मुलेठी के साइड-इफ़ेक्ट Side-effects of Liquorice in Hindi

मुलेठी, पूरी दुनिया में एक दवा की तरह बहुत ही पुराने समय से प्रयोग की जाती है। इसका संस्कृत में नाम यष्टिमधु है तथा इसे इंग्लिश में लिकोरिस कहा जाता है। इसका वर्णन आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता में भी मिलता है।

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mulethi medicinal uses

मुलेठी की जड़ ही मुख्यतः औषधि के रूप इस्तेमाल होती है। मुलेठी की जड़ स्वाद में मीठी और बहुत ही रेशेदार होती है। इसमें गंध भी होती है। मुलेठी का सेवन किसी भी मौसम में किया जा सकता है। यह कफ रोगों और पित्त रोगों में लाभकारी है। यह शरीर में जोड़ों की सूजन को कम करती है। यह तासीर में ठंडी होती है।

  • Sanskrit: Yashtimadhuka, Yashtik¡, Madhuka, Madhuyashti
  • Assamese: Jesthimadhu, Yeshtmadhu
  • Bengali: Yashtimadhu
  • English: Liquorice root
  • Gujrati: Jethimadha, Jethimard, Jethimadh
  • Hindi: Mulethi, Mulathi, Muleti, Jethimadhu, Jethimadh
  • Kannada: Jestamadu, Madhuka, Jyeshtamadhu, Atimadhura
  • Kashmiri: Multhi
  • Malayalam: Irattimadhuram
  • Marathi: Jesthamadh
  • Oriya: Jatimadhu, Jastimadhu
  • Punjabi: Jethimadh, Mulathi
  • Tamil: Athimadhuram
  • Telugu: Atimadhuramu
  • Urdu: Mulethi, Asl-us-sus

मुलेठी का प्रमुख घटक ग्लाइसारीजिन है जो जिसे मीठा स्वाद देता है। घरेलू उपचार के रूप में इसे खांसी, जुखाम, गले का संक्रमण, उलटी, अम्लपित्त आदि दिया जाता है। यह पेट के अल्सर, जलन, में आराम देती है।

मुलठी को बहुत कम मात्रा में ज्यादा दिन तक लिया जाता है। यदि इसे ज्यादा मात्रा में लिया जा रहा है तो कम दिन तक लिया जाता है।

Side-effects of Liquorice in Hindi

मुलेठी का सेवन लम्बे समय (दो सप्ताह से ज्यादा) तक या ज्यादा मात्रा में करने पर कुछ साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं।

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मुलेठी का सेवन शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा देता है।

बढ़ी हुई सोडियम की मात्रा शरीर में पानी के अवधारण को बढ़ा देती है। जिस कारण शरीर फूला हुआ लगता है।

यह पोटासियम की शरीर में मात्रा को कम कर देती है जिसे हाइपोकैलेमिया hypokalaemia कहा जाता है।

यह दोनों ही फैक्टर ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते है।

लम्बे समय तक मुलेठी का सेवनम हृदय के लिए हानिकारक है।

इसमें एंटीकोगुलेंट antocogulant प्रभाव है। Anticoagulants दवा रक्त में थक्के बनने की क्षमता को कम कर देता है। Anticoagulants are a type of drug that reduces the body\’s ability to form clots in the blood.

मुलेठी एंडोक्राइन सिस्टम (Endocrine system: organs of the body which produce hormones अंत: स्रावी प्रणाली) को प्रभावित करता है। एंडोक्राइन सिस्टम, शरीर में होर्मोनेस के लिए जिम्मेदार है।

इसके सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन (oestrogen is the hormone which promote the development and maintenance of female characteristics of the body) का स्तर बढ़ सकता है। एस्ट्रोजन का अधिक स्तर वज़न बढ़ाता है, मासिक धर्म में बदलाव लाता है। यह मूड स्विंग, डीप्रेशन, एंग्जायटी, चिड़चडापन और याददाश्त को कम करता है।

ज्यादा मात्रा में मुलेठी का सेवन शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को कम करता है।

यह अन्य दवाओं के अवशोषण और प्रभाव पर असर डाल सकती है। यह डाइकलोफेनाक के असर को बढ़ा देती है। पोटासियम के सप्लीमेंट का असर कम कर देती है। गर्भनिरोधक गोलियों के असर पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

Diseases in which Mulethi/liquorice should not be used in Hindi

रोग जिसमें मुलेठी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए:

इन साइड-इफेक्ट्स के कारण कुछ परिस्थितिओं में या तो मुलेठी का सेवन न करें या बहुत ही सावधानी से करें। वे रोग जिनमे मुलेठी के सेवन में सावधानी की आवश्यकता है:

हाईपोटोनिया Hypotonia, also known as floppy baby syndrome, is a state of low muscle tone (the amount of tension or resistance to stretch in a muscle), often involving reduced muscle strength.

  • उच्च रक्त चाप hypertension
  • किडनी में रोग renal insufficiency, fluid retention
  • लीवर सिरोसिस liver cirrhosis
  • शरीर में सोडियम की अधिक मात्रा
  • पोटासियम की कमी Hypokalaemia

टेस्टोस्टेरों की कम मात्रा, कम कामेच्छा, इनफर्टिलिटी

वे लोग जो ब्लड-थिनिंग दवाई लेते हों

इसे अन्य मूत्रल मूत्रल और विरेचक जुलाब के साथ न लें।

मुलेठी को गर्भावस्था में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह लेबर को शुरू कर सकता है।

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