कब्ज Constipation Information and Treatment in Hindi

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कब्ज को विबंध और कोंसटिपेशन के नाम से जाना जाता है। आजकल यह एक बहुत ही सामान्य सी पाचन तंत्र की समस्या हो गई है। बच्चे, बड़े सभी इससे प्रभावित होते हैं। छोटे बच्चों में भी यह समस्या देखी जाती है।

कब्ज़ होने पर मल बहुत कठोर हो जाता है और कई-कई दिन तक नहीं होता। ऐसे में शौच के समय बहुत जोर लगाना पड़ता है जिससे गुदा छिल जाती है और खून तक बहने लगता है। कब्ज़ के कारण पेट में भारीपन, गैस, दबाव तथा भूख न लगना समेत अनेक समस्याएं हो जाती हैं। कब्ज़ अकेले ही सौ बिमारियों का कारण है।

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कब्ज़ होने के कारण Causes of Constipation in Hindi

कब्ज़ होने के कई कारण हैं। जिनमे से कुछ नीचे दिए गए है:

  1. पानी कम पीना
  2. भोजन में पानी, तरल का कम लेना
  3. स्ट्रेस, जंक फ़ूड का सेवन
  4. शारीरिक श्रम की कमी
  5. अधिक मात्रा में तीखे- मसालेदार खाने का सेवन
  6. फल-सब्जी का कम मात्रा में सेवन
  7. डायबिटीज या मधुमेह, हाइपोथाइरोइड, हाइपरकैल्सिमिया, पार्किन्सन, होना
  8. गरिष्ट भोजन का सेवन, बहुत ज्यादा नॉन वेज खाना
  9. किसी दवा का साइड-इफ़ेक्ट जैसे की आयरन सपलीमेंट, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर, Non-steroidal anti-inflammatory agents आदि

कब्ज़ के लक्षण Symptoms of Constipation

  1. कई दिन तक मोशन न होना
  2. मोशन के समय बहुत जोर लगाना
  3. अपच, भूख न लगना
  4. उल्टी, पेट में दर्द
  5. गैस, गुदा में दर्द
  6. पेट में भारीपन
  7. खट्टी डकार

कब्ज़ यदि लम्बे समय तक रहे तो बवासीर, फिस्टुला हो जाते है। भूख नहीं लगती और बहुत गैस बनती है। पाचन की विकृति से व्यक्ति कमजोर हो जाता है।

घरेलू इलाज Home remedies

कब्ज़ बहुत ही आम समस्या है और हर किसी को कभी न कभी हो जाती है। यहाँ पर कुछ घरेलु उपचार दिए गए हैं जो कब्ज़ होने पर राहत देते हैं। इन उपचारों का कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं है:

  1. आँतों की रूक्षता के कारण कब्ज़ हो सकती है। ऐसे में १ चम्मच बादाम के तेल या एरण्ड के तेल का सेवन दूध के साथ करने से लाभ होता है।
  2. रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला पाउडर को दूध या गानी के साथ नियमित लें।
  3. इसबगोल की भूसी, को २-३ चम्मच की मात्रा में दही या पानी के साथ लें।
  4. पुराने कब्ज़ में, गुलाब की पंखुड़ियों को दूध में उबाल कर, नियमित रूप से १५ दिनों तक लें।
  5. बड़ी किशमिश को दूध में उबाल कर सेवन करें।
  6. अंजीर (३-४) की मात्रा में लेकर पानी में रात में भिगायें और सुबह चबा कर खाएं और पानी को पी लें। ऐसा नियमित रूप से एक महीने तक करें।
  7. शाम को पपीते का सेवन करने से कब्ज़ दूर होता है।
  8. सुबह उठते ही १-२ गिलास पानी का सेवन करें।

कब्ज़ की आयुर्वेदिक दवाएं Ayurvedic Medicines for Constipation

  • अभयारिष्ट Abhayarishta
  • द्राक्षारिष्ट Draksharishta
  • कुमारी आसव Kumari Asava No. 3
  • द्राक्षासव Drakshasava (Special)
  • पञ्चसकार चूर्ण Panchasakar Churna
  • त्रिफला Triphala Churna
  • अविपत्तिकर चूर्ण Avipattikar Churna
  • तीक्ष्ण विरेचन चूर्ण Tekshan Virechana churna
  • लवण भास्कर Lavan Bhaskar churna
  • हिंगवाष्टक चूर्ण Hingwashtak Churna
  • सरल विरेचन चूर्ण Saral Virechana churna
  • सुख विरेचन चूर्ण Sukha Virechana churna
  • बच्चों में कब्ज़ रहती हो तो उन्हें नियमित रूप से सुबह-शाम जन्म घुट्टी दें।
  • बहुत सी आयुर्वेदिक फार्मसी भी कब्ज़ के लिए पेटेंट दवाएं बनाती हैं जैसे की:
  • शेठ ब्रदर्स का कायम चूर्ण Kayam Churna
  • झंडू का नित्यम चूर्ण Nityam Churna
  • बैद्यनाथ की कब्ज़ हर तथा विरेचानी टेबलेट Kabzhar and Virechani
  • हिमालया की हरबोलेक्स Herbolax tablet

कब्ज़ में क्या करें? Diet and Habits in Constipation

सबसे जरूरी है की आप रोज कम से कम २-३ लीटर पानी पियें, सुबह हलकी exercise रोज करें, और साग सब्जी और फल रोज जरूर खाए.

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  • कब्ज़ में फास्ट फूड, ब्रेड, बिस्कुट,आलू, भिंडी, जंक फ़ूड, मैदा, पिज़्ज़ा, बर्गर, चीज़, लाल मॉस, सोयाबीन न खाएं।
  • तंबाकू, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट आदि का सेवन न करें।
  • पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।
  • खाना नियमित समय पर करें।
  • भोजन हल्का, सुपाच्य तथा संतुलित हो।
  • नियमित व्यायाम करे और टहलने जाएँ।
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