Divya Dhara दिव्य धारा

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Divya Dhara is an Ayurvedic medicine from Swami Ramdev’s Divya pharmacy. It shows beneficial effect in treatment of cholera, coughing, colic pain, indigestion, flatulence, gas, asthma, headache, toothache, and impaired digestion. Divya Dhara is applied on forehead to get relief from headache. It is also used in asthma and respiratory problems. For toothache, two or three drops are put on cotton and kept on the affected area.

Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses and dosage of this medicine in Hindi language.

दिव्य धारा स्वामी रामदेव की पतंजलि दिव्य फार्मेसी में निर्मित आयुर्वेदिक दवा है। यह दवा सिर दर्द, दांत दर्द, नाक से खून, कान के रोग, अस्थमा और पाचन तंत्र की समस्याओं के उपचार में उपयोगी है। इसके प्रयोग का तरीका, रोग के ऊपर निर्भर है।

नीचे इस दवा के घटक, गुण, उपयोग और इस्तेमाल की विधि के बारे में जानकारी दी गयी है।

घटक Ingredients

पिपरमेंट oil, देसी कपूर, अजवाइन सत्, लवंग, और नीलगिरी का तेल

मुख्य गुणधर्म और उपयोग Qualities and therapeutic uses

दिव्य धारा का मुख्य घटक पिपरमिंट आयल है जो की पेट और श्वसन, दोनों के लिए उपयोगी है। यह पित्त को बढ़ाता है तथा गैस, मरोड़, ऐठन, उलटी, आदि को कम करता है। इसके प्रयोग से अफारा, मरोड़ और पेट दर्द में आराम मिलता है। यह सांस सम्बन्धी तकलीफों में भी अच्छा प्रभाव दिखाता है। यह श्वसन प्रणाली में कफ, और जकड़न कम करता है। यह bronchial passageways (फेफड़ों में हवा जाने के रास्ते) को फैलता है जिससे सांस की तकलीफों में आराम मिलता है।

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  1. दिव्य धारा में दर्द कम करने वाले, सुन्न करने वाले, कीटाणुनाशक और सूजन कम करने के गुण हैं।
  2. इसका प्रयोग इन तकलीफों में किया जा सकता है:-
  3. हैजा
  4. सिरदर्द, दांत दर्द, कान की समस्या
  5. नाक से खून, खांसी
  6. त्वचा की एलर्जी
  7. पेट में गैस, अपच, कमजोर पाचन
  8. मुश्किल श्वास, दमा

सेवनविधि और मात्रा How to take and dosage

हैजा के लिए: सौंफ अर्क में दिव्य धारा की कुछ बूँदें (5-10) डालें और हर पंद्रह मिनट के मरीज को दें। जब मरीज बेहतर होने लगे तो समय अन्तराल बढ़ा दें, जैसे हर आधे घंटे बाद, फिर एक घंटे के बाद, फिर दो घंटे के बाद।

सिर दर्द के लिए: माथे पर लगा मालिश करें। १-२ बूँद सूंघने से भी सर दर्द में लाघ होता है।

दांत दर्द के लिए: रुई पर कुछ बूँदें (3-4) डालें और प्रभावित दांत पर लगायें।

अस्थमा, सांस की समस्याएं के लिए,: छाती पर लागायें। पानी (500-1000 मिलीलीटर) में कुछ बूँदें (4-5) डालें और भाप लें।।

पेट दर्द, गैस, अफारा: पाचन की इन समस्याओं में खांड, बताशा, या गर्म पानी में कुछ बूँदें (3-4) डालें और लें।

Where to buy

आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

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