त्रयोदशांग गुग्गुलु के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

त्रयोदशांग गुग्गुलु आयुर्वेदिक दवा है। इसके सेवन से वात-शूल, गठिया, पक्षाघात, लकवा, आदि में लाभ होता है.

योगराज गुग्गुलु के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

इसका प्रयोग आमवात, गठिया, रुमेटिज्म, पाचन की कमजोरी, हमेशा रहने वाली कब्ज़, जोड़ों की उन समस्याओं में जिनमें दर्द, जकड़न, सूजन, सूखापन, आदि में उत्तम प्रभाव दिखाता है।

विडंगारिष्ट के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

विडंगारिष्ट (विडंगासव) एक आयुर्वेदिक दवा है। यह दवा कृमि, विद्रधि, गुल्म, उरुस्तम्भ, अश्मरी, प्रमेह, प्रत्यष्ठीला, गण्डमाला, भगन्दर, हनुस्तम्भ आदि रोगों में प्रभावी है। इस दवा में मुख्य घटक विडंग है।

हरिद्रा खण्ड के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

हरिद्रा खण्ड एलेर्जिक रायनाइटिस की भी अच्छी औषधि है। एलेर्जिक रायनाइटिस पेड़-पौधों के पोलेन से होने वाली एक मौसमी एलर्जी है।

कांचनार गुग्गुलु के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

कांचनार गुग्गुलु मुख्यतः थायराइड रोग, ग्रंथियों में सूजन, लिम्फ नोड्स सूजन, गर्भाशय पोलिप और शरीर की अन्य असामान्य वृद्धि के इलाज के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है।

गोक्षुरादि गूग्गुलु के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

गोक्षुरादि गूग्गुलु एक आयुर्वेदिक दवा है। जैसा नाम से ही पता चलता है इस दवा के दो मुख्य घटक गोखरू और गुग्गुल है। गोखरु और गुग्गुल के योग से बनी यह दवा मूत्र रोग और शरीर में सूजन के इलाज में प्रयोग की जाती है।

महात्रिफला घृत की फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

महात्रिफला घृत एक आयुर्वेदिक औषधीय-घी है। इसे गाय के घी, त्रिफला तथा अन्य कई उपयोगी जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है। यह नेत्र रोगों के इलाज के लिए एक बहुत अच्छी हर्बल दवा है।

दशमूल हरीतकी रसायन के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

दशमूल हरीतकी रसायन एक आयुर्वेदिक औषधि है जो विभिन्न रोगों में लाभप्रद है। आयुर्वेद में, दशमूल विशेष रूप से सूजन और दर्द के लिए प्रयोग किया जाता है। दस जड़ अलग-अलग भिन्न- भिन्न औषधीय गुण रखती है।

द्राक्षावलेह के फायदे, नुकसान और उपयोग विधि

यह रसायन या टॉनिक कुछ आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा, गर्भावस्था के दौरान माँ को दिया जाता है जिससे होने वाली माँ और उसके बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा हो।

मधुस्नुही रसायन Madhusnuhi Rasayanam Details and Uses in Hindi

मधुस्नुही रसायनम पूरे शरीर का पोषण करती है और इसे एक रसायन के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें त्रिफला, त्रिकटु , त्रिजात, शहद, घी, मिश्री समेत बत्तीस अन्य सामग्री है।