पंचामृत लौह गुग्गुलु के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

इस दवा को गृघ्रसी, कमर और घुटने का दर्द, नर्व में होने वाले दर्द, और अन्य वात विकारों में दिया जाता है।

पंचामृत लौह गुग्गुलु एक आयुर्वेदिक औषधि है। यह शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक, रजत, अभ्रक, स्वर्णमाक्षिक, लौह भस्म और गुग्गुलु से तैयार की जाती है। इस दवा को गृघ्रसी, कमर और घुटने का दर्द, नर्व में होने वाले दर्द, और अन्य वात विकारों में दिया जाता है। यह रस और रक्त आदि धातुओं की शुद्धि कर शरीर को बल-वर्ण और कान्तियुक्त बनाती है।

Panchamrut Loha Guggul/Panchamrit lauha Guggulu is herbomineral Ayurvedic medicine. It is prepared From Parad, Gandhak, Bhasma (Rajat, Abhrak, Swarna Makshik, and Lauha) and Guggulu. This medicine is indicated in variety of vata-vyadhis.

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Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses and dosage of this medicine in Hindi language.

Ingredients of Panchamrit loh Guggulu in Hindi

पंचामृत लौह गुग्गुलु वटी, एक भूरे रंग की गोलाकार गोली है जिसका मुख्य घटक गुग्गुलु है.

  1. Rasa शुद्ध पारा 48 g
  2. Gandhaka शुद्ध सल्फर 48 g
  3. Rajata bhasma रौप्य भस्म 48 g
  4. Abhraka अभ्रक भस्म 48 g
  5. Makshika माक्षिक भस्म 48 g
  6. Lauha लौह भस्म 96 g
  7. Guggulu शुद्ध गुग्गुलु Commiphora wightii O.R. 336 g
  8. Katu Taila कटु तेल Brassica campestris Sd. oil Q. S.

पंचामृत लौह गुग्गुलु के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Panchamrut Loha Guggu in Hindi

यह दवा एक रासयन है जो कि नसों को ताकत देती है। यह स्पॉन्डिलाइटिस, गृघ्रसी (कटिस्नायुशूल), कमर और घुटनों का दर्द, और अन्य वात-व्याधि रोगों में दी जाती है।

यह तंत्रिका दुर्बलता, सिर दर्द, अनिद्रा, कम भूख, पीलिया आदि में उपयोगी है। यह शरीर से गंदगी निकलती है और शक्ति देती है।

  • कटिस्नायुशूल Sciatica
  • कमर, घुटने, नसों में दर्द Pain in waist, knee, nerves
  • बंध में दर्द Pain in ligament
  • तंत्रिका कमजोरी Nervous weakness
  • मस्तिष्क रोग, सिरदर्द, अनिद्रा Brain disease, Headache, insomnia
  • पाचन की कमजोरी Digestive weakness
  • Vataroga (वात दोष के कारण होने वाले रोग)

पंचामृत लौह गुग्गुलु की मात्रा और अनुपान | Dosage of Panchamrut Loha Guggul in Hindi

1-2 गोलियाँ, सुबह और शाम।

इसे दूध या पानी के साथ लें ।

या चिकित्सक द्वारा निर्देशित रूप में उपयोग करें ।

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