ब्राह्मी घृत के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

इसके सेवन से मेद्य, स्मृति-शक्ति, दिमागी विकार, मानसिक विकार (उन्माद, अपस्मार) Psychological disorders, बुद्धि की कमजोरी आदि दिमाग सम्बंधित विकारों में लाभ होता है। यह बोलने की दिक्कतों जैसे की साफ़ न बोल पाना, हकलाना, बार-बार गला बैठना, आदि शिकायतों में भी अच्छे प्रभाव दिखाता है।

ब्राह्मी घृत, एक आयुर्वेदिक घी है जिसे ब्राह्मी, शंखपुष्पि, वच, कूठ, तथा अन्य औषधीय वनस्पतियों एवं पुराने घी से बनाया गया है। यह दवा मुख्य रूप से मस्तिष्क के लिए है। इसके सेवन से मेद्य, स्मृति-शक्ति, दिमागी विकार, मानसिक विकार (उन्माद, अपस्मार) Psychological disorders, बुद्धि की कमजोरी आदि दिमाग सम्बंधित विकारों में लाभ होता है। यह बोलने की दिक्कतों जैसे की साफ़ न बोल पाना, हकलाना, बार-बार गला बैठना, आदि शिकायतों में भी अच्छे प्रभाव दिखाता है।

Brahmi Ghrita is medicated ghee indicated in insanity, depression, epilepsy, hysteria, aphonia, depression, nervous breakdown, and hoarseness of voice. It increases intellect and memory.

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Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

ब्राह्मी घृत के घटक | Ingredients of Brahmi Ghrita in Hindi

  • ब्राह्मी Brahmi svarasa (Brahmi) (Pl.) 1.536 l
  • घृत Ghrta (Goghrta) 768 g
  • सोंठ Shunthi (Rz.) 12 g
  • मारीचा Maricha (Fr.) 12 g
  • पिप्पली Pippali (Fr.) 12 g
  • त्रिवृत काला Shyama (Trivrt) (Rt.) 12 g
  • त्रिवृत सफ़ेद Trivrt (Shveta trivrt) (Rt.) 12 g
  • दंती Danti (Rt.) 12 g
  • शाख्पुश्पी Shankapushpi (Pl.) 12 g
  • आरगवध Nrpadruma (Aragvadha) (Fr.P.) 12 g
  • सप्तला Saptala (Pl.) 12 g
  • विडंग Krmihara (Vidanga) (Fr.) 12 g

ब्राह्मी घृत के फायदे | Benefits of Brahmi Ghrita in Hindi

  • यह मस्तिष्क के लिए रसायन है।
  • यह याददाश्त को बढ़ाती है।
  • इसके सेवन से मानसिक रोगों में लाभ होता है।
  • यह उन्माद रोग नाशक है।
  • यह स्वर को मधुर और साफ़ करती है।
  • यह अत्यंत पौष्टिक है।
  • यह स्निग्ध है और आन्तरिक रूक्षता दूर करता है।
  • यह वज़न, कान्ति, और पाचन को बढ़ाता है।
  • यह कब्ज़ से राहत देता है।
  • यह दिमाग, नसों, मांस, आँखों, मलाशय आदि को शक्ति प्रदान करता है।
  • यह धातुओं को पुष्ट करता है।
  • यह पित्त विकार को दूर करता है।

ब्राह्मी घृत के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Brahmi Ghrita in Hindi

  • उन्माद (Mania/Psychosis)
  • अपस्मार (Epilepsy)
  • वंध्यत्व (Infertility)
  • कुष्ठ (Diseases of skin)
  • वाकस्वर भंग (Impairment of speech and voice) स्वरभेद
  • स्मृति क्षय (Loss of memory) याददाश्त की कमी
  • बुद्धि दौर्बल्य (Weak intelligence)
  • चमड़ी के रोग
  • कुष्ठ
  • पाइल्स, प्रमेह

ब्राह्मी घृत की सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Brahmi Ghrita in Hindi

  • 1/4-1 चम्मच दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे दूध अथवा गर्म पानी के साथ लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

कृपया ध्यान दें, आयुर्वेदिक दवाओं की सटीक खुराक आयु, ताकत, पाचन शक्ति का रोगी, बीमारी और व्यक्तिगत दवाओं के गुणों की प्रकृति पर निर्भर करता है।

मोटापा, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल में एहतियात के साथ इस दवा का उपयोग करना चाहिए।

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इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

You can buy this medicine online or from medical stores.

This medicine is manufactured by Baidyanath (Brahmi Ghrit), Rasashram (Bramhi Ghrita), Nagarjun Pharmaceuticals, (Brahmi Ghritam), Nagarjuna (Brahmi Ghrutham), Arya Vaidya Sala (Brahmi Ghritam), AVP (Brahmi Gritham), Atrey (Brahmi Ghrit), and many other Ayurvedic pharmacies.

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