सौभाग्य शुण्ठीपाक Saubhagya Sunthi Pak

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सौभाग्य शुण्ठी पाक, एक आयुर्वेदिक टॉनिक है। इसका सेवन बल, आयु, कान्ति को बढाता है। यह वर्ण को सुन्दर बनाता है। सौभाग्य शुण्ठी पाचन, ताकत, और रोग निरोधक क्षमता में भी वृद्धि करता है।

इस दवा का मुख्य घटक शुंठी है। सूखे अदरक को आयुर्वेद में शुण्ठी कहा जाता है। शुंठी को क्षुधावर्धक भूख बढ़ाने वाला, विरेचक , उत्तेजक, कामोद्दीपक, कफनाशक, कृमिनाशक और वातहर माना गया है। यह भूख न लगना, बुखार, जलोदर, दमा, पीलिया, खांसी, हिचकी, पेट का दर्द, दस्त, पेट फूलना, आहार, अपच, दर्द, उल्टी, शरीर में सूजन आदि में उपयोगी है। सोंठ पाचन और श्वसन रोगों में लाभप्रद है। यह तासीर में गर्म होता है और पित्त की वृदधि करता है और वात-कफ को शरीर में कम करता है।

सौभाग्य शुण्ठीपाक विशेषतः महिलायों को प्रसव बाद स्वास्थ्य सुधारने के लिए दी जाती है। इसके सेवन से महिलायों में योनिविकर, प्रदर, मासिक की समस्याएं आदि नष्ट होते है।

यह क्योकि एक टॉनिक है, पुरुषों द्वारा इसका सेवन उनके शरीर में बल और वीर्य की वृदधि करता है।

Saubhagya Sunthi Pak is an Ayurvedic medicine. It is a tonic that is especially useful in post-delivery care. The main ingredient of this medicine is Sonth or dry ginger powder. Dry ginger powder increases Pitta and decreases Vata and Kapha inside body. Since it increases pitta, therefore it should not used in diseases that occur due to Pitta dosha such as burning sensation, hyperacidity etc.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Ingredients, process of making and dosage in Hindi language.

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Benefits of Saubhagya Sunthi Pak

इसके सेवन से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  • यह टॉनिक है और बल एवं आयु में वृद्धि करता है।
  • यह पुष्टिकारक है।
  • यह महिलायों के लिए अमृत सामान है।
  • इसके सेवन से महिलाओं में योनी-विकार, प्रदर vaginal dischrge, मासिक के साथ होने वाले दर्द, आदि विकार नष्ट होते हैं।
  • प्रसव के बाद इसके सेवन से महिलायों में विशेष लाभ होता है।
  • पुरुषों में इसके सेवन वीर्य को बढता है।

Composition and Method of preparation

सोंठ ड्राई जिंजर पाउडर 768 Gram

गो-घृत 768 ग्राम्स

Each 24 ग्राम्स : शतावर, विदारीकन्द, सफ़ेद मुस्ली , गोखरू , बला मुला छाल, गिलोय सत्व, दालचीनी, छोटी इलाइची, तेजपात, अजवाइन, तलसीपत्र, अजमोद, सौंफ, रसना, पोहकरमूल, वंशलोचन, देवदारु, सोया बीज , कचूर, जटामांसी, बच मोचरस, नागकेशर, जावित्री, मेथी, मुलेठी, सफ़ेद चन्दन, लाल चन्दन, वायविडंग, खस, बांसा, धनिया, कायफल, नागरमोथा.

चीनी की मात्रा, सोंठ और अन्य औषधियों की कुल मात्रा के लगभग दुगनी है।

बनाने की विधि:

सोंठ तथा अन्य औषधियों का कपड़छन चूर्ण बनाकर लें। अब गाय के घी को कढ़ाही में डालकर सोंठ को उसमे हल्का/लघु पाक भून लें। चीनी लेकर चाशनी बनायें । इसमें भुना हुआ सोंठ और अन्य औषधियों का कपड़छन चूर्ण मिला देवें, और जमा कर बर्फी की तरह काट लें । यदि और टिकाऊ बनाना है तो बूरे जैसी गाढ़ी चाशनी बनाकर सब मिलाएं और ठंडा कर पाउडर के रूप में प्रयोग करें।

मात्रा और अनुपान

  • 6 ग्राम से 24 ग्राम दिन में दो बार लें।
  • इसे गो-दुग्ध या जल के साथ लें।
  • इसे पाचन शक्ति, दोष, कोष्ठ और बलानुसार लेना चाहिए। अगर शरीर में पित्त ज्यादा हो, इसे खाने पर जलन हो तो इसका सेवन कम मात्रा में करें।

This medicine is manufactured by Baidyanath (SoubhagyaSunthi Pak), Dabur, Zandu, Sandu, Patanjali Divya Pharmacy, Sri Sri Ayurveda and many other Ayurvedic pharmacies.

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