दिव्य मेधा वटी – Divya Medha vati

दिव्य मेधा वटी, स्वामी रामदेव की पतंजलि दिव्य फार्मेसी में निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। यह दवा जड़ी-बूटियों, और कई पिष्टियों से बनी है। नीचे इस दवा के घटक, गुण, सेवनविधि, और मात्रा के बारे में जानकारी दी गयी है। यह दवा दिमाग के लिए टॉनिक है तथा मेधा, याददाश्त, और concentration को बढाती है। यह छात्रों और बुद्धिजीवियों के लिए एक फायदेमंद औषधि है।

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इस पेज पर जो जानकारी दी गई है उसका उद्देश्य इस दवा के बारे में बताना है। कृपया इसका प्रयोग स्वयं उपचार करने के लिए न करें।

Divya Medha Vati is a proprietary Ayurvedic medicine from Patanjali. It is a medicine for Medha or Intellect. It helps to improve memory and used as brain tonic. This medicine is formulated to improve memory, intelligence and mind power.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  • निर्माता / ब्रांड: पतंजलि दिव्य फार्मेसी
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: प्रोप्राइटरी आयुर्वेदिक दवाई
  • मुख्य उपयोग: बुद्धि के लिए
  • मुख्य गुण: मेधा-स्मरणशक्ति को बढ़ाना,
  • मूल्य MRP: Divya Medha Vati (80 tablets) Rs. 240.00

दिव्य मेधा वटी के घटक Ingredients of Divya Medha Vati

  1. ब्राह्मी Bramhi Centella asiatica Panchang 54.70 मिलीग्राम मेद्य, शिरशूल
  2. शंखपुष्पीShankhpushpiConvolvulus pluricaulis Panchang 54.70 मिलीग्राम उन्माद, अनिद्रा
  3. वच Methi Vach Acorus calamus Root 43.70 मिलीग्राम उन्माद, मेद्य
  4. उस्तेख्दुस Ustakhaaus Lavandula stoeshas Leaf 43.70 मिलीग्राम पक्षाघात, अर्दित
  5. गाजवन Ganjvan Onosoma bracteatum Leaf 17.0 मिलीग्राम बल्य
  6. मालकांगनी Malkangni Celastrus paniculatus Seed 43.70 मिलीग्राम स्मृतिवर्धक बल्य
  7. जटामांसी Jatamansi Nardostachys jatamansi Root 11.25 मिलीग्राम वातनाड़ीशामक
  8. अश्वगंधाAshwgandhaWithania somnifera Root 43.70 मिलीग्राम बल्य
  9. सौंफ Sounf Foeniculum vulgare Fruit 19.20 मिलीग्राम मेद्य
  10. प्रवाल पिष्टी Praval pishti Oxideof corraliumrubrum 17.0 मिलीग्राम मनोदौर्बल्य
  11. 11. जहरमोहरा पिष्टी Jaharmohara pishti Incinerated oxideof Mgsilicate 19.30 मिलीग्राम पित्तनाशक
  12. मोती पिष्टी Mothi pishti Mytilus margaratferus 11.25 मिलीग्राम उन्माद, मनोदोष
  13. ब्राह्मी Bramhi (Extract) Centella asiatica Panchang 11.25 मिलीग्राम मेद्य, शिरशूल
  14. 14. शंखपुष्पी Shankhpushpi (Extract) Convolvulus pluricaulis Panchang 11.25 मिलीग्राम उन्माद, अपस्मार
  15. 15. वच Methivach (Extract) Acorus calamus Root 54.60 मिलीग्राम उन्माद
  16. 16. मालकांगनी Malkangni (Extract) Celastrus paniculatus 43.70 मिलीग्राम वातनाड़ी बल्य

Excipients: गम एकेसिया, टेलकम, ऐरोसिल, मैग्नीशियम स्ट्रैट Q.S.

इस दवा में सेन्टेला एशियाटिका Centella asiatica है जिसे संस्कृत में मन्डूकपर्णी, हिंदी में कुला कुड़ी, ब्राह्मी, और लैटिन में गोटूकोला या इंडियन पेनीवर्ट भी कहते हैं। इसके पत्ते मेंडक के जालीदार पैरों जैसे होते हैं इसलिए इसे मण्डूक पर्णी कहते हैं।

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  • यह मेद्य को बढ़ाने वाली वनस्पति है।
  • रस: मधुर, तिक्त, काषाय
  • वीर्य: शीतल
  • विपाक: मधुर
  • गुण: लघु, रूक्ष
  • दोष पर प्रभाव: त्रिदोष संतुलित करना, मुख्य रूप से कफ-पित्त कम करना

गोटूकला, मेद्य रसायन, रक्तपित्तहर, रक्तशोधक, व्यास्थापना, और निद्राजनन है। यह बढ़े पित्त को कम करती है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को आराम देती है। इसके सेवन से एकाग्रता, स्मरणशक्ति, और बुद्धिमत्ता बढ़ती है।

गोटूकोला को गर्भावस्था में लेते समय बहुत सावधानी की आवश्यकता है। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नारकोटिक है और चक्कर लाता है। इसे चोलेस्त्र्ल और ब्लड शुगर कम करने वाली ददवाओं के साथ सावधानी से लेना चाहिए।

आयुर्वेद में शंखपुष्पि Convolvulus pluricaulis दवा की तरह पूरे पौधे को प्रयोग करते हैं।

शंखपुष्पि उन्माद, पागलपण और अनिद्रा को दूर करने वाली औषध है। यह स्ट्रेस, एंग्जायटी, मानसिक रोग और मानसिक कमजोरी को दूर करती है। शंखपुष्पि एक ब्रेन टॉनिक है।

  • रस: कटु, तिक्त, काषाय
  • वीर्य: शीतल
  • विपाक: कटु
  • गुण: सार
  • दोष पर प्रभाव: कफ-पित्त कम करना

शंखपुष्पि पित्तहर, कफहर, रसायन, मेद्य, बल्य, मोहनाशक और आयुष्य है। यह मानसरोगों और अपस्मार के इलाज में प्रयोग की जाने वाली वनस्पति है।

वच को कैलमस रूट, स्वीट फ्लैग, उग्रगंध आदि नामों से जानते हैं। इसका लैटिन नाम एकोरस कैलमस Acorus calamus है। वच का शाब्दिक अर्थ है बोलना, और यह हर्ब कंठ के लिए अच्छी है।

  • रस: कटु, तिक्त, काषाय
  • वीर्य: उष्ण
  • विपाक: कटु
  • गुण: लघु, रूक्ष
  • दोष पर प्रभाव: कफ-पित्त कम करना, पित्त बढ़ाना

वच दीपन, पाचन, लेखन, प्रमाथि, कृमिनाशक, उन्मादनाशक, अपस्मारघ्न, और विरेचक है। यह मस्तिष्क के लिए रसायन है और शिरोविरेचन है।

वच को गर्भावस्था में प्रयोग करने का निषेध है।

दवा के औषधीय कर्म

  • वातहर: वायु को संतुलित करना।
  • उन्मादहर: उन्माद / पागलपन को दूर करना।
  • प्रजनाशक्तिवर्धन: मेद्य को बढ़ाना।
  • हृदय: हृदय के लिए लाभकारी।
  • मज्जाधातु रसायन: नसों के लिए लाभदायक।
  • आयुष्य: जीवनीय
  • बल्य: ताकत देना।
  • निद्राजनन: नींद लाने वाला। sedative
  • मेद्य: बुद्धिवर्धक intellect-promoting
  • मनोरोग्घ्न: मानसिक रोगों को दूर करना। Alleviates mental diseases

दिव्य मेधा वटी के लाभ/फ़ायदे Benefits of Divya Medha Vati

  1. यह दिमाग के लिए टॉनिक है।
  2. यह याद रखने की क्षमता को बढ़ाती है।
  3. यह एकाग्रता को बढ़ाती है।
  4. यह अनिद्रा, सिर के दर्द, मिर्गी, आदि में लाभकारी है।
  5. यह स्ट्रेस को दूर करने में सहायक है।
  6. यह दिमाग के नसों को ताकत दने वाली दवाई है।
  7. यह बच्चे, बड़े सभी ले सकते हैं।

दिव्य मेधा वटी के चिकित्सीय उपयोग Uses of Divya Medha Vati

मेधा का मतलब होता है बुद्धि, और यह दवा मेधा को बढ़ाने वाली वनस्पतियों से बनी है। इस दवा में कई खनिज भी है जो इसके प्रभाव और पूरे शरीर पर अच्छा प्रभाव डालते हैं। यह दवा याद्दशत, concentration, और अवसाद आदि में लाभकारी है।

इसका प्रयोग निम्न में फायदेमंद है:-

  1. याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने के लिए
  2. स्ट्रेस,चिंता और अवसाद
  3. पुराने सिरदर्द migraine, नींद से जुड़ी समस्या, अनिद्रा insomnia
  4. चिडचिडा स्वाभाव, दौरे एपिलेप्सी epilepsy
  5. ज्यादा सपने आना, घबराहट, तनाव, चिंता और अवसाद Stress, anxiety and depression
  6. उम्र या तंत्रिका तंत्र nervous system से संबंधित किसी भी अन्य बीमारी के कारण memory loss
  7. आसानी से चीजों को भूल जाने की आदत
  8. अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग Alzimer’s and Parkinson diseases
  9. मस्तिष्क संबंधी बीमारियां Problems related to brain
  10. दुर्घटना या चोट के बाद मस्तिष्क संबंधी समस्या

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Divya Medha Vati

  • इसे दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसकी 1 या 2 गोली लें।
  • इसे खाली पेट सुबह दूध के साथ और खाने के बाद पानी या दूध के साथ लें। इसे पानी के साथ भी ले सकते है।
  • इस दवा को 3 महीने या उससे अधिक समय तक लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side-effects/Contraindications

  1. इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  2. इसे निर्धारित मात्रा में लें।
  3. इसे गर्भावस्था में न लें।
  4. यह दवा सभी उम्र के लोगों द्वारा ली जा सकती है और लंबी अवधि के लिए नियमित रूप से लेने पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं करती है।
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24 thoughts on “दिव्य मेधा वटी – Divya Medha vati

  1. मुझे मेधा वटी लेना है कितले दिनो तक रेगुलर लेना होंगा

  2. mai depression aur anxiety ke liye makkhan ke sath jatamansi leta hu per day morning mein.kya use medha vati se replace kar sakta hu, please bataye.

  3. बच्चों की यादाश्त बढ़ाने के लिए ये मेडिशिन दे सकते है क्या। कोई विपरीत प्रभाव तो नहीं होगा।

  4. दिव्या मेधा वटी एक्स्ट्रा पपवार का प्रयोग कर रहा हूँ।पहले प्लेन लेता था, डॉ के सलाह पर।कैसा है?

    • बताये गए समय के लिए लेकर देखें. यदि आपको फर्क महसूस हो, तो निश्चित रूप से लें. यदि नहीं तो दवा को बदलने की ज़रूरत होती है.

  5. it is best medicine for memory loss migraine epilepsy and other kinds of headache 1-2 tab before or after lunch and dinner with milk /water .

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