हिमालया अश्वगंधा Himalaya Ashvagandha Detail and Uses in Hindi

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अश्वगंधा आयुर्वेद की अत्यंत जानी-मानी जड़ी बूटी है। यह उत्तम रसायन है जो की शरीर को बल, ताकत, ओज, और आयुष्य प्रादान करती है। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोमिनेफेरा है तथा औषधि के रूप में पौधे की जड़ ही मुख्य रूप से प्रयोग की जाती है। पौधे की जड़ को सुखा कर, कूट कर, पीस जो कपड़छन चूर्ण बनता है वही औषधि की तरह अकेले या अन्य द्रव्यों के साथ प्रयोग किया जाता है।

हिमालया अश्वगंधा में अश्वगंधा ही एकमात्र घटक है तथा इसके एक कैप्सूल में 250 mg अश्वगंधा एक्सट्रेक्ट है। जिन औषधीय प्रयोगों के लिए अश्वगंधा का प्रयोग होता है, उन्ही के लिए इस दवाई का भी प्रयोग किया जाता है।

Himalaya Ashwagandha is pure herbal extract of Ashwagandha. It is a rejuvenating tonic and helps to boost body immunity. The herb extract is also beneficial n reducing stress, anxiety and inducing sound sleep. It works best in a person who faces numerous health issues due to stress, loss of energy and anxiety.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

  1. निर्माता / ब्रांड: हिमालया ड्रग कंपनी
  2. उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  3. दवाई का प्रकार: हर्बल
  4. मुख्य उपयोग: इरेक्टाइल डिसफंक्शन
  5. मुख्य गुण: मूत्रल, वाजीकारक, वृष्य
  6. मूल्य MRP: Himalaya Herbals Ashvagandha 60 Capsules @ Rs. 135.00 (दवा के दाम बदल सकते हैं)

हिमालया अश्वगंधा के घटक Ingredients of Himalaya Ashvagandha

हर कैप्सूल में अश्वगंधा एक्सट्रेक्ट 250 mg

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है। यह पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है।

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यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है। यह पुरुषों में जननांग के विकारों के लिए एक बहुत ही अच्छी हर्ब है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है।

स्त्रियों में अश्वगंधा का सेवन स्तनपान breastfeeding कराते समय दूध की मात्रा में वृद्धि galactagogue करता है और हॉर्मोन के संतुलन में मदद करता है। इसका सेवन भ्रूण fetus को स्थिर करता है और हार्मोन पुन: बनाता है। प्रसव after delivery बाद इसका सेवन शरीर को बल देता है।

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। भारतीय अश्वगंधा के पत्तों में विथफेरिन A समेत 12 विथनॉलिडेस होते हैं। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है। अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है।

इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

हिमालया अश्वगंधा के लाभ/फ़ायदे Benefits of Himalaya Ashvagandha

  1. यह शक्तिवर्धक, शुक्राणु वर्धक एंव पौष्टिक है।
  2. यह शरीर को शक्ति प्रदान कर बलवान बनाती है।
  3. यह तंत्रिका तंत्र सबंधी कमजोरी को दूर करती है।
  4. यह वाजीकारक है।
  5. इसके सेवन से शुक्राणुओं का निर्माण होता है।
  6. यह वीर्य को गाढ़ा करती है।
  7. यह शरीर में धातुओं की वृद्धि करती है।
  8. यह शरीर की मांसपेशियों को सुदृढ़ करती है।
  9. अश्वगंधा का सेवन पेशाब के साथ मूत्र जाना, स्वप्नदोष और यौन दुर्बलता में लाभकारी है।
  10. यह पुरुष – स्त्री दोनों में ही प्रजनन स्वस्थ्य को अच्छा करती है।
  11. यह नींद न आना, तनाव, सिरदर्द, मानसिक परेशानियों, आदि में लाभप्रद है।

हिमालया अश्वगंधा के चिकित्सीय उपयोग Uses of Himalaya Ashvagandha

  1. एंग्जायटी Anxiety
  2. रसायन As a tonic
  3. हृदय रोग Cardiovascular diseases
  4. अवसाद Depression
  5. थकावट Fatigue
  6. इम्युनिटी कम हो जाना Immunosuppression
  7. जोड़ों में सूजन Joint inflammation
  8. परुषों में यौन दुर्बलता Male sexual dysfunction
  9. त्वचा रोग Skin disorders
  10. अल्सर Ulcers

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Himalaya Gokshura

  1. इस दवा की 1 गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  2. इसे पानी के साथ लें।
  3. इसे भोजन करने के बाद लें।
  4. या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications

  1. इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  2. यह दवा 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लिए अधिक उपयुक्त है क्योंकि यह प्रजनन अंगों पर प्रभाव डालती है।
  3. इसे ज्यादा मात्रा में न लें।
  4. यदि शरीर में आम दोष है, स्रोतों में रूकावट है तो इसका सेवन सावधानी से करें।
  5. बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन गर्भावस्था में नहीं किया जाना चाहिए। यद्यपि असगंध का प्रयोग गर्भावस्था में किया जाता है लेकिन इसकी मात्रा, गर्भावस्था का महिना, खतरा आदि सभी को देख कर ही  इसकी मात्रा दी जाती है। यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाता है तो यह पित्तवर्धक है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भावस्था में इसका सेवन न करे।
  6. इसे अन्य सेडेटिव दांव के साथ न लें।
  7. अश्वगंधा का सेवन रक्त में शुगर के लेवल को कम करता है। लेकिन यह असर बहुत अधिक नहीं होता।
  8. दवा के सेवन का असर कुछ सप्ताह के प्रयोग के बाद आता है।
  9. यदि आपको इसके सेवन के दौरान किसी भी प्रकार का साइड-इफेक्ट लगे या यह आपको सूट न करे तो कृपया इसे न लें।
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