अजीर्णकंटक रस का उपयोग कैसे और किस बीमारी में होता है

हिंगुल को आयुर्वेद में पाचन को बढ़ाने और रसायन की तरह प्रयोग किया जाता है। अजीर्णकंटक रस को अजीर्ण, मन्दाग्नि, कब्जियत आदि के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

अजीर्णकंटक रस, एक आयुर्वेदिक दवा है। यह आयुर्वेद की एक रस औषधि है जिसमें हिंगुल Hingul है। हिंगुल को सिंगरफ और सिनाबार भी कहा जाता है। सिनाबार Cinnabar, पारे और गंधक के संयोग से बना होता है। हिंगुल को आयुर्वेद में पाचन को बढ़ाने और रसायन की तरह प्रयोग किया जाता है। अजीर्णकंटक रस को अजीर्ण, मन्दाग्नि, कब्जियत आदि के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

Ajeerna Kantak Ras is an Ayurvedic medicine indicated in treatment of indigestion, digestive weakness, constipaton etc.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

अजीर्णकंटक रस के घटक | Ingredients of Ajirna Kantak Ras in Hindi

१२ ग्राम: सुहागे की खील, पिप्पली, शुद्ध बच्छनाग, और हिंगुल; २४ ग्राम काली मिर्च;

अजीर्णकंटक रस के चिकित्सीय उपयोग | Uses of Ajirna Kantak Ras in Hindi

अजीर्णकंटक रस को अधिक भोजन, गरिष्ठ भोजन, बासी भोजन आदि के खाने से होने वाले अजीर्ण indigestion के उपचार में दिया जाता है। यह मन्दाग्नि digestive weakness, कब्जियत, आदि को दूर करती है। इसके सेवन से भूख खुल कर लगती है और भोजन सही से पक जाता है।

किसी भी तरह का अपच होने में इसे प्रयोग किया जा सकता है।

अजीर्णकंटक रस सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Ajirna Kantak Ras in Hindi

  • 1 गोली, दिन में दो बार, प्रातः-सायं लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • इसे कागज़ी नीम्बू के रा या ताज़ा पानी के साथ लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

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