फाइटो फेमीजेन के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि
फेमीजेन S।G। Phyto Pharma Pvt। Ltd। द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक दवा है जिसे स्त्री रोग लिकोरिया के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है।
फेमीजेन S।G। Phyto Pharma Pvt। Ltd। द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक दवा है जिसे स्त्री रोग लिकोरिया के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है।
फेमिफोर्ट चरक फार्मा द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा का प्रयोग श्वेत प्रदर के उपचार में किया जाता है।
जेलुसिल का प्रयोग एसिडिटी, खट्टी डकार, मितली, उलटी, आदि से राहत पाने के लिए किया जाता है।
फेमीप्लेक्स टेबलेट, चरक फार्मा द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा का प्रयोग श्वेत प्रदर और वैजेनाइटिस के उपचार में किया जाता है। वैजेनाइटिस, वजैना या योनि में सूजन को कहते हैं। इसके अन्य लक्षण हैं, योनि में दर्द, खुजली, जलन और अधिक स्राव।
प्रदरान्तक लौह में लौह भस्म, ताम्र भस्म, शुद्ध हरताल, वंगभस्म, अभ्रक भस्म, कौड़ी भस्म तथा त्रिकटु, त्रिफला, चित्रकमूल समेत अन्य कई उपयोगी जड़ी-बूटियाँ है। प्रदरान्तक लौह, को सभी प्रकार के प्रदर रोगों में प्रयोग किया जाता है।
लोध्रासव मूत्र रोगों और गर्भाशय संबंधी विकार के इलाज के लिए बहुत ही जानी-मानी और उपयुक्त दवा है।
रक्त प्रदर में गर्भाशय से उत्पन्न रक्तस्राव योनि vagina द्वारा होता है। असल में रक्त प्रदर वह रोग है जिसमें गर्भाशय से असामान्य रूप से खून का स्राव होता है।
श्वेत प्रदर को वाइट-डिस्चार्ज, लिकोरिया के नाम से भी जाना जाता है। इस दवा में रोगाणुरोधी, सूजन कम करने के, दर्द निवारक/एनाल्जेसिक, और ऐंठन कम करने के गुण पाए जाते है। हिमालय लुकोल गोली और सिरप के रूप में उपलब्ध है।
पुष्यानुग चूर्ण नंबर १ Pushyanuga Churna No. 1, एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे भैषज्या रत्नावली के स्त्रीरोगिधिकार से लिया गया है। यह दवा स्त्री रोगों की अच्छी दवा है।
आयुर्वेद में यह प्रदर का एक प्रकार है जिसे श्वेत प्रदर (safed paani aana) कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे कफ रोग कहा गया है जो प्रायः कमजोर स्त्रियों में देखा जाता है। श्वेत प्रदर में योनी से असामान्य स्राव abnormal discharge होता है।