नारसिंह चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

नारसिंह चूर्ण आयुर्वेदिक दवा है। यह चूर्ण वाजीकारक aphrodisiac, बलवर्धक, और टॉनिक है। इसका सेवन हर तरह के रोग में किया जाता है।

नारसिंह चूर्ण आयुर्वेदिक दवा है। यह चूर्ण वाजीकारक aphrodisiac, बलवर्धक, और टॉनिक है। इसका सेवन हर तरह के रोग में किया जाता है। इस दवा के सेवन के समय घी, दूध, चीनी, तथा अन्य पौष्टिक पदार्थों का सेवन करना चाहिए. यह दवा धातुओं का पोषण कर शरीर को ताकत देती हैं।

Narasimha Churna is a polyherbal Ayurvedic formulation. This medicine is useful in variety of diseases. It is a tonic that improves overall health.

Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses and dosage of this medicine in Hindi language.

नीचे इस दवा के घटक, गुण, सेवनविधि, और मात्रा के बारे में जानकारी दी गयी है।

नारसिंह चूर्ण के घटक | Ingredients of Narasimha Churna in Hindi

  • Shatavari शतावरी Asparagus racemosus Rt. Tr. 768 g
  • Gokshura गोखरू Tribulus terrestris Fr. 768 g
  • Varahi वाराही Dioscorea bulbifera Rz. 960 g
  • Guduci गिलोय Tinospora cordifolia St. 1.200 kg
  • Bhallataka भल्लातक (Shuddha) Semecarpus anacardium Fr. 1.536 kg
  • Citraka चित्रक Plumbago zeylanica Rt. 480 g
  • Tila तिल Sesamum indicum Sd. 768 g
  • Shunthi सोंठ Zingiber officinale Rz. 128 g
  • Marica काली मिर्च Piper nigrum Fr. 128 g
  • Pippali पिप्पली Piper longum Fr. 128 g
  • Sharkara Cane Sugar चीनी 3.360 kg
  • Makshika (Madhu शहद) Honey 1.680 kg
  • Ghrita घी (Goghrita गो-घृत) Clarified butter from cow’s milk 840 g
  • Vidari kanda विदारी कंद Pueraria tuberose Rt. Tr. 768 g

Lf. =Leaf; P. =Pericarp; Rt. =Root; Fr. =Fruit; Rz. =Rhizome; Sd.= Seeds; St. =Stem; St. Bk.= Stem Bark; Fl. Bd. =Flower Bud.

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नारसिंह चूर्ण के चिकित्सीय उपयोग | Narasimha Churna Medicinal Uses

  • कास (cough), phthisis, पिनास (chronic rhinitis)
  • शुक्र क्षय (deficiency of semen)
  • बुढ़ापा (senility), झुर्रियां (wrinkles in the skin) बालों का सफ़ेद होना (graying of hair)
  • बालों का झड़ना (alopecia)
  • मेह (excessive flow of urine), मूत्रकृच्छ (dysuria)
  • पांडू या खून की कमी (anemia)
  • गठिया gout
  • कुष्ठ (diseases of skin)
  • उदर या पेट के रोग (disease of abdomen)
  • भगंदर (fistula-in-ano) अर्श (piles)
  • ग्रिध्सी साईटिका (sciatica)
  • हलीमक (chronic obstructive jaundice)
  • वात विकार (disorder due to Vata dosha)
  • पित्त विकार (disorder of pitta dosha)
  • कफ विकार (disorder due to kapha dosha)

नारसिंह चूर्ण की सेवनविधि और मात्रा How to take and dosage in Hindi

  • इस दवा को 3-6 gram की मात्रा में लिया जाना चाहिये।
  • इसे दिन में दो बार, सुबह और शाम लेना है।
  • इसे 6 gram गोघृत और 12 gram शहद के साथ मिला कर लिया जाना चाहिये।

Where to buy

आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

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