गर्भावस्था के शुरुवाती लक्षण Early Pregnancy Symptoms in Hindi

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गर्भावस्था या गर्भ का ठहर जाना तब कहा जाता है, जब महिला के गर्भाशय में भ्रूण का विकास शुरू हो जाता है। अधिकांश महिलायों में हर मासिक चक्र में ओवरी / अंडाशय Ovary से एक अंडाणु Ovum चक्र के बीच में ओवरी से बाहर निकलता है। इस प्रक्रिया को ओवूलेशन Ovulation कहते है। यह अंडाणु फैलोपियन ट्यूब fallopian tube में कुछ घंटों तक निषेचन के लिए रहता है। अगर इस बीच इसे पुरुष स्पर्म / शुक्राणु sperm मिल जाता है तो यह निषेचित fertilization हो जाता है। निषेचित अंडाणु में अब कोशिकायों का विभाजन cell division शुरू होता है और अब यह एम्ब्रियो या भ्रूण Embryo कहलाता है। भ्रूण ट्यूब से निकल कर गर्भाशय में अपने आप को स्थापित करता है जिसे इम्प्लांटेशन Implantation कहते है। कुछ महिलाओं में अब योनि से हल्का खून भी जा सकता है जिसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग Implantation bleeding कहते हैं।

गर्भाधान के समय conception स्त्री के डिंब (अंडे) आदमी के शुक्राणु से निषेचित हैं और उसी समय बच्चे का लिंग sex of child boy or girl और गुण निश्चित हो जाते हैं। महिलाओं में केवल XX तथा पुरुष स्पर्म में XY क्रोमोजोम होते हैं। यदि X क्रोमोजोम वाले स्पर्म से अंडाणु निषेचित होता है और लड़की Girl होती है और यदि यही Y क्रोमोजोम से हो तो लड़का Boy होता है।

गर्भावस्था में होर्मोन Hormones in Pregnancy

  1. गर्भावस्था के शुरू होते ही महिला के शरीर में एस्ट्रोजन Estrogen और प्रोजेस्ट्रोन Progesterone होर्मोन अचानक नाटकीय ढंग से बढ़ जाते हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन मुख्य गर्भावस्था के हार्मोन हैं।
  2. एस्ट्रोजन: गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन गर्भाशय और नाल की वृद्धि में सुधार, पोषक तत्वों का हस्तांतरण, और बच्चे के विकास का समर्थन करने के लिए गर्भाशय और नाल को सक्षम बनाता है।
  3. एस्ट्रोजन भ्रूण के विकसित व परिपक्व होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एस्ट्रोजन का स्तर गर्भावस्था के दौरान तेजी से बढ़ता है और तीसरी तिमाही में अपने चरम तक पहुँचता है।
  4. पहली तिमाही के दौरान एस्ट्रोजेन के स्तर में तेजी से वृद्धि गर्भावस्था के साथ जुड़े मतली,जी मिचलाना तथा मॉर्निंग सिकनेस का कारण है तथा यह दूसरी तिमाही के दौरान,यही स्तनों में मिल्क डक्ट को बनाता है और स्तनों का विकास करता है जिससे जन्म के बाद बच्चे को माँ का दूध मिल सके।
  5. प्रोजेस्टेरोन: प्रोजेस्टेरोन का स्तर भी प्रेगनेंसी में असाधारण रूप से बढ़ जाता है। प्रोजेस्टेरोन का परिवर्तन पूरे शरीर में एक स्नायुबंधन ligaments और जोड़ों की ढीला करता है तथा गर्भाशय के आकार को बढ़ाने में मदद करता है। यही होर्मोन गर्भाशय के आकार को छोटी नाशपाती से बढ़ाकर एक पूरे विकसित बच्चे के आकार तक ले जाता है।
  6. इसके अतिरिक्त शरीर के दूसरे होर्मोन्स भी अलग तरह से काम करते हैं। हॉर्मोन का बदलाव महिलाओं के पूरे शरीर को प्रभावित करता है। यह होर्मोन्स बच्चे के विकास के लिए ज़रूरी वातावरण तैयार करते हैं।

गर्भावस्था के लक्षण Sign and Symptoms of Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के लिए हर महिला का शरीर अलग-अलग लक्षण दिखाता है। एक ही महिला में जो लक्षण पहली प्रेगनेंसी में हों ज़रूरी नहीं अगली में भी वही लक्षण दिखें। लेकिन गर्भावस्था के कुछ आम प्रारंभिक लक्षण जो की ज्यादातर महिलायों में दिखाई देती हैं वो नीचे दिए गए हैं।

  1. पीरियड न होना Missed period: अगर आपके पीरियड्स अनियमित नहीं हैं तो पीरियड का न होना गर्भावस्था का पहला संकेत है।
  2. स्तनों में सूजन Breast tenderness: गर्भावस्था के प्रारंभिक दिनों में हार्मोनल परिवर्तन स्तनों को संवेदनशील और भारी कर सकता है।
  3. मॉर्निंग सिकनेस, उलटी या बिना उल्टी मतली Nausea with or without vomiting: यह लक्षण अक्सर एक महीने के बाद शुरू होते हैं। हालांकि, कुछ महिलाओं ने पहले भी मिचली महसूस हो सकती है और कुछ में यह कभी नहीं होती। गर्भावस्था के दौरान मतली का कारण स्पष्ट तो नहीं है, लेकिन हार्मोन का बदलाव ही इसका मुख्य कारण हो सकता है।
  4. पेशाब में वृद्धि Increased urination: आप को सामान्य से अधिक बार पेशाब हो सकता है। आपके शरीर में रक्त की मात्रा गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाती है, जिससे गुर्दे अतिरिक्त तरल पदार्थ बनता है जो मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकालता है।
  5. थकान Fatigue: गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण में थकान भी शामिल है। गर्भावस्था के शुरू होने पर हार्मोन प्रोजेस्टेरोन का स्तर चढ़ता है जो की अधिक नींद करता है।
  6. मूडीनेस Moodiness: गर्भावस्था में आपके शरीर में हार्मोन असामान्य रूप से भावनात्मक और रोने वाला कर सकते हैं। चिडचिडापन, गुस्सा आना, दुखिन होना, एंग्जायटी होना, रोना भी आम हैं।
  7. सूजन Bloating: गर्भावस्था शुरू होने के दौरान हार्मोनल परिवर्तन से आप शरीर को फूला हुआ मसूस कर सकती हैं। आपको ऐसा लग सकता हैं जैसे की माहवारी शुरू होने वाली है।
  8. हल्की स्पोटिंग Light spotting: कभी-कभी कम मात्रा में योनि से रक्तस्राव light spotting from vagina हो सकता है। यह गर्भावस्था के शुरू होने के कुछ संकेतों में से एक है। इसे आरोपण रक्तस्राव implantation bleeding के रूप में जाना जाता है, यह तब होता है जब निषेचित अंडे अपने आप को गर्भाशय के अस्तर uterus lining के में स्थापित करता है। यह करीब गर्भाधान के – 10 से 14 दिनों के बाद होता है। आरोपण रक्तस्राव माहवारी के समय के आसपास होता है। हालांकि, यह सभी महिलाओं के साथ नहीं होता।
  9. ऐंठन Cramping: कुछ महिलाओं को गर्भाशय में हल्के ऐंठन का अनुभव हो सकता है।
  10. कब्ज Constipation: हार्मोनल परिवर्तन के कारण कब्ज व पाचन तंत्र में कुछ गड़बड़ी हो सकती है।
  11. कुछ खाद्य पदाथों के प्रति तीव्र संवेदनशीलता Food aversions: कुछ खानों के प्रति आप अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। कुछ महिलाओं को रोटी की गंध, टमाटर आदि की गंध से ही उलटी आती है।
  12. नाक बंद होना Nasal congestion: हार्मोन के स्तर के बढ़ने के कारण आपको नाक में ज्यादा म्यूकस की शिकायत हो सकती है।

ये सभी संकेत और लक्षण signs and symptoms, ज्यादातर महिलायों में मिलते हैं। लेकिन हर प्रेगनेंसी अलग होती है। कई महिलायों में गर्भावस्था के कोई लक्षण ही नहीं होते। लेकिन अगर आप बच्चे के लिए प्रयास कर रही हैं, या पीरियड के बीच में कभी भी असुरक्षित यौन सम्बन्ध unprotected sexual intercourse or failure of contraception, condom tear बने हैं तो पीरियड का अपने समय से एक सप्ताह तक न होना delay of period for one week गर्भावस्था का एक प्रमुख संकेत है।

यदि पीरियड नहीं आये तो प्रेगनेंसी डिटेक्शन कार्ड जो की बाज़ार में हर मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर के पर्चे के करीबन 50 रुपये में मिलता है, को लेकर सुबह के पहले मूत्र की बूंदे डाल कर जांचे।

गर्भावस्था की पुष्टि होने पर आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर सभी ज़रूरी टेस्ट कराने चाहिए।

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12 thoughts on “गर्भावस्था के शुरुवाती लक्षण Early Pregnancy Symptoms in Hindi

  1. Medam period aane me 9 days jyada ho gaye lekin Abhi period me nahi aayu Meri miss Abhi clear kit use kr sakte he. Pls reply fast…

    • अगर पीरियड एकदम रेगुलर हैं, तो अब प्रेगनेंसी डिटेक्शन किट के प्रयोग से प्रेगनेंसी की स्थिति का पता लग सकता है. टेस्ट के लिए सुबह के पहले यूरिन का प्रयोग करें.

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