असनाद वटी के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि और प्राइस

असनाद वटी को, शुगर / मधुमेह / डायबिटीज में शुगर के नियंत्रण के लिए प्रयोग किया जाता है।

आयुर्वेद रसशाला, की असनाद वटी एक आयुर्वेदिक दवा है, जो की गोली के रूप में है। जो दवाएं गोली के रूप में होती है उन्हें आयुर्वेद में वटी या गुटिका कहा जाता है असनाद वटी को, शुगर / मधुमेह / डायबिटीज में शुगर के नियंत्रण के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें शुद्ध शिलाजीत, गुड़मार की पत्तियों और बहुत सी औषधीय जड़ी-बूटियाँ है। शुद्ध शिलाजीत को आयुर्वेद में बहुत से रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

आयुर्वेद में यह कहा गया है, ऐसा कोई भी साध्य रोग नहीं है जो की शिलाजीत के प्रयोग से न ठीक हो सके। गुडमार की पत्तियों को आयुर्वेद में डायबिटीज के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका नाम ही इसके शुगर कम करने के विशेष गुण के कारण ही मिला है।

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Asanad Vati is a polyherbal proprietary Ayurvedic medicine from Ayurveda Rasashala. It is used in management of blood sugar level. This medicine has anti-diabetic, anti-oxidant and immunomodulatory properties and controls diabetes and its complications.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

असनाद वटी के घटक | Ingredients of Asanad Vati in Hindi

Each Tablets Contain

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  • Ghanasar 96 mg of Herbs: Saptaparni, Asan, Lodhra, Arjuna, Karanja, Khadir, Pooga, Saga, Indrayava, Shirisha, Wala, Mocharas, Palashabeej, Jeetasaya
  • Shuddha Shilajit 96 mg
  • Gudmar Patra 32mg
  • Bhavana Kumari Aloe vera
  • Excipients Q.S.

प्रमुख तत्व

शिलाजीत, हिमालय की चट्टानों से निकलने वाला पदार्थ है। आयुर्वेद में औषधीय प्रयोजन के लिए शिलाजीत को शुद्ध करके प्रयोग किया जाता है। यह एक adaptogen है और एक प्रमुख आयुर्वेदिक कायाकल्प टॉनिक है। यह पाचन और आत्मसात में सुधार करता है। आयुर्वेद में, इसे हर रोग के इलाज में सक्षम माना जाता है। इसमें अत्यधिक सघन खनिज और अमीनो एसिड है।

शिलाजीत प्रजनन अंगों पर काम करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और प्रतिरक्षा में सुधार करता है। यह पुरानी बीमारियों, शरीर में दर्द और मधुमेह में राहत देता है। इसके सेवन शारीरिक, मानसिक और यौन शक्ति देता है।

गुड़मार Gymnema Sylvestre को मधुनाशनी के नाम से जाना जाता है गुड़मार का शाब्दिक अर्थ है वह जो चीनी को नष्ट करे। गुड़मार के पत्ते मुख्य रूप से औषधीय प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाते है।

असनाद वटी के फायदे | Benefits of Asanad Vati in Hindi

  • यह मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • यह मूत्र शर्करा को भी नियंत्रित करता है।
  • यह मधुमेह उपचार के लिए सहायक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

असनाद वटी के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Asanad Vati in Hindi

मधुमेह या डायबिटीज में रक्त शर्करा के स्तर का प्रबंधन

असनाद वटी की सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Asanad Vati in Hindi

  • 2-3 गोलियाँ, दिन में तीन बार, सुबह दोपहर और शाम लें।
  • इसे गर्म पानी के साथ लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

कृपया ध्यान दें, आयुर्वेदिक दवाओं की सटीक खुराक आयु, शक्ति, रोगी, बीमारी और दवाओं के गुणों की पर निर्भर करती है।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

You can buy this medicine online or from medical stores.

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