Ashwagandharishta अश्वगन्धारिष्ट in Hindi

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Ashwagandharishta is a polyherbal Ayurvedic formulation. This medicine is nerving tonic used in neurological and mental disorders. Here information is given about complete list of ingredients, properties, uses and dosage of this medicine in Hindi language.

अश्वगन्धारिष्ट एक क्लासिकल आयुर्वेदिक दवा है। इसका मुख्य घटक अश्वगंधा है। अश्वगंधा के अतिरिक्त इसमें बहुत से अन्य द्रव्य जैसे की मुसली, मंजीठ, हल्दी, दारूहल्दी आदि भी हैं। यह दवा एक रसायन है।

ashwagandharishta

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ें आयुर्वेद में टॉनिक, कामोद्दीपक, वजन बढ़ाने के लिए और शरीर की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए increases weight and improves immunity प्रयोग की जाती है। अश्वगंधा तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा nervous weakness, fainting, giddiness and insomnia तथा अन्य मानसिक विकारों की भी अच्छी दवा है। यह पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह पुरुष प्रजनन अंगों पर विशेष प्रभाव डालती है। यह पुरुषों में जननांग के विकारों के लिए एक बहुत ही अच्छी हर्ब है। यह वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करती है। स्त्रियों में अश्वगंधा का सेवन स्तनपान breastfeeding कराते समय दूध की मात्रा में वृद्धि galactagogue करता है और हॉर्मोन के संतुलन में मदद करता है। इसका सेवन भ्रूण fetus को स्थिर करता है और हार्मोन पुन: बनाता है। प्रसव after delivery बाद इसका सेवन शरीर को बल देता है।

अश्वगंधा जड़ में कई एल्कलॉइड होते हैं जैसे की, विथानिन, विथानानाइन, सोमनाइन, सोम्निफ़ेरिन आदि। भारतीय अश्वगंधा के पत्तों में विथफेरिन A समेत 12 विथनॉलिडेस होते हैं। जड़ में फ्री अमीनो एसिड में जैसे की एस्पार्टिक अम्ल, ग्लाइसिन, टाइरोसीन शामिल एलनाइन, प्रोलाइन, ट्रीप्टोफन ,ग्लूटामिक एसिड और सीस्टीन aspartic acid, glycine, tyrosine, alanine, proline, tryptophan, glutamic acid and cysteine आदि भी पाए जाते हैं। विथानिन में शामक और नींद दिलाने वाला गुण है sedative and hypnotic। विथफेरिन एक अर्बुदरोधी antitumor, एंटीऑर्थरिटिक anti-arthritic और जीवाणुरोधी antibacterial है। अश्वगंधा स्वाद में कसैला-कड़वा और मीठा होता है। तासीर में यह गर्म hot in potency है। इसका सेवन वात और कफ को कम करता है लेकिन बहुत अधिक मात्रा में सेवन शरीर में पित्त और आम को बढ़ा सकता है। यह मुख्य रूप से मांसपेशियों muscles, वसा, अस्थि, मज्जा/नसों, प्रजनन अंगों reproductive organ, लेकिन पूरे शरीर पर काम करता है। यह मेधावर्धक, धातुवर्धक, स्मृतिवर्धक, और कामोद्दीपक है। यह बुढ़ापे को दूर करने वाली औषधि है।

नीचे इस दवा के घटक, गुण, सेवनविधि, और मात्रा के बारे में जानकारी दी गयी है।

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  • पर्याय: Ashwagandharishta, Aswagandharishtam
  • दवाई का प्रकार: हर्बल आयुर्वेदिक दवा
  • प्रमुख प्रयोग: टॉनिक, धातु वृद्धि
  • दोष पर असर: वातहर
  • दवा के लिए अनुपान: गर्म जल

अश्वगन्धारिष्ट के घटक Ingredients of Ashwagandharishta

  1. Ashvagandha अश्वगंधा Withania somnifera Root 2.4 kg
  2. Musali मुस्ली Chlorophytum tuberosum Root 960 g
  3. Manjishtha मंजीठ Rubia cordifolia Root 480 g
  4. Haritaki हरितकी Terminalia chebula Pericarp 480 g
  5. Haridra हल्दी Curcuma longa Rhizome 480 g
  6. Daruharidra दारुहल्दी Berberis aristata Stem 480 g
  7. Madhuka (YashtiI) मुलेठी Glycyrrhiza glabra Root 480 g
  8. Rasna रसना Pluchea lanceolata Root/Leaf 480 g
  9. Vidari विदारी Pueraria tuberosa Root Trunk 480 g
  10. Partha (Arjuna) अर्जुन Terminalia arjuna Stem Bark 480 g
  11. Mustaka (Musta) मोथा Cyperus rotundus Rhizome 480 g
  12. Trivrit त्रिवृत Ipomoea turpethum Root 480 g
  13. Ananta (Shveta sarivaI) अनंत Hemidesmus indicus Root 384 g
  14. Krishna sariva कृष्ण सारिवा Cryptolepis buchanani Root 384 g
  15. Shveta Candana सफ़ेद चन्दन Santalum album Heart Wood 384 g
  16. Rakta Candana लाल चन्दन Pterocarpus santalinus Heart Wood 384 g
  17. Vaca वासा Acorus calamus Rhizome 384 g
  18. Citraka चित्रक Plumbago zeylanica Root 384 g
  19. Jala पानी for decoction Water 98.304 liter reduced to 12.288 liter
  20. Prakshepa Dravyas
  21. Makshika (Madhu) शहद Honey 14.4 kg
  22. Dhataki धातकी Woodfordia fruticose Flower 768 g
  23. Shunthi सोंठ Zingiber officinale Rhizome 96 g
  24. Marica काली मिर्च Piper nigrum Fruit 96 g
  25. Pippali पिप्पली Piper longum Fruit 96 g
  26. Tvak दालचीनी Cinnamomum zeylanicum Stem Bark 192 g
  27. Ela छोटी इलाइची Elettaria cardamomum Seed 192 g
  28. Patra (TejapatraI) तेज पत्र Cinnamomum tamala Leaf 192 g
  29. Priyangu प्रियंगु Callicarpa macrophylla Flower 192 g
  30. Nagakeshara नाग केशर Mesua ferrea Stamen 96 g

मुख्य गुणधर्म Qualities

  • रसायन: द्रव्य जो शरीर की बीमारियों से रक्षा करे और वृद्धवस्था को दूर रखे।
  • वृष्य: द्रव्य जो बलकारक, वाजीकारक, वीर्य वर्धक हो।
  • वातहर: द्रव्य जो वातदोष निवारक हो।
  • शुक्रकर: द्रव्य जो शुक्र का पोषण करे।
  • पाचन: द्रव्य जो आम को पचाता हो लेकिन जठराग्नि को न बढ़ाये।
  • दीपन: द्रव्य जो जठराग्नि तो बढ़ाये लेकिन आम को न पचाए।
  • शुक्रल: द्रव्य जो शुक्र की वृद्धि करे।

अश्वगन्धारिष्ट के फायदे

  1. यह शरीर को बल और शक्ति देती है।
  2. यह कान्ति, भूख, वज़न, और प्रतिरक्षा को बढाती है।
  3. प्रसूति के बाद इसके सेवन से महिलाओं की कमजोरी दूर होती है।
  4. यह दिमाग की विकृति, कमजोरी और थकावट दूर करती है।
  5. यह स्नायु में स्फूर्ति दे दिमाग को तरोताजा करती है।
  6. यह सप्तधातु को पोषित करती है।
  7. इसका विशेष प्रभाव प्रजनन अंगों पर होता है।
  8. यह पाचन को अच्छा करती है।
  9. यह मस्तिष्क रोगों, दिमागी कमजोरी, स्ट्रेस, अवसाद आदि को कम करने में सहायक है।
  10. यह शरीर के हर अंग को ताकत देती है।
  11. यह ओजवर्धक, बलवर्धक, वृष्य, जीवनीय, और उत्तम रसायन है।
  12. यह प्रतिरक्षा बढ़ाती है immune-boosting और मस्तिष्क-टॉनिक brain tonic है।
  13. यह उत्तम रसायन, कामोद्दीपक और फर्टिलिटी बढ़ाने वाली दवा है।
  14. यह तंत्रिका कमजोरी, बेहोशी, चक्कर और अनिद्रा में मदद करती है।

चिकित्सीय उपयोग Therapeutic uses

इसके सेवन से बेहोशी, स्त्रियों का हिस्टीरिया रोग, दिल की धड़कन, बेचैनी, चित्त की घबराहट, भ्रम, याददाश्त की कमी, बहुमूत्र, कमज़ोर पाचन, बवासीर, सिर में दर्द, काम में मन न लगना, बुढ़ापे की शिथिलता, आदि रोग नष्ट होते हैं और बल, वीर्य, कान्ति, और शक्ति की वृद्धि होती है।

मानसिक विकार

  1. मानसिक दुर्बलता Mental debility
  2. याददाश्त में कमी Loss of memory
  3. उन्माद mania/psychosis, senile debility मनोविकृति, दुर्बलता
  4. बेहोशी, मिर्गी epilepsy
  5. तनाव stress
  6. अवसाद depression
  7. अनिद्रा sleeplessness / insomnia

पुरुषों के रोग

  1. स्तंभन दोष erectile dysfunction
  2. अल्पशुक्राणुता oligospermia
  3. नामर्दी Impotance
  4. वीर्य की कमी

पाचन के रोग

  1. पाचन की कमजोरी (digestive impairment)
  2. बवासीर piles

तथा इन रोगों में,

  1. शारीरिक दुर्बलता Physical debility
  2. तंत्रिका तंत्र की दुर्बलता Nervine debility
  3. वात रोग (मस्तिष्क संबंधी विकार), आमवात
  4. कम रोगप्रतिरोधक क्षमता
  5. हिस्टीरिया

सेवनविधि और मात्रा How to take and dosage

  1. यह आयुर्वेद का अरिष्ट है और इसे लेने की मात्रा 12-24 मिलीलीटर है।
  2. दवा को पानी की बराबर मात्रा के साथ-साथ मिलाकर लेना चाहिए।
  3. इसे सुबह नाश्ते के बाद और रात्रि के भोजन करने के बाद लें।
  4. इसे भोजन के 30 मिनट में बाद, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  5. इस दवा को 3 महीने या उससे अधिक समय तक लें।
  6. या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।
  7. इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side- effects/Contraindications

  1. इसे निर्धारित मात्रा में लें।
  2. इसे खाली पेट न लें। इसमें 5-10% self-generated अल्कोहल है।
  3. यह आयुर्वेद की आसव – अरिष्ट प्रकार की दवा है। इसमें किण्वन के दौरान अल्कोहल उत्पन्न होता है। यह अल्कोहल दवा के शरीर में सही से और जल्दी अवशोषण में मदद करती है।

Where to buy

आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

Ashwagandharishta is manufactured by Dabur, Shree Baidyanath Ayurved Bhawan, Sandu, Patanjali Divya Pharmacy, Shree Dhootapapeshwar Limited (Ashwagandharishta), Oushadasala (Aswagandharishtam), Kottakkal (Aswagandharishtam), Rajah Ayurveda (Aswagandharishtam), Kerla Ayurveda, and some other pharmacies.

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12 thoughts on “Ashwagandharishta अश्वगन्धारिष्ट in Hindi

  1. सस्ता ,सेहत के लिए अच्छा है….

  2. अश्वगंधारिश्ट के सेवन के समय किन किन चीजों के परहेज रखें।

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