सेप्टिलिन के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि

सेप्टिलिन, हिमालया ड्रग कंपनी द्वारा आयुर्वेद के सिद्धांत पर बनी दवाई है। इसका सेवन शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है। इसे विभिन्न रोगों में प्रयोग किया जा सकता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।

सेप्टिलिन, हिमालया ड्रग कंपनी द्वारा आयुर्वेद के सिद्धांत पर बनी दवाई है। इसका सेवन शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है। इसे विभिन्न रोगों में प्रयोग किया जा सकता है।

सेप्टिलिन में गिलोय या अमृता एक प्रमुख घटक है। गिलोय शरीर में लीवर पर अच्छा प्रभाव डालती है और एंटीबॉडी के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। यह एक शक्तिशाली रोगाणुरोधी और ज्वरनाशक है। मुलेठी सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृध्दि करता है। इसमें एंटीवायरल और कफ कम expectorant करने के गुण हैं । गुग्गल में सूजन दूर करने के, गले में खराश को शांत करने के गुण है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

Loading...

सेप्टिलिन, ड्रॉप्स और सिरप के रूप में उपलब्ध है।

Himalaya Septilin is an herbal Ayurvedic medicine from Himalaya Drug Company. Septilin is useful in improving body immunity to fight diseases. It is especially helpful for those of suffers from recurrent infection. Septilin contains Guggulu, Maharasnadi decoction, Manjith, Giloy, Sonth, Black pepper, Pippali, Amalki, Liqorice and Pushkara. It has anti-inflammatory, antimicrobial and anti-oxidant properties.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

Loading...

सेप्टिलिन के घटक | Ingredients of Septilin in Hindi

Each teaspoonful (5ml) of Septilin syrup contains

  • गुग्गुलु (Commiphora wightii) 80mg
  • महारसनादी क्वाथ 30mg
  • मंजिष्ठा (Rubia cordifolia) 15mg
  • गुडुची (Tinospora cordifolia) 14mg
  • त्रिकटु (सोंठ + काली मिर्च + पिप्पली) 13mg
  • पुष्कर (Inula racemosa) 13mg
  • आमलकी (Emblica officinalis) 8mg
  • यष्टि (Glycyrrhiza glabra) 6mg
  • Each ml of Septilin drops contains:
  • गुग्गुलु (Commiphora wightii) 80mg
  • मंजिष्ठा (Rubia cordifolia) 8.9mg
  • गुडुची (Tinospora cordifolia) 8.3mg
  • त्रिकटु (सोंठ + काली मिर्च + पिप्पली) 7.7mg
  • पुष्कर (Inula racemosa) 7.7mg
  • आमलकी (Emblica officinalis) 4.7mg
  • यष्टिमधु (Glycyrrhiza glabra) 3.5mg

सेप्टिलिन के लाभ | Benefits of Septilin in Hindi

यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।

  • यह एंटी-ऑक्सीडेंट, जीवाणुरोधी, सूजन कम करने वाली दवा है।
  • इसमें बुखार को कम करने के गुण हैं।
  • यह स्वास्थ्य को अच्छा बनाये रखने में मदद करती है।
  • यह शरीर में एंटी-बॉडी लेवल बढ़ाती है।
  • यह इन्फेक्शन को होने और संक्रमण को जल्दी ठीक करने में मददगार है।
  • सेप्टिलिन के चिकित्सीय उपयोग Uses of Septilin

सेप्टिलिन को ऊपरी और निचले श्वसन तंत्र में संक्रमण, ऊपरी श्वसन तंत्र की एलर्जी संबंधी विकार, त्वचा और कोमल ऊतकों में संक्रमण, दंत चिकित्सा, मसूड़ों में संक्रमण, आंख में संक्रमण, हड्डी और जोड़ों में संक्रमण और मूत्र मार्ग में संक्रमण के प्रबंधन में प्रयोग किया जा सकता है।

  • श्वशन रोग, ब्रोंकईटिस, टोंसिल में सूजन, गले की सूजन
  • जुखाम, खांसी ।
  • ऑपरेशन के बाद जल्दी रिकवरी के लिए।
  • बार-बार होने वाले इन्फेक्शन को रोकने के लिए।
  • शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए।

सेप्टिलिन की सेवन विधि और मात्रा | Dosage of Septilin in Hindi

  • 2 गोली, दिन में २-३ बार एक महीने तक लें।
  • इसे पानी के साथ लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

Loading...

One thought on “सेप्टिलिन के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.