Divya Shilajeet Rasayan Vati दिव्य शिलाजीत रसायन वटी

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दिव्य शिलाजीत रसायन वटी, स्वामी रामदेव की पतंजलि दिव्य फार्मेसी में निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा का प्रयोग पुरुषों में होने वाले यौन रोगों के उपचार में होता है। यह यौन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है और एक यौन टॉनिक है। यह दवा नाड़ी (नर्वस सिस्टम), गुर्दे और वीर्य वाहिकाओ पर विशेष प्रभाव पैदा डालती है।

नीचे इस दवा के घटक, गुण, सेवनविधि, और मात्रा के बारे में जानकारी दी गयी है।

Divya Shilajeet Rasayan is an Ayurvedic medicine from Swami Ramdev’s Divya pharmacy. This medicine is useful in diabetes, fatigue, general debility, leucorrhoea and sexual disorders of male (night fall, erectile dysfunction, low libido, premature ejaculation and for improving performance).

Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses, benefits and dosage of this medicine in Hindi language.

  • निर्माता / ब्रांड: पतंजलि दिव्य फार्मेसी
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: आयुर्वेदिक दवाई
  • मुख्य उपयोग: पुरुष यौन परेशानियाँ
  • मुख्य गुण: एंटीऑक्सीडेंट, रसायन, टॉनिक
  • दवा का अनुपान: गर्म जल अथवा गर्म दूध
  • दवा को लेने का समय: दिन में दो बार, प्रातः और सायं
  • दवा को लेने की अवधि: कुछ महीने

घटक Ingredients of Divya Shilajeet Rasayan Vati

  1. अश्वगन्धा Withania somnifera जड़ 60 mg बल्य, रसायन
  2. त्रिफला Triphala 60 mg प्रमेह, कब्ज़
  3. भूमि आमला Phyllantus urinaria पूरा पौधा 60 mg थकान, कमजोरी
  4. शिलाजीत Asphaltum शुद्ध 120 mg बल्य, रसायन
  5. Excepients: Gum acacia, Aerosil, Talcum, Magnesium stearate

1- शिलाजीत

शिलाजीत पहाड़ों से प्राप्त, सफेद-भूरा मोटा, चिपचिपा राल जैसा पदार्थ है (संस्कृत शिलाजतु) जिसमे सूजन कम करने, दर्द दूर करने, अवसाद दूर करने, टॉनिक के, और एंटी-ऐजिंग गुण होते हैं। इसमें कम से कम 85 खनिजों पाए जाते है। शिलाजीत एक टॉनिक है जो पुरुषों में यौन विकारों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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शिलाजीत रस में अम्लीय और कसैला, कटु विपाक और समशीतोष्ण (न अधिक गर्म न अधिक ठंडा) है।

  • ऐसा माना जाता है, संसार में रस-धातु विकृति से उत्पन्न होने वाला कोई भी रोग इसके सेवन से दूर हो जाता है। शिलाजीत शरीर को निरोगी और मज़बूत करता है।
  • यह पुरुषों के प्रमेह की अत्यंत उत्तम दवा है।
  • यह वाजीकारक है और इसके सेवन से शरीर में बल-ताकत की वृद्धि होती है।
  • यह पुराने रोगों, मेदवृद्धि, प्रमेह, मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, कम्पवात, जोड़ो का दर्द, सूजन, सर्दी, खांसी, धातु रोग, रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी आदि सभी में लाभप्रद है।
  • यह शरीर में ताकत को बढाता है तथा थकान और कमजोरी को दूर करता है।
  • यह यौन शक्ति की कमी को दूर करता है।
  • यह भूख को बढाता है।
  • यह पुरुषों में नपुंसकता, शीघ्रपतन premature ejaculation, कम शुक्राणु low sperm count, स्तंभन erectile dysfunction में उपयोगी है।
  • यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।

शिलाजीत के सेवन के दौरान, आहार में दूध की प्रधानता रहनी चाहिए।

2- अश्वगंधा (Withania somnifera)

अश्वगंधा को असगंध, आसंध और विथानिया, विंटर चेरी आदि नामों से जाना जाता है। इसकी जड़ को सुखा, पाउडर बना आयुर्वेद में वात-कफ शामक, बलवर्धक रसायन की तरह प्रयोग किया जाता है।

यह एक टॉनिक दवा है। यह शरीर को बल देती है। असगंध तिक्त-कषाय, गुण में लघु, और मधुर विपाक है। यह एक उष्ण वीर्य औषधि है। यह वात-कफ शामक, अवसादक, मूत्रल, और रसायन है जो की स्पर्म काउंट को बढ़ाती है।

  • यह जड़ी बूटी पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है।
  • यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है।
  • यह पुरुषों में जननांग के विकारों के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है।
  • यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है।
  • यह शुक्र धातु की कमी, उच्च रक्तचाप, मूर्छा भ्रम, अनिद्रा, श्वास रोगों, को दूर करने वाली उत्तम वाजीकारक औषधि है।

3- भूमिआमला

भूमिआमला वर्षा ऋतु में स्वतः खरपतवार की तरह उत्पन्न होने वाला पौधा है। यह किसी भी प्रकार आंवला से सम्बंधित नहीं है परन्तु दिखने में आंवला के वृक्ष की तरह होने से तथा फलों के उसी प्रकार निकलने से यह भूमिआमला कहलाता है। आंवले का जहाँ वृक्ष होता है वहीँ यह एक छोटा सीधा पौधा है।

भूमिआमला मुख्य रूप से पेट, जेनिटोयूरिनरी अंगों, लीवर, किडनी, और तिल्ली के रोगों की दवाई है। यह यकृत की रक्षा करने वाली औषध है। मूत्रल गुणों के कारण है पेशाब रोगों में लाभप्रद है और पथरी में भी दिया जाता है।

यह body immunity को बढाता है। यह शरीर में कमजोरी को दूर करता है। यह erectile dysfunction को दूर करता है। यह पुरुषों में कामेच्छा libido को बढ़ाने में मदद करता है।

4- त्रिफला

त्रिफला तीन प्राकृतिक जड़ी बूटियों (आवला, हरड और बहेड़ा) का एक कॉम्बिनेशन है। इसके सेवन से immunity बढती है तथा पाचन ठीक रहता है। यह रसायन होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छा विरेचक, दस्तावर भी है। इसके सेवन से पेट सही से साफ़ होता है, शरीर से गंदगी दूर होती है और पाचन सही होता है। यह पित्त और कफ दोनों ही रोगों में लाभप्रद है। त्रिफला प्रमेह, कब्ज़, और अधिक पित्त नाशक है। यह पूरे शरीर को साफ़ करता है और फर्टिलिटी को बढाता है।

कर्म Principle Action

  1. बाजीकरण: द्रव्य जो रति शक्ति में वृद्धि करे।
  2. शुक्रकर: द्रव्य जो शुक्र का पोषण करे।
  3. वृष्य: द्रव्य जो बलकारक, वाजीकारक, वीर्य वर्धक हो।
  4. शोथहर: द्रव्य जो शोथ / शरीर में सूजन, को दूर करे।
  5. रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।
  6. विरेचन: द्रव्य जो पक्व अथवा अपक्व मल को पतला बनाकर अधोमार्ग से बाहर निकाल दे।

दिव्य शिलाजीत रसायन वटी के लाभ Benefits of Divya Shilajeet Rasayan Vati

  1. यह रक्त से विषाक्त पदार्थों को हटाती है।
  2. यह पुरुषों में यौन रोग के लिए उपयोगी है।
  3. यह पुरुषों में यौन क्षमता बढ़ाती है।
  4. यह प्राकृतिक कामोद्दीपक या वाजीकारक है।
  5. यह शुक्राणुओं की संख्या बढाती है।

दिव्य शिलाजीत रसायन वटी के चिकित्सीय उपयोग

  1. एनर्जी, स्टैमिना की कमी
  2. एंग्जायटी
  3. पुरुषों में यौन अंगों के रोगों के लिए sexual disorders of male
  4. नपुंसकता, शीघ्रपतन, मर्दाना कमजोरी impotency
  5. स्वप्न दोष Night fall, , erectile dysfunction
  6. प्रमेह urinary disorders
  7. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का बार-बार होना Recurrent UTI
  8. पुरुषों में यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए
  9. शरीर की कोशिकाओं की ताकत बढ़ाने के लिए
  10. शारीरिक कमजोरी, स्ट्रेस
  11. महिलाओं में Leucorrhea के इलाज के लिए

सेवनविधि और मात्रा How to take and dosage

  1. इस दवा को दिन में डो बार लें।
  2. इसे प्रातः और सायं लें।
  3. इसे खाना खाने के आधे घंटे बाद गुनगुने पानी या दूध के साथ लें।
  4. इसे कम से कम चार – पांच महीने प्रयोग करें।

 

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  1. इसे लम्बे समय तक लिया जा सकता है।
  2. इसके सेवन का कोई हानिप्रद प्रभाव नहीं है। इसमें ऐसा कोई भी पदार्थ नहीं है जो की लम्बे समय तक लेने पर नुकसान करे।
  3. दवा के सेवन के दौरान पित्तवर्धक और गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें।
  4. कुलथी का सेवन शिलाजीत के सेवन के दौरान नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा इसलिए है की, कुलथी पथरी की भेदक है। शिलाजीत को दूध से लेना चाहिए।

Where to buy: आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

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11 thoughts on “Divya Shilajeet Rasayan Vati दिव्य शिलाजीत रसायन वटी

  1. sir meti umr 22 saal hai dhaat se pareshan hu subah pesab karne se phle dhaat girti hai kuchh ganda sochne ya ganda dekhne par bhi dhat gitii hai swapndosh bhi bahut hota hai plz ilaz bltaye

  2. मेरी उम्र 43 वर्ष है , स्वामी जी ने चार चीजे बतायी हैं अश्वगंधा,शतावर,सफेद मूसली,कौंच के बीज इनको कैसे और कितनी मात्रा मे प्रयोग करना है, कृपया इसका उल्लेख करें। क्या पंतजली द्वारा कोई तैयार दवा इसके समकक्ष है यदि हाँ तो कृपया इसका भी उल्लेख करें

  3. क्रोन्च के बीज कहाँ मिलेगा , दिल्ली में , कोई जगह या दुकान बता सकते हैं ?

  4. Mene patanjali ka SB kuchh try kr liya lekin , koi asar ni hota……

    Mujhe nightfall hora rehta h or me dubla patla or bahut kamjor rehta hu, bahut paisa foonk diya PR kuchh asar nhi hua. Mujhse SB pareshan h. Or mera bhi vishwas uth gaya h patanjali se…

    yogeshrajput093@gmail.

    • Nightfall koi bimari nahi hoti hai agar bahut jyada na ho to. सप्ताह में दो बार या उससे अधिक बार होते हैं और कुछ लक्षणों के साथ हैं जैसे की चक्कर आना, कमजोरी, नींद अशांति आदि तो उन्हें असामान्य माना जा सकता है।
      Sabase pahale ye bataiye ki aap ka pachan theek hai ki nahi, agar kabj rahata hai to aap ko bahut sari sexual samsyaye hongi.

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