गिलोय सत्व(Giloy Satva)

loading...

गिलोय(Giloy) विभिन्न रोगों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है जो एक औषधीय जड़ी बूटी है। यह कड़वा कसैले , तीखे और शक्ति में गर्म है। गिलोय भी कायाकल्प(detoxifying) और जिगर(लीवर) में सुधार , त्रिदोष हटाने , प्रतिरक्षा में सुधार करने की क्षमता है। गिलोय एक दिव्य अमृत है जिसकी वजह से इसे अमृता कहा जाता है।

Giloy has anti-spasmodic, anti-pyretic, anti-allergic, anti-inflammatory and anti-leprotic properties. It has aphrodisiac, immunostimulant, hepatoprotective, antioxidant, anticancer and antidiabetic activities.
गिलोय और गेहूं घास का रस मिश्रण प्लेटलेट बढ़ाने  में मदद करता है। Giloy सत्व या Guduchi सत्व बुखार , प्रतिरक्षा और कमजोरी के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है जो की इसके तने से प्राप्त स्टार्च है।
आम नाम : गुडूची, गिलोय
संस्कृत नाम : गुदुचि , अमृता , Chakralakshana
लैटिन नाम : Tinospora cordifolia

गिलोय सत्व की सामग्री
  • गिलोय या अमृता का तना
गिलोय सत्व के उपयोग
  • क्रोनिक बुखार , वायरल बुखार , मलेरिया बुखार
  • क्रोनिक डायरिया और पेचिश
  • श्वाप्नदोश
  • शारीरिक कमजोरी
  • मूत्र में जलन
  • मूत्र रुकावट ( मूत्र के प्रवाह की रुकावट )
गिलोय सत्व की खुराक

पानी के साथ 1 से 2 ग्राम दिन में दो बार।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*