रास्नासप्तक क्वाथ Rasna Saptak Kwath Detail and Uses in Hindi

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रास्नासप्तक क्वाथ/कषाय एक हर्बल आयुर्वेदिक काढ़ा है जिसे रसना तथा अन्य सात घटकों गोखरू, एरंड की जड़, गिलोय के तने, देवदारु, पुनर्नवा, सोंठ से बनाया गया है। काढ़े को क्वाथ या काषाय भी कहा जाता है। काढ़े, हर्ब के मिश्रण को पानी में उबाल कर बनाते हैं। आजकल बहुत से आयुर्वेदिक काढ़े बने-बनाये मिल जाते हैं। यह गोलियों के रूप में भी उपलब्ध है।

रास्नासप्तक क्वाथ को गठिया, जोड़ों के दर्द, पीठ में दर्द, साइटिका, पसली के दर्द आदि में सूजन और दर्द से आराम पाने के लिए किया जाता है। इस काढ़े में अमलतास की फली का गूदा और एरंड भी है जो की कब्ज़ को दूर कर पाचन को सही करने में मदद करते हैं।

Rasna Saptak Kwath is an herbal medicine used to get relief from pain and inflammation. The chief ingredient of this medicine is Rasna. The leaves and roots of Rasna are scientifically proven to reduce inflammation. Rasna is Tikta (Rasa), Guru (Guna), Ushna (Virya), and Katu vipak. It pacifies Kapha and Vata.

Rasna root is fragrant, bitter and useful in rheumatism and other inflammatory disorders. Its stem, leaves are muscle relaxant. Along with other herbal ingredients the roots are useful in all nervous diseases and rheumatism.

Other herbs in Rasna Saptak Kwath, supports Rasna by curing constipation, stimulating urine production and improving digestive function.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

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रसना सप्तक क्वाथ के घटक Ingredients of Rasna Saptak Kwath

  • रास्ना Rasna Aplinia galanga (Rt.) 1 part
  • गोखरू Trikantaka (Gokshura) Tribulus terrestris (Fr.) 1 part
  • एरंड Eranda Ricinus communis(Rt.) 1 part
  • गिलोय/ गुर्च Amrita (Guduchi) Tinospora cordifolia (St.) 1 part
  • देवदारु Devadaru Cedrus deodara (Ht.Wd.) 1 part
  • पुनर्नवा Punarnava Boerhavia diffusa (Rakta Punarnava) (Rt.) 1 part
  • अमलतास Aragvadha Cassia fistula (Fr.P.) 1 part
  • सोंठ Shunthi churna 1 part

रसना सप्तक क्वाथ के लाभ/फ़ायदे Benefits of Rasna Saptak Kwath

  • यह शरीर से वात को कम करती है।
  • इसके सेवन से जोड़ों के दर्द, सूजन, परेशानी से आराम मिलता है।
  • यह हर्बल दवा है।
  • यह भूख को बढ़ाती है।
  • यह कब्ज़ को दूर करती है।
  • इसके सेवन से पाचन शक्ति बढती है।
  • यह वाताघ्न और आमनाशक है।

रसना सप्तक क्वाथ के चिकित्सीय उपयोग Uses of Rasna Saptak Kwath

  • आमवात
  • कमर, जांघ, पीठ, पसली का दर्द
  • गैस के कारण पेट दर्द
  • जंघाशूल (Pain in calves)
  • उरुशूल (Pain in thighs)
  • पार्श्व शूल (Intercostal neuralgia and pleurodynia)
  • त्रिकाशूल (Pain in sacral region)
  • पृष्ठशूल (Backache)

रास्नासप्तक क्वाथ चूर्ण से क्वाथ बनाना

सूखी हर्ब के मिश्रण से काढ़ा बनाने के लिए, करीब 12 ग्राम मिश्रण को 200 ml पानी में तब तक पकाएं जब तक की पानी चौथाई रह जाए। इसे साफ़ कपड़े से छान लें और दिन में दो बार पिए। इसे एरंड तेल के साथ लेना चाहिए।

  • टेबलेट रूप में इसकी २ टेबलेट लेनी चाहिए।
  • रेडीमेड काढ़े को १०-१५ ml लेना चाहिए।
  • आवश्यकता होने पर इसे २-३ महीने नियमित लें।
  • इसे भोजन करने के पहले, यह खाली पेट लें।
  • अगर एसिडिटी हो जाती हो तो चाय के बाद भी ले सकते है।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

रसना सप्तक क्वाथ के सेवन के दौरान, शरीर में वात की वृद्धि करने वाले भोजन जैसे की मटर, उड़द, गोभी, मिठाई, भारी भोजन, मसालों आदि का सेवन न करें। भोजन सादा, हल्का, सुपाच्य खाएं। हींग, जीरा, का सेवन शरीर में वात को कम करता है। इसलिए इनका सेवन करें। इसी प्रकार परवल, करेला, लौकी भी वात को कम करते है।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

You can buy this medicine online or from medical stores.

This medicine is manufactured by Kottakkal (Rasnasaptakam Kashayam, liquid), Nirogam (Rasnasaptakam Kashayam Tablets; Dosage: 2tablet twice a day before food), Nisarg (Rasna Saptak Kwath), Nagarjun (Rasnasaptakam Kashayam), Jiva (Rasna Saptak Kwath, Coarse powder) and many other Ayurvedic pharmacies.

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