कासीसादि तेल Kasisadi Taila Detail and Uses in Hindi

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कासीसादि तैल एक आयुर्वेदिक मेडीकेटेड तेल है जिसे बाहरी रूप से त्वचा पर लगाया जाता है। यह पाइल्स के उपचार के लिए जानी मानी औषधि है। अर्श के मस्सों पर इसका प्रयोग अच्छे परिणाम देता है। क्षारत्व गुण होने से यह पाइल्स के मस्सों को काट कर गिरा देता है। गुदा पर इसका प्रयोग किसी तरह के दुष्प्रभाव नहीं दिखाता अपितु यह पाइल्स के प्रभावों को नष्ट करता है। इस तेल को नियमित रूप से २-३ महीने लगातार दिन में दो बार बाहरी रूप से लगाना चाहिए। कासीसादि तैल पाइल्स के अतिरिक्त ठीक न हो पाने वाले घाव, कॉर्न और वार्ट्स पर भी लगाया जाता है।

Kasisadi Tail is an herbal medicated oil. It is sued in treatment of difficult to treat wounds, corns, warts and piles. It is very effective in the management of 1st and 2nd degree of piles. It is kshar/alkali and corrosive in nature. It reduces bleeding, pain and pile mass.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

कासीसादि तेल के घटक Ingredients of Kasisadi Taila

  • कसीस Kasisa Ferrous sulphate 12 g
  • सेंधा नमक Saindhava lavana Rock salt 12 g
  • पिप्पली Krishna (Pippali) (Fr.) 12 g
  • सोंठ Shunthi (Rz.) 12 g
  • कूठ Kushtha (Rt.) 12 g
  • लांगली Langali Gloriosa superba (Rt./Rz.) 12 g
  • शिलाभेद Shilabhid (Pashanabheda) (Rz.) 12 g
  • कनेर Ashvamara (Karavira) (Rt./Lf.) 12 g
  • दन्ती Danti (Rt.) 12 g
  • विडंग Jantughna (Vidanga) (Fr.) 12 g
  • चित्रक Citraka (Rt.) 12 g
  • हरिताल Talaka (Haritala) 12 g
  • कुनाती Kunati 12 g
  • स्वर्णक्षीरी Svarnakshiri (Pl.) 12 g
  • स्नुही Snuhi payas (Snuhi) (St.) 12 g
  • अर्क Arka payas (St./Lf.) 12 g
  • तिल तेल Taila (Tila) (Ol.) 768 g
  • गो मूत्र Go mutra 3.072 liter

कासीसादि तेल के लाभ Benefits of Kasisadi Taila

  • यह क्षार होने के कारण पाइल्स के मस्सों को सुखा देता है।
  • यह गुदा पर होने वाली खुजली, ब्लीडिंग, दर्द आदि में राहत देता है।
  • कॉर्न पर नियमित लगाने से यह उसे मुलायम बना देता है।
  • इसमें एंटी-बैक्टीरियल, घाव को साफ़ करने और ठीक करने के गुण हैं।

कासीसादि तेल के चिकित्सीय उपयोग Uses of Kasisadi Taila

  • पाइल्स/बवासीर के मस्से Piles
  • कॉर्न Corn
  • वार्ट Wart
  • जन्मजात मस्से congenital moles
  • न ठीक होने वाले घाव non-healing wounds

प्रयोग करने का तरीका

कासीसादि तेल केवल बाहरी प्रयोग के लिए है। इसका मुंह द्वारा सेवन कभी भी न करें।

त्वचा के प्रभावित हिस्से को साफ़ कर दिन में दो बार कासीसादि तेल बाहरी रूप से लगायें।

This medicine is also known as Kasisadi Tailam, kashisadi tel.

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Manufactured by Shree Baidyanath Ayurved Bhawan (Kasisadi Tel), Shree Dhanwantri Herbals (Kasisadi taila), Nagarjun (Kasisadi Tailam), Atrey (Kasisadi Tail) and some other pharmacies.

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