दिव्य उदरामृत वटी – Divya Udaramrit Vati

दिव्य उदरामृत वटी (Divya Udaramrit Vati) स्वामी रामदेव की दिव्य फार्मेसी में निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा को बहुत से औषधीय पौधों और खनिजों से बनाया गया है । इस दवा को सभी तरह के पेट रोगों, यकृत रोगों मे, खून की कमी, पुराने बुखार, दस्त, कब्ज़ अदि में प्रयोग किया जाता है ।

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Divya Udaramrit Vati is herbo-mineral Ayurvedic proprietary medicine from Yog Guru Baba Ramdev\’s Patanjali Divya Pharmaceuticals. This medicine is indicated in all types of abdominal diseases. The medicine is also useful in treating liver diseases and constipation.

Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses and dosage of this medicine in Hindi.

नीचे इस दवा के घटक, गुण, सेवनविधि, और मात्रा के बारे में जानकारी दी गयी है.

घटक Ingredients of Divya Udaramrit Vati

भुई अमाला (Phyllanthus urinaria): 12.50 mg, पुनर्नवा (Boerhavia diffuse): 12.50 mg, मकोय (Solangum nigrum): 12.50 mg, चित्रक (Plumbago Zeylanica): 12.50 mg, आमला (Emblica officinalis): 12.50 mg, छोटी हरीतकी (Terminalia chebula): 12.50 mg, बहेड़ा (Terminalia bellirica): 12.50 mg, सौंफ (Foeniculum vulgare): 12.50 mg, तुलसी (Ocimum sanctum): 12.50 mg, निशोथ (Operculina turpethum): 12.50 mg, कुटकी (Picrorhiza Kurroa): 12.50 mg, अतीस (Aconitum heterophyllum): 12.50 mg, आम (Magnifera indica): 12.50 mg, बेल (Aegle marmelos): 12.50 mg, पुदीना (Mentha spicata): 12.50 mg, अजवाइन (Trachyspermum ammi): 12.50 mg, घृत कुमारी (Aloe barbadensis): 25.00 mg, अतिबला (Abutilon indicum): 75.00 mg, गिलोय (Tinospora cordifolia): 75.00 mg, सनाय (Cassia angustifolia): 50.00 mg, Processed with Fresh leaf pulp of Ghritkumari (Aloe barbadensis)

Minerals:

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लौह भस्म Lauh bhasm: 12.50 mg, मंडूर भस्म Mandoor bhasm: 12.50 mg, कपर्दक भस्म Kapardak bhasm: 12.50 mg, मुक्ता शुक्ति भस्म Mukta shukti bhasm: 12.50 mg, शंख भस्म Shankh bhasm: 12.50 mg, कसीस भस्म Kasees bhasm: 12.50 mg

मुख्य गुणधर्म और उपयोग Qualities and therapeutic uses

जैसा की नाम से ही विदित है इस औषधी का प्रयोग सभी तरह के पेट रोग जैसे की पेट दर्द, मन्दाग्नि, अजीर्णता, अपच, भूख न लगना, कमजोर पाचन, आदि में उपयोग किया जाता है ।

इसके अतिरिक्त इसे लीवर/यकृत की बिमारियों जैसे की पीलिया में भी इसतेमाल करते हैं ।

यह दवा खून की कमी, कब्ज़, दस्त, पुराने बुखार आदि को दूर करती है ।

सेवनविधि और मात्रा How to take and dosage

१-२ गोली, दिन में दो बार, खाने के बाद, गुनगुने पानी या दूध के साथ।

Where to buy

आप यह दवा पतंजलि स्टोर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

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