छाल + मौलश्री छाल + वंशलोचन + इलाइची, को बराबर मात्रा में मिला लें। इसे पानी में उबाले और इस पानी से कुल्ले करें।
  • अनार छिलका+ वंशलोचन + छोटी इलाइची + सफ़ेद कत्था + कबाब चीनी को बराबर मात्रा में पीस कर रख लें। इसे अनार के रस में मिलाकर लगाएं।
  • एंटासिड 5 ml, को दिन में चार बार, मुंह में रख कर घुमाएं। इसे थूक दें या पी जाएँ।

आयुर्वेदिक दवाएं जो मुख में छालों में लाभप्रद हैं Ayurvedic Medicines available for Oral Sore

  1. अरोडेंट Arodent Ayurvedic Gum Paint
  2. अरेमेदादि तेल Irimedadi Taila
  3. कर्पूरदी वटी Karpuradi Vati
  4. स्माइल माउथ अल्सर जेल Smyle Mouth Ulcer Gel

उपयोगी टिप्स Helpful Tips

  1. बहुत अधिक पित्त वर्धक, खट्टा, और शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला भोजन न करें।
  2. संतरे, नींबू, अचार, सिरका, मसालेदार भोजन न करे।
  3. पाचन की गड़बड़ी को ठीक करें।
  4. शरीर में यदि पित्त बढ़ा हुआ हो तो गुलकंद का सेवन करें।
  5. कब्ज़ न रहने दें।
  6. खाने के बाद सौंफ खाएं।
  7. उन भोज्य पदार्थों को पहचाने जिन्हें खाने के बाद आपके मुंह में छाले food allergy हो जाते हैं।
  8. एक कप गर्म पानी में चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा baking soda और थोड़ा नमक डाल कर कुल्ला करें।
  9. रात को सोने से पहले गर्म दूध में आधा चम्मच घी अथवा बादाम का तेल मिलाकर पियें।
  10. बीकासूल Becosules Capsules खाएं।
  11. विटामिन बी Vitamin B की कमी न होने दें।
  12. विटामिन सी Vitamin C खाएं। यह हर्पिस के कारण होने वाले छालों को कम करता है।
  13. भोजन जिसमें नाइट्रेट nitrate और नाइट्राइट nitrite (celery, cress, chervil, lettuce, red beetroot, spinach, celeriac, chinese cabbage, endive, parsley, sandwich meats, bacon, salam)i हो न खाएं।
  14. इम्युनिटी बढ़ाने वाला आहार लें।
  15. गर्म भोजन, चाय-कॉफ़ी का सेवन न करे।
  16. आइस चूसें।
  17. यदि बहुत से पदार्थों की कमी है तो मल्टीविटामिन सप्लीमेंट Multivitamin Supplement  लें।
  18. जो लोग बार-बार होने वाले छालों से परेशान हैं, वे थायमिन, रिबोफ्लेविन, पैरीडोक्सिन vitamin B1, B2, B6 और आयरन का सेवन कुछ समय तक लगातार करें।
  19. पानी पर्याप्त मात्रा में पियें।
  20. रात तो गिलोय का तना पानी में भिगो दें, सुबह इसे मसल कर छान कर पानी पियें। अथवा गिलोय घन वटी Giloy Ghanvati का प्रयोग करें। अथवा गिलोय का काढ़ा बना कर पियें।
  21. गेहूं का जवारा पियें।
  22. सुबह उठ कर एलो वेरा जूस Aloe vera Juice पिए।
  23. स्ट्रेस, तनाव कम करें। प्राणायाम करे, ध्यान करें।
  24. मुलायम टूथ ब्रश प्रयोग करें।
  25. अल्कोहल वाले माउथ वाश न प्रयोग करें।
  26. सोडियम लौरेल सल्फेट sodium lauryl sulfate वाले ओरल प्रोडक्ट न प्रयोग करें।
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