वीर्य शोधन वटी के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

इसके सेवन से वीर्य विकार दूर होते हैं। यह पुष्टिकारक है। वीर्य सभी धातुओं का सार है। अच्छी संतान के लिए वीर्य का शुद्ध होना अति अनिवार्य है।

वीर्य शोधन वटी एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे रजत भस्म, वंग भस्म, प्रवाल भस्म, शुद्ध शिलाजीत, गिलोय सत्व और कपूर से बनाया गया है। जैसा की नाम से ही पता चलता है यह दवा वीर्य के शोधन का काम करती है।

इसके सेवन से वीर्य विकार दूर होते हैं। यह पुष्टिकारक है। वीर्य सभी धातुओं का सार है। अच्छी संतान के लिए वीर्य का शुद्ध होना अति अनिवार्य है। शुद्ध वीर्य चिकना, गाढा, मलाई जैसा, लिबलिबा, मीठा, जलन रहित, और गंध रहित होता है। दूषित वीर्य झागदार, सूखा, रंग में खराब, बहुत गाढ़ा और गंध के साथ होता है। इसके निकलने पर जलन भी होती है। वीर्य दोष होने पर, स्खलन के बाद कम वीर्य निकलता है, इसमें स्पर्म की संख्या कम होती है या स्पर्म अस्वस्थ्य, असामान्य, विकृत होता हैं। शुद्ध वीर्य में उत्तम शुक्र कीट या शुक्राणु पाए जाते हैं। यही गर्भस्थापित करते हैं।

Virya Shodan Vati is a herbomineral Ayurvedic formulation useful in seminal disorders. It helps in better erection, premature ejaculation, nocturnal emission and spermatorrhoea.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

वीर्य शोधन वटी के घटक | Ingredients of Virya Shodhan Vati in Hindi

Each Tablet contains:

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  • रौप्य भस्म Ropaya Bhasma 23.8 mg
  • वंग भस्म Vang Bhasma 23.8 mg
  • प्रवाल पिष्टी Prawal Pishti 23.8 mg
  • शुद्ध शिलाजीत Shuddh Shilajeet 23.8 mg
  • गिलोय सत्व Giloy Satva 23.8 mg
  • कपूर Kapoor 6 mg
  • रौप्य भस्म वात-वाहिनियों के संकोच को दूर करती है। यह सभी प्रकार के प्रमेह रोगों में लाभकारी है।
  • वंग भस्म वीर्य और शुक्र को पोषित करती है।

शिलाजीत: शिलाजीत, पहाड़ों से प्राप्त होता है। शिलाजीत स्वाद में चरपरा, कड़वा, कसैला होता है। यह दस्तावर, कटुपाकी तथा तासीर में गर्म होता है। यह रस-धातु के दोषों को दूर करने वाला होता है। यह धातुओं का सार है। शिलाजीत का सेवन प्रमेह, सुजाक, यौन रोगों और कमजोरी को दूर करता है।

वीर्य शोधन वटी के लाभ | Benefits of Virya Shodhan Vati in Hindi

  • यह वीर्य के दूषित तत्वों को दूर करता है।
  • इसके सेवन से स्तम्भन शक्ति बढ़ती है और शीघ्रपतन दूर होता है।
  • नियमित २-३ महीने इसका सेवन धातु-दोष, प्रमेह, मूत्र-रोग, कमजोरी को दूर करता है।

वीर्य शोधन वटी के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Virya Shodhan Vati in Hindi

  • वीर्य दोष
  • प्रीमैच्यूर इजाकुलेशन
  • स्तम्भन की कमी

सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Virya Shodhan Vati in Hindi

  • 1-2 गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे दूध के साथ लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

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This medicine is manufactured by Vyas Pharmaceuticals.

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22 thoughts on “वीर्य शोधन वटी के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

  1. Hi
    Muje nightfall bhut hote h. Jaise hi digestion thik hota h. Pet k niche khana pachi k floe hota h. Muje nightfall hota h. Bachpan se ho rha h.
    Nightfall ki wjh se pet digestion system khrab hota h.
    Sehat nhi bnti Or aakho kr dimagi kmjori hi gy bhut jyda.
    Pennie ki nase virya ya blood ko rok nhi pati h. Nase kmjor ho gy bhut jyda .
    Dhilapan. Bhut jyda h.
    Virya patla Or ya gadha bs nightfall hota h bewjh
    Kya medicine leni chaye

  2. यह वटी ली जाय तो ड्राई फ्रूट का प्रयोग करना चाहिये या नहीं ।

  3. मेरी आयु 31 वर्ष है और मेरी शादी को 2.5 वर्ष हो गए हैं मेरे सिमन में शुक्राणुओं की संख्या 0.5 से 1 ml. है और उनकी गुणवत्ता भी काफी कमजोर है जिस वजह से मैं अभी तक सन्तान प्राप्त नहीं कर सका। क्या मेरे लिए वीर्य शोधन वटी लाभदायक है। या कोई और दवा।

    • मेरा वीर्य जल्दी निकल जाता है मुझे क्या करना चाहिये इसका हमेसा के लिए इलाज बताएगी

    • आपके लिए वीर्यशोधन बटी सर्वोत्तम है , लेकिन इसका सेवन ऋतु में थोड़ी ठंडक होने पर करना चाहिए । इसका कम से कम 2 माह तक लगातार सेवन करें और सेवन काल मे ब्रह्मचर्य का पूर्ण पालन करें , अन्यथा कोई लाभ नहीं होगा । साथ ही कब्ज न होने दें, और आहार विहार में तेल, खटाई , लाल मिर्च का परहेज करें । शुरू में एक सप्ताह 2-2 गोली सुबह शाम , इसके बाद एक एक गोली गाय के दूध के साथ लें ।

    • Aap Vyas ke kounch pak le khali pet, one spoon morning and evening daily with milk.2nd virya stambhan vati 2-2 goli morning and evening with milk after food.

  4. क्या मन्मथ रस वटी एवं चंद्रप्रभा वटी एक सेवन कर सकते हैं

  5. वीर्य शोधन वटी लेने के 15 दिन बाद मुझे सर्दी खाँसी और बदन दर्द शुरू हो जाता हैं । ऐसा क्यूँ ।

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