अजमोद अर्क Ajmoda Arka Detail and Uses in Hindi

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अजमोद अर्क अग्निमांद्य, अजीर्ण, वात-कफ रोगों और बस्ती रोगों के लिए दी जाती है। अग्निमांद्य का मतलब शरीर में पाचन शक्ति की कमी जो की अपच तथा अन्य कई बीमारियां का कारण बन जाती है। अग्निमांद्य में पाचक अग्नि का सही से निर्माण नहीं हो पाता। ऐसा बिगड़े हुए वात और कफ दोष के कारण होता है। अग्निमांद्य के कारण अपच, गैस, भूख न लगना आदि समस्याएं हो जाती है।

यह दवा अजमोद का अर्क है। अजमोद Trachyspermum Roxburghianum पौधे का बीज है। अजमोद उल्टी, अपच, पेट में दर्द में लाभकारी प्रभाव दिखाता है। इसे कई वातहर और पाचन को सही करने वाली दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। अजमोद स्वाद में कड़वा और तेज गंध वाला होता है। इसके सेवन से ऐंठन, गैस, अपच, पेट दर्द, और खांसी में राहत मिलती है। अजमोद में पाचन वर्धक, मूत्रवर्धक, कृमिनाशक, और वातहर गुण है।

Ajamoda Arka is a liquid preparation obtained by hydro-distillation of fruits of Trachyspermum roxburghianum. This medicine is OTC medicine and indicated in digestive impairment, dyspepsia, urinary bladder disorder and diseases due to Vata and Kapha dosha.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

अजमोद अर्क के घटक

अजमोद के बीज

अजमोद अर्क के चिकित्सीय उपयोग

  • अग्निमांद्य: मन्दाग्नि, जठराग्नि का मंद पड़ जाना, भूख कम होना; पाचन शक्ति की कमी
  • अजीर्ण (dyspepsia)
  • बस्ती रोग (urinary bladder disorder)
  • वात-कफ रोग (diseases due to Vata and Kapha dosha)

सेवन विधि और मात्रा

10 बूँद दिन में दो बार। इसे निर्धारित मात्रा से ज्यादा न लें।

या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

This medicine is manufactured by Sri Sri Ayurveda Ajmoda Arka and many other Ayurvedic pharmacies।

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